फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Environmentalist Vikrant Tongad was given the title of Water Hero

पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ को दिया गया वाटर हीरो का खिताब

Fri, 08 Jan 2021 01:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:23 AM IST
विज्ञापन
Environmentalist Vikrant Tongad was given the title of Water Hero
पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़। - फोटो : Grnoida
पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ को दिया गया वाटर हीरो का खिताब
विज्ञापन

ग्रेटर नोएडा। शहर के पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने वाटर हीरो का खिताब दिया है। बृहस्पतिवार को मंत्रालय ने उनको ई-मेल भेजकर इसकी जानकारी दी है। विक्रांत दस साल से जल संरक्षण के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। इसी मुहिम के लिए उनको यह खिताब दिया गया है। विक्रांत तोंगड़ का कहना है कि पुरस्कार में मिलने वाली धनराशि को तालाबों की साफ-सफाई पर खर्च किया जाएगा। विक्रांत तोंगड़ ग्रेटर नोएडा के खेड़ी भनौता गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय की तरफ से हर माह देश में पानी बचाने का काम करने वाले लोगों को वाटर हीरो का खिताब दिया जाता है। उनके एक साथी ने मंत्रालय में आवेदन किया था। देशभर से आवेदन मिलने के बाद मंत्रालय ने नवंबर, 2020 का वाटर हीरो का खिताब 8 लोगों को दिया है, जो देश के अलग-अलग कोने से हैं। उन्होंने बताया कि कोविड के कारण इस बार विज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। मंत्रालय ई-मेल से ही प्रमाणपत्र भेजेगा। साथ ही 10000 रुपये की धनराशि दी जाएगी।
10 साल से कर रहे हैं पानी बचाने का काम
विक्रांत तोंगड़ 10 साल से पानी बचाव के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। वो लोगों को जागरूक करने के साथ वेटलैंड को बचाने, तालाबों का जीर्णोद्घार, पानी बचाव पर पंचायत, एनजीटी में अहम मुद्दों को उठाने, वर्ष जल संरक्षण आदि का काम कर रहे हैं। इस समय सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट (सेफ) के सदस्य हैं। उन्होंने यह खिताब अपनी टीम को समर्पित किया है।
विज्ञापन

दो अहम कार्यों से मिली पहचान
विक्रांत तोंगड़ को दो अहम कार्यों से पहचान मिली है। पहला 11 जनवरी, 2013 को एनजीटी का अहम आदेश रहा। वर्ष 2012-13 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 500 से अधिक बिल्डर जल दोहन कर रहे थे। इसकी शिकायत एनजीटी में की। एनजीटी ने बिल्डरों द्वारा भूजल का उपयोग करने पर रोक लगा दी। बाद में यह आदेश दिल्ली एनसीआर पर लागू कर दिया गया। वहीं, दूसरा कार्य एक दर्जन से अधिक तालाबों को साफ कराना रहा। मंत्रालय ने भी इसकी सराहना की है। इस काम में प्राधिकरण और कॉरपोरेट कंपनियों ने भी मदद की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed