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Noida News: ई-साइकिल की सवारी मिली न फीडर बसों का आसान सफर
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न ई-साइकिल की मिली सवारी, न फीडर बसों का सफर
- प्राधिकरण की लापरवाही से शहर की दो बड़ी योजनाओं पर देरी की मार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की दो बड़ी योजनाओं पर प्राधिकरण की लेटलतीफी भारी पड़ रही है। अधिकारियों की लापरवाही से महत्वाकांक्षी ई-साइकिल और फीडर बस योजना शुरू नहीं हो पा रही है। फरवरी में ई-साइकिल चलाने का दावा अधिकारियों ने किया था, लेकिन अब तक डॉकिंग स्टेशनों (स्टैंड) पर बिजली के कनेक्शन ही नहीं लगे हैं। वहीं, फीडर बसों के रूट भी निर्धारित नहीं किए जा सके हैं।
प्राधिकरण ने पहले चरण में शहर के 31 डॉकिंग स्टेशनों से 28 फरवरी तक ई-साइकिल की सुविधा शुरू करने का दावा किया था। ट्रैफिक सेल के अधिकारी 210 ई-साइकिल उपलब्ध होने की बात कह रहे हैं, लेकिन एक महीने बाद भी शहर की जनता को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। इसकी वजह 15 से अधिक डॉकिंग स्टेशनों पर बिजली के मीटर नहीं लग पाना बताया जा रहा है। बता दें कि, शहर में ई-साइकिल के लिए 1.3 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर प्राधिकरण ने 62 डॉकिंग स्टेशन बनवाए हैं। प्रत्येक डॉकिंग स्टेशन पर 10 ई-साइकिल उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पहले चरण में 31 स्टेशनों से 310 ई-साइकिल उपलब्ध कराने का दावा है।
संचालन छोडि़ए, रूट तय करने में छूटे पसीने
मेट्रो स्टेशनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों की राह आसान बनाने के लिए 25 फीडर बसें चलाने की योजना है। नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) ने नौ रूट का प्रस्ताव बनाकर दोनों प्राधिकरणों को भेज दिया है। प्राधिकरणों ने अपने क्षेत्र में यात्रियों की सहूलियत के हिसाब रूट प्लान तैयार करना है, लेकिन यह काम भी नोएडा प्राधिकरण नहीं कर पाया है। पिछले साल सितंबर या अक्तूबर तक बसों का संचालन शुरू होना था, लेकिन पांच महीने बाद भी जरूरी योजनाओं से जनता दूर है। रूट प्लान की फाइल भी ट्रैफिक सेल के दफ्तर में धूल फांक रही है। एनएमआरसी को इंतजार है कि रूट तय होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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अधूरी तैयारी, कैसे दिखाएं हरी झंडी
ई-साइकिल योजना में देरी के लिए विद्युत निगम को जिम्मेदार बताया जा रहा है। करीब 15 डॉकिंग स्टेशनों पर मीटर लग गए हैं, लेकिन मीटर के अभाव में बाकी स्टेशन इससे वंचित हैं। जिन डॉकिंग स्टेशनों पर मीटर लग चुके हैं उनसे ई-साइकिल की सुविधा शुरू करने के सवाल पर ट्रैफिक सेल के अधिकारियों का कहना है कि सभी 31 डॉकिंग स्टेशन तैयार होने पर एक साथ योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
सरकारी सिस्टम की लेटलतीफी से जनता परेशान
मेट्रो स्टेशनों से लास्ट माइल कनेक्टिविटी की सुविधा नहीं होने के कारण शहर के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऑटो वालों की मनमानी का सामना करना पड़ता है और कैब का महंगा सफर जेब पर भारी पड़ता है। ऐसे में ई-साइकिल और फीडर बस की योजना का जनता को बेसब्री से इंतजार है।
वर्जन
ई-साइकिल के डॉकिंग स्टेशनों पर अभी मीटर नहीं लगे हैं। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। फीडर बसों के रूट फाइनल करने का काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
-एसपी सिंह, डीजीएम-नोएडा प्राधिकरण
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- प्राधिकरण की लापरवाही से शहर की दो बड़ी योजनाओं पर देरी की मार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की दो बड़ी योजनाओं पर प्राधिकरण की लेटलतीफी भारी पड़ रही है। अधिकारियों की लापरवाही से महत्वाकांक्षी ई-साइकिल और फीडर बस योजना शुरू नहीं हो पा रही है। फरवरी में ई-साइकिल चलाने का दावा अधिकारियों ने किया था, लेकिन अब तक डॉकिंग स्टेशनों (स्टैंड) पर बिजली के कनेक्शन ही नहीं लगे हैं। वहीं, फीडर बसों के रूट भी निर्धारित नहीं किए जा सके हैं।
प्राधिकरण ने पहले चरण में शहर के 31 डॉकिंग स्टेशनों से 28 फरवरी तक ई-साइकिल की सुविधा शुरू करने का दावा किया था। ट्रैफिक सेल के अधिकारी 210 ई-साइकिल उपलब्ध होने की बात कह रहे हैं, लेकिन एक महीने बाद भी शहर की जनता को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। इसकी वजह 15 से अधिक डॉकिंग स्टेशनों पर बिजली के मीटर नहीं लग पाना बताया जा रहा है। बता दें कि, शहर में ई-साइकिल के लिए 1.3 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर प्राधिकरण ने 62 डॉकिंग स्टेशन बनवाए हैं। प्रत्येक डॉकिंग स्टेशन पर 10 ई-साइकिल उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पहले चरण में 31 स्टेशनों से 310 ई-साइकिल उपलब्ध कराने का दावा है।
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संचालन छोडि़ए, रूट तय करने में छूटे पसीने
मेट्रो स्टेशनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों की राह आसान बनाने के लिए 25 फीडर बसें चलाने की योजना है। नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) ने नौ रूट का प्रस्ताव बनाकर दोनों प्राधिकरणों को भेज दिया है। प्राधिकरणों ने अपने क्षेत्र में यात्रियों की सहूलियत के हिसाब रूट प्लान तैयार करना है, लेकिन यह काम भी नोएडा प्राधिकरण नहीं कर पाया है। पिछले साल सितंबर या अक्तूबर तक बसों का संचालन शुरू होना था, लेकिन पांच महीने बाद भी जरूरी योजनाओं से जनता दूर है। रूट प्लान की फाइल भी ट्रैफिक सेल के दफ्तर में धूल फांक रही है। एनएमआरसी को इंतजार है कि रूट तय होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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अधूरी तैयारी, कैसे दिखाएं हरी झंडी
ई-साइकिल योजना में देरी के लिए विद्युत निगम को जिम्मेदार बताया जा रहा है। करीब 15 डॉकिंग स्टेशनों पर मीटर लग गए हैं, लेकिन मीटर के अभाव में बाकी स्टेशन इससे वंचित हैं। जिन डॉकिंग स्टेशनों पर मीटर लग चुके हैं उनसे ई-साइकिल की सुविधा शुरू करने के सवाल पर ट्रैफिक सेल के अधिकारियों का कहना है कि सभी 31 डॉकिंग स्टेशन तैयार होने पर एक साथ योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
सरकारी सिस्टम की लेटलतीफी से जनता परेशान
मेट्रो स्टेशनों से लास्ट माइल कनेक्टिविटी की सुविधा नहीं होने के कारण शहर के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऑटो वालों की मनमानी का सामना करना पड़ता है और कैब का महंगा सफर जेब पर भारी पड़ता है। ऐसे में ई-साइकिल और फीडर बस की योजना का जनता को बेसब्री से इंतजार है।
वर्जन
ई-साइकिल के डॉकिंग स्टेशनों पर अभी मीटर नहीं लगे हैं। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। फीडर बसों के रूट फाइनल करने का काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
-एसपी सिंह, डीजीएम-नोएडा प्राधिकरण