मरदह। स्थानीय विद्युत सब स्टेशन पर बिजली आपूर्ति का 33 हजार वोल्टेज का तार टूटने से लगातार दूसरे दिन रविवार को 9 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे 100 गांवों की लगभग दो लाख आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ा।तकनीकी फाल्ट के कारण 12 सितंबर को भी 11 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। 13 सितंबर को स्थानीय विद्युत सब स्टेशन के 33 हजार वोल्टेज का तार टूट गया। इसके कारण रात में 12 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उमस भरी गर्मी में आधी रात बत्ती गुल हो जाने के कारण लोगों की नींद में खलल पड़ी। लोग करवटें बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करने लगे। लोगों ने सोचा कि कोई छोटा फाल्ट होगा, कुछ देर में बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी। इंतजार करते-करते पूरी रात बीत गई, लेकिन बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। अगले दिन सुबह होने पर पता चला कि 33 हजार वोल्टेज का तार टूट गया है। सुबह बत्ती गुल होने के कारण लोगों के घरों में पेयजल आपूर्ति नहीं हुई। इसके कारण लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। इन्वर्टर बैठने के साथ ही सभी इलेक्ट्रानिक उपकरण शो-पीस बन गए। सुबह 9 बजे बिजली आपूर्ति होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। क्षेत्रीय निवासी मंजीत सिंह, संतोष पांडेय, संजू सिंह, रणजीत कुशवाहा, आशुतोष सिंह, अजय श्रीवास्तव, प्रवीण पटवा आदि ने कहा कि दो महीने से लगातार मामूली फाल्ट होने पर 10 से 12 घंटे की कटौती की जा रही है। चेतावनी दी कि यदि तत्काल दुर्व्यवस्था में सुधार नही हुआ तो विद्युत सबस्टेशन पर धरना -प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। बिजली निगम के एसडीओ चंद्रमोहन ने बताया कि टूटे 33 हजार तार को जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। पूरी कोशिश रहती है कि फाल्ट होने पर तुरंत उसका निराकरण किया जाए।