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Noida News: सफदरजंग अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चार घंटे रही ठप
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-मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने किया हंगामा, डाॅक्टरों से बदसलूकी और हमला करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज की मौत से नाराज तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि डाॅक्टरों से बदसलूकी और उनपर हमला किया गया। इसके विरोध में बुधवार को करीब चार घंटे से अधिक समय तक इमरजेंसी सेवा ठप रही। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शाम को इमर्जेंसी का संचालन शुरू हो पाया।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब तीन बजे क्राॅनिक किडनी डिजीज की बीमारी से जूझ रहे मरीज को उपचार के लिए लाया गया था। इस बीच मरीज की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल में मरीज के तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। तीमारदार डाॅक्टरों के साथ बदसलूकी करने लगे और एक डाॅक्टर को मुक्का मारने का प्रयास किया गया। इसके बाद इमर्जेंसी में कार्यरत रेजिडेंट डाॅक्टरों ने इमरजेंसी सेवा बंद रखने का फैसला किया। हालांकि डाॅक्टरों की ओर से दावा किया गया है कि अत्यधिक गंभीर मरीज को उपचार दिया गया।
अस्पताल की इमरजेंसी सेवा के ठप होने से मरीज भी हैरान-परेशान दिखे। डाॅक्टरों के बढ़ते विरोध को देखते हुए अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। रेजिडेंट डाॅक्टरों को मनाने की कोशिश की। लेकिन डाॅक्टर संस्थागत मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े थे।
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अस्पताल की आरडीए में महासचिव डाॅ आयुष राज ने बताया कि मरीज को क्राॅनिक किडनी डिजीज ग्रेड-4 था। मरीज की हालत बहुत गंभीर थी। मरीज उम्रदराज था। मरीज की इमरजेंसी में मौत हो गई। उसके बाद परिजनों ने डाॅक्टरों के साथ बदसलूकी की। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद शाम सात बजे इमरजेंसी सेवा बहाल हो गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज की मौत से नाराज तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि डाॅक्टरों से बदसलूकी और उनपर हमला किया गया। इसके विरोध में बुधवार को करीब चार घंटे से अधिक समय तक इमरजेंसी सेवा ठप रही। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शाम को इमर्जेंसी का संचालन शुरू हो पाया।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब तीन बजे क्राॅनिक किडनी डिजीज की बीमारी से जूझ रहे मरीज को उपचार के लिए लाया गया था। इस बीच मरीज की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल में मरीज के तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। तीमारदार डाॅक्टरों के साथ बदसलूकी करने लगे और एक डाॅक्टर को मुक्का मारने का प्रयास किया गया। इसके बाद इमर्जेंसी में कार्यरत रेजिडेंट डाॅक्टरों ने इमरजेंसी सेवा बंद रखने का फैसला किया। हालांकि डाॅक्टरों की ओर से दावा किया गया है कि अत्यधिक गंभीर मरीज को उपचार दिया गया।
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अस्पताल की इमरजेंसी सेवा के ठप होने से मरीज भी हैरान-परेशान दिखे। डाॅक्टरों के बढ़ते विरोध को देखते हुए अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। रेजिडेंट डाॅक्टरों को मनाने की कोशिश की। लेकिन डाॅक्टर संस्थागत मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े थे।
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अस्पताल की आरडीए में महासचिव डाॅ आयुष राज ने बताया कि मरीज को क्राॅनिक किडनी डिजीज ग्रेड-4 था। मरीज की हालत बहुत गंभीर थी। मरीज उम्रदराज था। मरीज की इमरजेंसी में मौत हो गई। उसके बाद परिजनों ने डाॅक्टरों के साथ बदसलूकी की। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद शाम सात बजे इमरजेंसी सेवा बहाल हो गई।