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पांच घंटे तक किसानों के कब्जे में रहा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे

Fri, 08 Jan 2021 01:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:39 AM IST
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Eastern Peripheral Expressway occupied by farmers for five hours
महामाया फ्लाईओवर से चिल्ला बॉर्डर की ओर जाते किसान।
पांच घंटे तक किसानों के कब्जे में रहा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
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दनकौर। भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर ट्रैक्टर रैली निकाली। करीब 5 घंटे तक एक्सप्रेसवे पर किसानों का कब्जा रहा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों की भीड़ बढ़ते देख पुलिस ने सिरसा गांव समेत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर एक्सप्रेसवे पर वाहनों को जाने से रोक दिया। रैली में प्रदेश समेत हरियाणा और राजस्थान के किसान भी शामिल हुए। शाम करीब 4 बजे भाकियू नेता राकेश टिकैत के संबोधन के बाद किसान वापस लौटे। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने होंगे साथ ही एमएसपी पर कानून बनाना होगा। इससे पहले किसान दिल्ली आंदोलन को समाप्त नहीं करेंगे। यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो जल्द ही चक्का जाम किया जाएगा।
इससे पहले करीब 11 बजे सिरसा और नौरंगपुर गांव के नजदीक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भाकियू के किसान जिलाध्यक्ष अनित कसाना और विभोर शर्मा के नेतृत्व में ट्रैक्टर पर सवार होकर वहां पहुंचना शुरू हो गए। किसानों का डासना से पलवल तक ट्रैक्टर रैली निकालने का कार्यक्रम था लेकिन दोपहर बाद राकेश टिकैत ने किसानों को फोन कर दनकौर क्षेत्र में ही एक्सप्रेसवे पर पंचायत करने के निर्देश दिए। जिसके बाद हरियाणा और राजस्थान के भी सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर दनकौर आ गए। किसानों के करीब 1000 ट्रैक्टर व अन्य वाहनों के जुटने से वहां जाम की स्थिति बन गई।
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हालांकि किसानों ने जाम लगता देख खुद ही एक लाइन को खोलकर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया। शाम करीब 4 बजे राकेश टिकैत किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि आठ दौर की वार्ता के बाद भी सरकार किसानों की मांगें मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने ट्रैक्टर रैली को 26 जनवरी की परेड का रिहर्सल बताया। उन्होंने कहा कि अभी तो सरकार ने किसानों का ट्रेलर देखा है, फिल्म देखनी बाकी है।
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रैली के बीच में किए ट्रैक्टर से स्टंट
वहीं, किसानों ने ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे पर ही ट्रैक्टरों से स्टंट किए। कई बार तो ट्रैक्टर की पलटने की स्थिति बन गई, लेकिन शीर्ष किसानों ने स्टंट कर रहे किसानों को बीच में ही रोक दिया।

जाम में फंसी एंबुलेंस, किसानों ने निकलवाया
किसानों की रैली के जाम में दोपहर को एक एंबुलेंस भी फंस गई। जैसे ही किसानों को इसकी जानकारी मिली उन्होंने रास्ता छोड़कर एंबुलेंस को जाम से निकलवाया। एंबुलेंस से चंडीगढ़ के मरीज को राजस्थान ले जाया जा रहा था। वहीं, सिकंद्राबाद क्षेत्र की एक निजी कर्मचारी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस एंबुलेंस को भी ईस्टर्न पेरिफेरल के रास्ते से गाजियाबाद ले जाया जा रहा था। रास्ता बंद होने के कारण उसको बील के टोल से उतरकर जीटी रोड के रास्ते जाना पड़ा।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर रैली निकालते किसान।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर रैली निकालते किसान।- फोटो : Grnoida

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