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ओलावृष्टि से सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान
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नगीना क्षेत्र में ओलावृष्टि से टमाटर की फसल को हुआ नुकसान।
- फोटो : Mewat
ओलावृष्टि से सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान
नगीना। जिले में मंगलवार रात हुई ओलावृष्टि से नगीना क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। जिसमें सरसों, टमाटर, घीया व करेला की फसलें प्रमुख हैं। किसानों की शिकायत के बाद कुछ गांवों में उप तहसीलदार व पटवारी की टीम जायजा लेने पहुंची, लेकिन काफी क्षेत्रों में नहीं पहुंच सकी। किसानों में जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने गिरदावरी कराने की मांग की है।
नगीना क्षेत्र के फखरपुर खोरी, गुम्मट बिहारी, नोटकी, घागस, शाहपुर, उलेटा, करहेड़ा में मंगलवार रात को हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों में नुकसान हुआ है। क्षेत्र के ये सभी गांव टमाटर, करेला व घीया के अलावा सरसों के बड़े ही उत्पादक है। गुम्मट बिहारी गांव के किसान कल्लू, नोटकी गांव के सरपंच महमूद खान ने बताया कि करीब 150 एकड़ में सरसों की फसल जबकि करीब सौ एकड़ में टमाटर, घीया और करेला की फसल बोई गई थी। जिन्हें काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि बुधवार दोपहर तक भी ओले पिघले नहीं थे। जिन्हें किसान अधिकारियों को दिखाने के लिए बर्तनों में भरकर नगीना उप तहसील ले गए। हालांकि तहसीलदार मौके पर नहीं मिले। वहीं कुछ गांवों में उप तहसीलदार व पटवारी की टीम पहुंची और हालात का जायजा लिया। लेकिन सभी गांवों में नहीं पहुंचने से किसानों में भारी रोष है।
कुछ गांवों में फसलों का मुआयना किया गया है। इस बारे में आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। किसानों की इस समस्या पर प्रमुखता से काम किया जा रहा है। - पवन कुमार बत्रा, उप तहसीलदार, नगीना
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नगीना। जिले में मंगलवार रात हुई ओलावृष्टि से नगीना क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। जिसमें सरसों, टमाटर, घीया व करेला की फसलें प्रमुख हैं। किसानों की शिकायत के बाद कुछ गांवों में उप तहसीलदार व पटवारी की टीम जायजा लेने पहुंची, लेकिन काफी क्षेत्रों में नहीं पहुंच सकी। किसानों में जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने गिरदावरी कराने की मांग की है।
नगीना क्षेत्र के फखरपुर खोरी, गुम्मट बिहारी, नोटकी, घागस, शाहपुर, उलेटा, करहेड़ा में मंगलवार रात को हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों में नुकसान हुआ है। क्षेत्र के ये सभी गांव टमाटर, करेला व घीया के अलावा सरसों के बड़े ही उत्पादक है। गुम्मट बिहारी गांव के किसान कल्लू, नोटकी गांव के सरपंच महमूद खान ने बताया कि करीब 150 एकड़ में सरसों की फसल जबकि करीब सौ एकड़ में टमाटर, घीया और करेला की फसल बोई गई थी। जिन्हें काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि बुधवार दोपहर तक भी ओले पिघले नहीं थे। जिन्हें किसान अधिकारियों को दिखाने के लिए बर्तनों में भरकर नगीना उप तहसील ले गए। हालांकि तहसीलदार मौके पर नहीं मिले। वहीं कुछ गांवों में उप तहसीलदार व पटवारी की टीम पहुंची और हालात का जायजा लिया। लेकिन सभी गांवों में नहीं पहुंचने से किसानों में भारी रोष है।
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कुछ गांवों में फसलों का मुआयना किया गया है। इस बारे में आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। किसानों की इस समस्या पर प्रमुखता से काम किया जा रहा है। - पवन कुमार बत्रा, उप तहसीलदार, नगीना
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