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पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ को दिया गया वाटर हीरो का खिताब
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पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़।
- फोटो : Grnoida
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पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ को दिया गया वाटर हीरो का खिताब
ग्रेटर नोएडा। शहर के पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने वाटर हीरो का खिताब दिया है। बृहस्पतिवार को मंत्रालय ने उनको ई-मेल भेजकर इसकी जानकारी दी है। विक्रांत दस साल से जल संरक्षण के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। इसी मुहिम के लिए उनको यह खिताब दिया गया है। विक्रांत तोंगड़ का कहना है कि पुरस्कार में मिलने वाली धनराशि को तालाबों की साफ-सफाई पर खर्च किया जाएगा। विक्रांत तोंगड़ ग्रेटर नोएडा के खेड़ी भनौता गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय की तरफ से हर माह देश में पानी बचाने का काम करने वाले लोगों को वाटर हीरो का खिताब दिया जाता है। उनके एक साथी ने मंत्रालय में आवेदन किया था। देशभर से आवेदन मिलने के बाद मंत्रालय ने नवंबर, 2020 का वाटर हीरो का खिताब 8 लोगों को दिया है, जो देश के अलग-अलग कोने से हैं। उन्होंने बताया कि कोविड के कारण इस बार विज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। मंत्रालय ई-मेल से ही प्रमाणपत्र भेजेगा। साथ ही 10000 रुपये की धनराशि दी जाएगी।
10 साल से कर रहे हैं पानी बचाने का काम
विक्रांत तोंगड़ 10 साल से पानी बचाव के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। वो लोगों को जागरूक करने के साथ वेटलैंड को बचाने, तालाबों का जीर्णोद्घार, पानी बचाव पर पंचायत, एनजीटी में अहम मुद्दों को उठाने, वर्ष जल संरक्षण आदि का काम कर रहे हैं। इस समय सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट (सेफ) के सदस्य हैं। उन्होंने यह खिताब अपनी टीम को समर्पित किया है।
दो अहम कार्यों से मिली पहचान
विक्रांत तोंगड़ को दो अहम कार्यों से पहचान मिली है। पहला 11 जनवरी, 2013 को एनजीटी का अहम आदेश रहा। वर्ष 2012-13 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 500 से अधिक बिल्डर जल दोहन कर रहे थे। इसकी शिकायत एनजीटी में की। एनजीटी ने बिल्डरों द्वारा भूजल का उपयोग करने पर रोक लगा दी। बाद में यह आदेश दिल्ली एनसीआर पर लागू कर दिया गया। वहीं, दूसरा कार्य एक दर्जन से अधिक तालाबों को साफ कराना रहा। मंत्रालय ने भी इसकी सराहना की है। इस काम में प्राधिकरण और कॉरपोरेट कंपनियों ने भी मदद की।
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ग्रेटर नोएडा। शहर के पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने वाटर हीरो का खिताब दिया है। बृहस्पतिवार को मंत्रालय ने उनको ई-मेल भेजकर इसकी जानकारी दी है। विक्रांत दस साल से जल संरक्षण के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। इसी मुहिम के लिए उनको यह खिताब दिया गया है। विक्रांत तोंगड़ का कहना है कि पुरस्कार में मिलने वाली धनराशि को तालाबों की साफ-सफाई पर खर्च किया जाएगा। विक्रांत तोंगड़ ग्रेटर नोएडा के खेड़ी भनौता गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय की तरफ से हर माह देश में पानी बचाने का काम करने वाले लोगों को वाटर हीरो का खिताब दिया जाता है। उनके एक साथी ने मंत्रालय में आवेदन किया था। देशभर से आवेदन मिलने के बाद मंत्रालय ने नवंबर, 2020 का वाटर हीरो का खिताब 8 लोगों को दिया है, जो देश के अलग-अलग कोने से हैं। उन्होंने बताया कि कोविड के कारण इस बार विज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। मंत्रालय ई-मेल से ही प्रमाणपत्र भेजेगा। साथ ही 10000 रुपये की धनराशि दी जाएगी।
10 साल से कर रहे हैं पानी बचाने का काम
विक्रांत तोंगड़ 10 साल से पानी बचाव के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। वो लोगों को जागरूक करने के साथ वेटलैंड को बचाने, तालाबों का जीर्णोद्घार, पानी बचाव पर पंचायत, एनजीटी में अहम मुद्दों को उठाने, वर्ष जल संरक्षण आदि का काम कर रहे हैं। इस समय सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट (सेफ) के सदस्य हैं। उन्होंने यह खिताब अपनी टीम को समर्पित किया है।
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दो अहम कार्यों से मिली पहचान
विक्रांत तोंगड़ को दो अहम कार्यों से पहचान मिली है। पहला 11 जनवरी, 2013 को एनजीटी का अहम आदेश रहा। वर्ष 2012-13 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 500 से अधिक बिल्डर जल दोहन कर रहे थे। इसकी शिकायत एनजीटी में की। एनजीटी ने बिल्डरों द्वारा भूजल का उपयोग करने पर रोक लगा दी। बाद में यह आदेश दिल्ली एनसीआर पर लागू कर दिया गया। वहीं, दूसरा कार्य एक दर्जन से अधिक तालाबों को साफ कराना रहा। मंत्रालय ने भी इसकी सराहना की है। इस काम में प्राधिकरण और कॉरपोरेट कंपनियों ने भी मदद की।
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