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शाहपुर गोवर्धनपुर में 246 परिवारों को बेदखली का नोटिस, ग्रामीण भड़के
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सेक्टर 128 स्थित शाहपुर गोवर्धनपुर में किसानों की महा पंचायत ।
नोएडा। सेक्टर-128 स्थित शाहपुर गोवर्धनपुर गांव में रहने वाले 246 परिवारों को जिला प्रशासन ने नोटिस भेजकर 15 दिन में ग्राम सभा की जमीन को खाली करने का आदेश जारी किया है। इस पर किसानों के पुश्तैनी मकान बने हुए हैं। नोटिस के विरोध में रविवार को गांव के प्राइमरी स्कूल में 40 गांवों के लोगों की महापंचायत हुई, जिसमें जिला प्रशासन के फैसले के विरोध में जन आंदोलन छेड़ने का एलान किया गया। हर गांव से 20-20 लोगों को जोड़कर प्रशासन और प्राधिकरण को घेरा जाएगा।
ग्राम विकास संगठन की महापंचायत में घोषणा की गई कि किसी भी किसान व ग्रामीण के मकान को यूं ही नहीं जाने देंगे। किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि अपनी मेहनत से पूर्वजों ने मकान तैयार किए हैं। अब हम इन्हें छोड़कर कहां जाएंगे। उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध जताने का एलान किया। इस मौके पर किसान सुधीर चौहान, सुरेंद्र प्रधान, डीपी चौहान, सूरज प्रधान, चैन सिंह प्रधान, प्रमोद त्यागी, राजेंद्र यादव, चरन सिंह आदि ने कहा कि जिला प्रशासन मंशा व्यक्त करे। हमारे पूर्वजों के बनाए मकान से बेदखल कर प्रशासन व प्राधिकरण यहां क्या बनाना चाहता है। 100 साल से जिस भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं, उसे खाली करने के नोटिस से नोएडा के ग्रामीणों में नाराजगी है।
स्वामित्व नियम का दिया हवाला
खलीफा ने कहा कि देशभर में स्वामित्व नियम अस्तित्व में है। इसके तहत किसी को मकान व जमीन से बेदखल नहीं किया जा सकता। फिर प्रशासन और प्राधिकरण किस नियम के तहत मकान व जमीन से बेदखल कर रहे हैं। अगर यही रवैया रहा तो इसका पुरजोर विरोध करेंगे व गांव में जिला प्रशासन या प्राधिकरण की टीम को प्रवेश करने नहीं देंगे।
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‘पुश्तैनी मकान है, कैसे छोड़ दें’
महापंचायत में महेश कुमार ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें बेदखल कर दिया है। अब पुश्तैनी मकान को छोड़कर कहां जाएं। जिस आंगन में बचपन बीता। खेलते-कूदते स्कूल गए और अब बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी निभाने का वक्त आ गया है, तो घर छोड़कर सड़क पर रात बितानी पड़ेंगी। नोटिस मिलने के बाद न तो रात को नींद आ रही है, न भूख-प्यास लग रही है। पुनर्वास की कोई योजना नहीं है।
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ग्राम विकास संगठन की महापंचायत में घोषणा की गई कि किसी भी किसान व ग्रामीण के मकान को यूं ही नहीं जाने देंगे। किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि अपनी मेहनत से पूर्वजों ने मकान तैयार किए हैं। अब हम इन्हें छोड़कर कहां जाएंगे। उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध जताने का एलान किया। इस मौके पर किसान सुधीर चौहान, सुरेंद्र प्रधान, डीपी चौहान, सूरज प्रधान, चैन सिंह प्रधान, प्रमोद त्यागी, राजेंद्र यादव, चरन सिंह आदि ने कहा कि जिला प्रशासन मंशा व्यक्त करे। हमारे पूर्वजों के बनाए मकान से बेदखल कर प्रशासन व प्राधिकरण यहां क्या बनाना चाहता है। 100 साल से जिस भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं, उसे खाली करने के नोटिस से नोएडा के ग्रामीणों में नाराजगी है।
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स्वामित्व नियम का दिया हवाला
खलीफा ने कहा कि देशभर में स्वामित्व नियम अस्तित्व में है। इसके तहत किसी को मकान व जमीन से बेदखल नहीं किया जा सकता। फिर प्रशासन और प्राधिकरण किस नियम के तहत मकान व जमीन से बेदखल कर रहे हैं। अगर यही रवैया रहा तो इसका पुरजोर विरोध करेंगे व गांव में जिला प्रशासन या प्राधिकरण की टीम को प्रवेश करने नहीं देंगे।
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‘पुश्तैनी मकान है, कैसे छोड़ दें’
महापंचायत में महेश कुमार ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें बेदखल कर दिया है। अब पुश्तैनी मकान को छोड़कर कहां जाएं। जिस आंगन में बचपन बीता। खेलते-कूदते स्कूल गए और अब बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी निभाने का वक्त आ गया है, तो घर छोड़कर सड़क पर रात बितानी पड़ेंगी। नोटिस मिलने के बाद न तो रात को नींद आ रही है, न भूख-प्यास लग रही है। पुनर्वास की कोई योजना नहीं है।