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अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम की पत्नी को नहीं मिला कब्जा
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ग्रेटर नोएडा। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल की पत्नी दांग्वीसाई पुल फिर से यूपी रेरा पहुंची हैं। इस बार पूर्व सीएम की पत्नी ने आदेश का पालन कराने की अपील की है। जिस पर यूपी रेरा की पीठ दो सुनवाई कर रही है। आदेश में बिल्डर को बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट (बीबीए) के आधार पर 15 यूनिट पर दिसंबर 2019 तक कब्जा देना था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में वर्धमान एस्टेट बिल्डर का आई वैली नाम से प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट में कोयलम तौशिक के नाम से संपत्ति खरीदी गई थी। कोयलम तौशिक से पूर्व सीएम की पत्नी ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) करा ली। जीपीए के आधार पर पूर्व सीएम की पत्नी ने यूपी रेरा में बिल्डर के खिलाफ शिकायत की। प्रोजेक्ट में 7.5 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदी गई थी। चेक और नकद भुगतान की गई धनराशि से 29 यूनिट खरीदी गई थी। उन पर कब्जा दिलाने की मांग की गई थी। तब बिल्डर ने संपत्ति के मूल खरीदार को ही कब्जा देने का दावा किया था। दोनों पक्ष को सुनने के बाद यूपी रेरा की पीठ ने 27 अगस्त, 2019 को आदेश जारी कर बिल्डर को दिसंबर 2019 तक कब्जा देने को कहा था। बीबीए के तहत 15 यूनिट पर कब्जा देना है। अन्य 14 यूनिट के दावों को खारिज कर दिया था। उसके लिए सिविल कोर्ट जाने की सलाह दी गई थी। आदेश का पालन नहीं करने पर बिल्डर को 45 दिन के अंदर ब्याज समेत जमा धनराशि लौटानी थी। लेकिन बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया है। जिस पर पूर्व सीएम की पत्नी ने फिर यूपी रेरा का दरवाजा खटखटाया है।
बिल्डर को दिसंबर 2019 तक कब्जा देने का आदेश दिया गया था। लेकिन अभी तक आदेश का पालन नहीं किया है। शिकायतकर्ता ने पीठ के समक्ष आदेश का पालन कराने की अपील दायर की है। उस पर सुनवाई जारी है। - बलविंदर कुमार, सदस्य यूपी रेरा
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ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में वर्धमान एस्टेट बिल्डर का आई वैली नाम से प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट में कोयलम तौशिक के नाम से संपत्ति खरीदी गई थी। कोयलम तौशिक से पूर्व सीएम की पत्नी ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) करा ली। जीपीए के आधार पर पूर्व सीएम की पत्नी ने यूपी रेरा में बिल्डर के खिलाफ शिकायत की। प्रोजेक्ट में 7.5 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदी गई थी। चेक और नकद भुगतान की गई धनराशि से 29 यूनिट खरीदी गई थी। उन पर कब्जा दिलाने की मांग की गई थी। तब बिल्डर ने संपत्ति के मूल खरीदार को ही कब्जा देने का दावा किया था। दोनों पक्ष को सुनने के बाद यूपी रेरा की पीठ ने 27 अगस्त, 2019 को आदेश जारी कर बिल्डर को दिसंबर 2019 तक कब्जा देने को कहा था। बीबीए के तहत 15 यूनिट पर कब्जा देना है। अन्य 14 यूनिट के दावों को खारिज कर दिया था। उसके लिए सिविल कोर्ट जाने की सलाह दी गई थी। आदेश का पालन नहीं करने पर बिल्डर को 45 दिन के अंदर ब्याज समेत जमा धनराशि लौटानी थी। लेकिन बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया है। जिस पर पूर्व सीएम की पत्नी ने फिर यूपी रेरा का दरवाजा खटखटाया है।
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बिल्डर को दिसंबर 2019 तक कब्जा देने का आदेश दिया गया था। लेकिन अभी तक आदेश का पालन नहीं किया है। शिकायतकर्ता ने पीठ के समक्ष आदेश का पालन कराने की अपील दायर की है। उस पर सुनवाई जारी है। - बलविंदर कुमार, सदस्य यूपी रेरा
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