{"_id":"689cad66023f083a8608d8af","slug":"dtc-headquarters-to-be-redeveloped-in-ip-estate-noida-news-c-340-1-del1004-101115-2025-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: आईपी एस्टेट में डीटीसी मुख्यालय का होगा पुनर्विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: आईपी एस्टेट में डीटीसी मुख्यालय का होगा पुनर्विकास
विज्ञापन
डीटीसी बोर्ड और डीएसआईआईडीसी बोर्ड ने प्रस्ताव को मंजूरी दी
-- -- -- -- -- --
206 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया भवन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईपी एस्टेट में लंबे समय से अटके दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) मुख्यालय के पुनर्विकास की योजना पर जल्द काम शुरू होगा। डीटीसी बोर्ड ने 206 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। परियोजना का क्रियान्वयन दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईआईडीसी) करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि डीटीसी बोर्ड और डीएसआईआईडीसी बोर्ड दोनों ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब दोनों के बीच एक औपचारिक एमओयू साइन होने के बाद काम शुरू होगा। नए भवन में भूतल सहित 12 मंजिलें होंगी और दो बेसमेंट पार्किंग होंगी। कुल निर्मित क्षेत्रफल 12,000 वर्गमीटर होगा जिसमें से 40 फीसदी हिस्सा डीएसआईआईडीसी को 30 साल की लीज पर मिलेगा। यह हिस्सा छठी मंजिल से 12वीं मंजिल तक होगा।
डीटीसी मुख्यालय और बस डिपो दोनों का निर्माण 1958 में हुआ था। मौजूदा डिपो में 180 बसें खड़ी करने की क्षमता है, जिसे पुनर्विकास के बाद बढ़ाया जाएगा। इस परियोजना को पहली बार अप्रैल 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में कैबिनेट से मंजूरी मिली थी लेकिन यह वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही। आप के शासनकाल में डीएसआईआईडीसी ने इसकी व्यवहार्यता रिपोर्ट के लिए एक ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया था। हाल ही में हुई डीटीसी बोर्ड बैठक में पुनर्विकास को सिद्धांत रूप में मंजूरी दी गई लेकिन यह तय किया गया कि 2010 के कैबिनेट निर्णय की कानूनी वैधता पर राय ली जाए। कानूनी राय में यह निर्णय आज भी मान्य बताया गया जिसके बाद भाजपा नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। यह प्रोजेक्ट पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित होगा। इससे सरकार पर न्यूनतम खर्च आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
206 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया भवन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईपी एस्टेट में लंबे समय से अटके दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) मुख्यालय के पुनर्विकास की योजना पर जल्द काम शुरू होगा। डीटीसी बोर्ड ने 206 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। परियोजना का क्रियान्वयन दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईआईडीसी) करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि डीटीसी बोर्ड और डीएसआईआईडीसी बोर्ड दोनों ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब दोनों के बीच एक औपचारिक एमओयू साइन होने के बाद काम शुरू होगा। नए भवन में भूतल सहित 12 मंजिलें होंगी और दो बेसमेंट पार्किंग होंगी। कुल निर्मित क्षेत्रफल 12,000 वर्गमीटर होगा जिसमें से 40 फीसदी हिस्सा डीएसआईआईडीसी को 30 साल की लीज पर मिलेगा। यह हिस्सा छठी मंजिल से 12वीं मंजिल तक होगा।
विज्ञापन
डीटीसी मुख्यालय और बस डिपो दोनों का निर्माण 1958 में हुआ था। मौजूदा डिपो में 180 बसें खड़ी करने की क्षमता है, जिसे पुनर्विकास के बाद बढ़ाया जाएगा। इस परियोजना को पहली बार अप्रैल 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में कैबिनेट से मंजूरी मिली थी लेकिन यह वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही। आप के शासनकाल में डीएसआईआईडीसी ने इसकी व्यवहार्यता रिपोर्ट के लिए एक ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया था। हाल ही में हुई डीटीसी बोर्ड बैठक में पुनर्विकास को सिद्धांत रूप में मंजूरी दी गई लेकिन यह तय किया गया कि 2010 के कैबिनेट निर्णय की कानूनी वैधता पर राय ली जाए। कानूनी राय में यह निर्णय आज भी मान्य बताया गया जिसके बाद भाजपा नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। यह प्रोजेक्ट पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित होगा। इससे सरकार पर न्यूनतम खर्च आएगा।
विज्ञापन