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मौलिक शिक्षा अधिकारी पर घोटाले का आरोप

Wed, 27 Oct 2021 11:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 11:43 PM IST
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Elementary education officer accused of scam
नूंह। शिक्षा विभाग में बीते साल तत्कालीन जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया व लिपिक नवीन कुमार दहिया के खिलाफ लगाए गए करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में अभी कोई तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस मामले में शिकायतकर्ता सूबे खान निवासी गांव बिछौर खंड पुन्हाना ने अभी तक सीएम विंडो, राज्यपाल, जिला उपायुक्त, शिक्षामंत्री, मंडलायुक्त फरीदाबाद, एडिशनल चीफ सचिव शिक्षा विभाग सहित अन्य को शिकायत दी है।
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शिकायतकर्ता ने नूंह जिले में शिक्षा विभाग में विभिन्न योजनाओं के नाम पर आए करोड़ों रुपये की सहायता राशि को अधिकारी व कर्मचारी द्वारा हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता सूबे खान ने बताया कि शिक्षा विभाग में 134 ए के तहत प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को बीपीएल, आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को वर्ष 2017 से 2020 तक सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि का लाभ स्वयं हड़प गए। इसी तरह से वर्ष 2017 से 2020 तक पहली से कक्षा आठवीं तक के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को सरकार द्वारा बैग व स्टेशनरी की राशि जिला स्तर पर दी जाती है लेकिन इस राशि को बच्चों को देकर आरोपियों ने रख ली। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग से हर वर्ष प्राइमरी स्कूलों को तीन हजार व मिडिल स्कूलों को साढ़े तीन हजार की राशि हर वर्ष दी जाती है लेकिन वर्ष 2017 से 2020 तक मिलने वाली इस राशि को भी हड़प लिया गया। इसी तरह से सरकार द्वारा कोरोना काल में सरकार ने जिले के स्कूलों में दवाइयों के छिड़काव व सैनेटाइजर के लिए 19 लाख 68 हजार की राशि दी लेकिन इस राशि में से खंड तावडू को 3 लाख 35 हजार रुपये का चेक दिया जबकि शेष राशि 16 लाख 64 हजार को अन्य 4 खंडों में नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया व लिपिक नवीन दहिया ने गांव लुहिंगाकलां स्कूल से पीजीटी निशा राठी को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अवैध तरीके से डेपुटेशन करना भी शामिल है। इसी तरह से विभाग ने 8 लिपिकों को ट्रांसफर कर जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय में भेजा था लेकिन दो महीने तक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने इनको चार्ज नहीं दिया। क्योंकि इनको अपनी पोल खुलने का डर था। बाद में लिपिक तत्कालीन उपायुक्त से मिले फिर दो महीने बाद इनको चार्ज व वेतन मिला। ऐसे में उन्होंने गुहार लगाई की इतने बड़े स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार में लिप्त उक्त अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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इस मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- सुभिता ढाका, अतिरिक्त उपायुक्त
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