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स्कूलों पर 5.80 करोड़ का बिजली बिल बकाया, जांच शुरू

Tue, 05 Oct 2021 10:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 10:18 PM IST
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Electricity bill outstanding of 5.80 crores on schools, investigation started
ग्रेटर नोएडा। स्कूलों पर 5.80 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल से जिला बेसिक शिक्षा विभाग हैरान है। बिल पर संशय जताते हुए विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। सभी स्कूलों से अब तक के बिल का ब्योरा मांगा है। ब्योरा मिलने के बाद उसका मिलान किया जाएगा। विभाग का कहना है कि विद्युत निगम ने अधिक बिल भेजा है। वहीं, अधिकारियों ने बिल का भुगतान करने के लिए शासन को पत्र लिखा है, ताकि स्कूलों में बिजली आपूर्ति शुरू हो सके। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 570 स्कूल हैं। इनमें से 145 स्कूलों में नोएडा पावर कंपनी (एनपीसीएल) विद्युत आपूर्ति करती है।
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जबकि, अन्य स्कूलों में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) आपूर्ति कर रहा है। दोनों कंपनियों की तरफ से शिक्षा विभाग को कई साल का बकाया बिजली बिल भेजा गया है। एनपीसीएल का 1.50 करोड़ और यूपीपीसीएल का 4.30 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। बिल जमा नहीं होने पर कंपनियां स्कूलों की बिजली आपूर्ति बंद कर रही हैं। कई स्कूलों की बिजली कट चुकी है। अब शिक्षा विभाग 5.80 करोड़ के बिजली बिल को लेकर हैरान है। अफसरों ने बताया कि स्कूल में पंखे और लाइट जलती है। वो भी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक, इसके बाद भी इतना बिल भेजा गया है। बिजली कंपनियां बकाया बिल पर ब्याज भी लगा रही हैं। सभी स्कूलों से शुरू से अब तक के बिल का रिकॉर्ड मांगा है। रिकॉर्ड आने के बाद विद्युत कंपनियों के बिल से मिलान कराया जाएगा।
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प्राधिकरण को करना होगा बिल का भुगतान
बीएसए ने बताया कि मार्च, 2018 के बाद से स्कूलों के बिल का भुगतान ग्राम पंचायतों को करना होगा। अगर ग्राम पंचायत नहीं है तो संबंधित प्राधिकरण उस बिल का भुगतान करेगी। बिजली बिल की जांच के बाद सभी प्राधिकरण को भी भुगतान के लिए पत्र भेजा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि बिल की जांच कराई जा रही है। अगर किसी तरह की गड़बड़ी मिलेगी तो विद्युत आपूर्ति कंपनियों को अवगत कराया जाएगा, ताकि भुगतान का मामला निस्तारित किया जा सके। भुगतान के लिए शासन को भी पत्र भेजा गया है।
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