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Noida News: स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के लिए खुलेगा एस्क्रो अकाउंट
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स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के लिए खुलेगा एस्क्रो अकाउंट
-परियोजना में लगाया जाने वाला पैसा नोएडा प्राधिकरण की निगरानी में होगा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-150 समेत अन्य स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं को उबारने की कोशिश लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में प्राधिकरण ने यह फैसला किया है कि अब खरीदारों की ओर से बुकिंग और फ्लैट के लिए दिया गया पैसा बिल्डर-प्राधिकरण के एस्क्रो अकाउंट में रहेगा। यानी बिल्डर को जरूरत के हिसाब से यह पैसा प्राधिकरण की निगरानी में दिया जाएगा। इसका मकसद यह होगा कि पैसे को कहीं डायवर्ट न किया जा सके।
दरअसल, बिल्डरों ने फ्लैट खरीदारों से पैसा तो लिया, लेकिन अधिकांश परियोजनाओं में पैसे को डायवर्ट कर दिया। यह पैसा परियोजना में नहीं लगाया। ऐसे में कई परियोजनाओं में अब तक फ्लैटों का निर्माण नहीं हो पाया। इस वजह से हजारों फ्लैट खरीदार अब भी फंसे हुए हैं। एस्क्रो अकाउंट खुलने से उनका पैसा सुरक्षित रहेगा और प्राधिकरण की देखरेख में निर्माण कार्य हो सकेगा।
इस बाबत प्राधिकरण की ओर से एक सलाहकार एजेंसी का भी चयन किया गया है। उक्त एजेंसी ने स्पोर्ट्स सिटी साइट का दौरा किया। लेकिन अब तक इस परियोजना रोडमैप बनाने के लिए किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि उक्त एजेंसी को एक बार नोटिस दिया जा चुका है। अब उनको एक तय समय में रोडमैप बनाने का काम सौंपा गया है। समय बीतने के बाद उनको फिर से बुलाया जाएगा।
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हालांकि सूत्रों की मानें तो एस्क्रो अकाउंट खोलने की योजना से परियोजना को नया जीवन मिल सकता है। लेकिन अब यह देखना है कि कौन-कौन सी परियोजनाओं में खरीदार पैसे लगा रहे हैं और कौन-कौन सी परियोजनाओं में नए सिरे से काम शुरू हो रहा है।
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-परियोजना में लगाया जाने वाला पैसा नोएडा प्राधिकरण की निगरानी में होगा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-150 समेत अन्य स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं को उबारने की कोशिश लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में प्राधिकरण ने यह फैसला किया है कि अब खरीदारों की ओर से बुकिंग और फ्लैट के लिए दिया गया पैसा बिल्डर-प्राधिकरण के एस्क्रो अकाउंट में रहेगा। यानी बिल्डर को जरूरत के हिसाब से यह पैसा प्राधिकरण की निगरानी में दिया जाएगा। इसका मकसद यह होगा कि पैसे को कहीं डायवर्ट न किया जा सके।
दरअसल, बिल्डरों ने फ्लैट खरीदारों से पैसा तो लिया, लेकिन अधिकांश परियोजनाओं में पैसे को डायवर्ट कर दिया। यह पैसा परियोजना में नहीं लगाया। ऐसे में कई परियोजनाओं में अब तक फ्लैटों का निर्माण नहीं हो पाया। इस वजह से हजारों फ्लैट खरीदार अब भी फंसे हुए हैं। एस्क्रो अकाउंट खुलने से उनका पैसा सुरक्षित रहेगा और प्राधिकरण की देखरेख में निर्माण कार्य हो सकेगा।
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इस बाबत प्राधिकरण की ओर से एक सलाहकार एजेंसी का भी चयन किया गया है। उक्त एजेंसी ने स्पोर्ट्स सिटी साइट का दौरा किया। लेकिन अब तक इस परियोजना रोडमैप बनाने के लिए किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि उक्त एजेंसी को एक बार नोटिस दिया जा चुका है। अब उनको एक तय समय में रोडमैप बनाने का काम सौंपा गया है। समय बीतने के बाद उनको फिर से बुलाया जाएगा।
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हालांकि सूत्रों की मानें तो एस्क्रो अकाउंट खोलने की योजना से परियोजना को नया जीवन मिल सकता है। लेकिन अब यह देखना है कि कौन-कौन सी परियोजनाओं में खरीदार पैसे लगा रहे हैं और कौन-कौन सी परियोजनाओं में नए सिरे से काम शुरू हो रहा है।