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ट्विन टावर गिराने के लिए इंजीनियरों ने डाला डेरा
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नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावरों को गिराने की तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। टावरों को गिराने के लिए इंजीनियरों की टीम ने डेरा डाल दिया है। एडिफिस डिमोलेशन कांट्रेक्टर की ओर से शनिवार को दो प्रतिनिधि ट्विन टावर पहुंच गए। दोनों टावर गिराने की अंतिम रूपरेखा अगले सप्ताह तैयार हो जाएगी। इससे पहले टावरों को गिराने के लिए मशीनरी व जनरेटर सेट आदि पहुंचाए जाएंगे।
वहीं, टावरों के नीचे से गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) की पाइप लाइनें जा रही हैं। गेल की तरफ से शनिवार को सशर्त अनुमति दे दी गई। पाइपलाइन टावरों के तीन से चार मीटर नीचे हैं। इन लाइनों को किस तरह सुरक्षित रखा जाएगा, इसकी कार्ययोजना मिलने के बाद पाइप लाइन को किसी तरह की क्षति न पहुंचने की शर्त पर यह अनुमति मिली है। हालांकि, पुलिस की तरफ से अनुमति मिलनी बाकी है, जो अगले सप्ताह मौका-मुआयना करने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 20 फरवरी के आसपास ट्विन टावर को गिराने की अंतिम कार्य योजना तैयार होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। प्रारंभिक योजना के अनुसार टावरों के 50 से 100 मीटर तक का एरिया एक दिन के लिए खाली कराया जाएगा।
एंटी स्मॉग गन लगेगी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जो दिशा-निर्देश हैं, उनका पालन किया जाएगा। प्रदूषण से निपटने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाने के अलावा मलबे पर पानी का छिड़काव और उसे ढकने के अलावा अन्य तरह का काम किया जाएगा। टावर गिराने से पहले हर छोटे-बड़े पहलू को ध्यान में रख विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ब्लास्ट से एक टावर को गिराने में आठ से दस सेकंड का समय लगेगा, लेकिन मलबा हटाने में तीन से साढ़े तीन महीने का समय लगेगा।
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वहीं, टावरों के नीचे से गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) की पाइप लाइनें जा रही हैं। गेल की तरफ से शनिवार को सशर्त अनुमति दे दी गई। पाइपलाइन टावरों के तीन से चार मीटर नीचे हैं। इन लाइनों को किस तरह सुरक्षित रखा जाएगा, इसकी कार्ययोजना मिलने के बाद पाइप लाइन को किसी तरह की क्षति न पहुंचने की शर्त पर यह अनुमति मिली है। हालांकि, पुलिस की तरफ से अनुमति मिलनी बाकी है, जो अगले सप्ताह मौका-मुआयना करने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 20 फरवरी के आसपास ट्विन टावर को गिराने की अंतिम कार्य योजना तैयार होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। प्रारंभिक योजना के अनुसार टावरों के 50 से 100 मीटर तक का एरिया एक दिन के लिए खाली कराया जाएगा।
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एंटी स्मॉग गन लगेगी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जो दिशा-निर्देश हैं, उनका पालन किया जाएगा। प्रदूषण से निपटने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाने के अलावा मलबे पर पानी का छिड़काव और उसे ढकने के अलावा अन्य तरह का काम किया जाएगा। टावर गिराने से पहले हर छोटे-बड़े पहलू को ध्यान में रख विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ब्लास्ट से एक टावर को गिराने में आठ से दस सेकंड का समय लगेगा, लेकिन मलबा हटाने में तीन से साढ़े तीन महीने का समय लगेगा।
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