तावड़ू। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा इकाई तावडू से जुड़े कर्मचारियों ने सोमवार को निजीकरण के विरोध में एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इसके बाद अपनी मांगों के संबंध में एसडीएम सुरेंद्र पाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के संबद्ध अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने के साथ ही बेरोजगारों को स्थायी नौकरी देने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार नव उदारीकरण की नीतियों पर चलते हुए सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण कर रही है। इस कारण जनता को मिलने वाली सुविधाएं या तो समाप्त हो रही हैं या महंगी होती जा रही हैं। साथ ही रोजगार के अवसर भी सिकुड़ते जा रहे हैं। ज्ञापन में मांग की है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, जन स्वास्थ्य व परिवहन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। तीनों असंवैधानिक नए कृषि कानूनों और चारों लेबर कोड को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। बिजली संशोधन बिल और ट्रांसपोर्ट रोड सेफ्टी बिल रद्द किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति रद्द हो, हरियाणा में संपत्ति क्षति प्रतिपूर्ति बिल रद्द किया जाए। जन सेवाओं के महकमों का विस्तार कर नए पद सृजित किए जाएं। इसके साथ ही पहले से कार्य कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का कर नियमित भर्ती कर बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष दीनू प्रधान, नईम खान, लाल सिंह, उमर मोहम्मद, दिनेश, इरशाद, राजेश और नरेंद्र के अलावा हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।