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Noida News: दिल्ली से 17 शहरों के लिए चलेंगी डीटीसी की ई-बसें
सार
दिल्ली परिवहन निगम ने दो दशक बाद अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत की है। नई योजना के तहत छह राज्यों के 17 शहरों के लिए 100 आधुनिक बसों का संचालन होगा। इससे यात्रियों को सीधी, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल यात्रा मिलेगी।
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विस्तार
दिल्ली परिवहन निगम की अंतरराज्यीय बस सेवा से लाखों लोगों को होगा फायदा
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100 बसों का होगा संचालन
12 मीटर लंबी व एसी होंगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। करीब दो दशक बाद दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने फिर से अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू कर दी है। हाल ही में यूपी के बड़ौत के लिए छह ई-बसों की शुरुआत की गई है। निगम अब इस योजना को और आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत छह राज्यों के 17 शहरों के लिए 100 ई-बसों का संचालन किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि जून में डीटीसी बोर्ड की बैठक में योजना को हरी झंडी दिखाई गई थी। दिल्ली सरकार उत्तराखंड, यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के 17 शहरों के लिए ई-बसों का संचालन करेगी। विभाग ने बसों की खरीद और सेवा शुरू करने के लिए अन्य राज्यों के साथ समन्वय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई सेवा शुरू होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, अयोध्या, लखनऊ, मुरादाबाद, अलवर, बीकानेर, जयपुर, अमृतसर, पटियाला, चंडीगढ़, पानीपत और जम्मू तक सीधी बस यात्रा संभव हो सकेगी। यह कदम न सिर्फ यात्रियों के लिए सफर को आसान बनाएगा बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मददगार होगा। इस सेवा के लिए खरीदी जा रही बसें 12 मीटर लंबी व एसी होंगी। ये बसें शहर में चलने वाली सामान्य बसों से बेहतर होंगी। इनमें आरामदायक सीटें, ऐप-आधारित टिकटिंग सुविधा, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस और पैनिक बटन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
यात्रियों की पुरानी पसंद थी डीटीसी
डीटीसी की अंतरराज्यीय बस सेवा पहले भी बेहद लोकप्रिय रही है। 2004 तक निगम की बसें दिल्ली से अन्य राज्यों में नियमित रूप से चलती थीं। यात्रियों की पहली पसंद होने के बावजूद, डीजल से सीएनजी में परिवर्तन और दूसरे राज्यों में सीएनजी की सुविधा न होने से यह सेवा धीरे-धीरे बंद हो गई। 2010 में पूरी तरह सीएनजी अपनाने के बाद अंतरराज्यीय सेवा भी समाप्त कर दी गई। सरकार को उम्मीद है कि नई ई-बस सेवा शुरू होने के बाद लोग निजी कारों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे।
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अन्य शहरों के लिए जल्द मिलेगी हरी झंडी
अधिकारियों का कहना है कि बसों की खरीद और अन्य राज्यों के साथ तालमेल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई बसों की डिलीवरी होते ही सेवा को हरी झंडी दिखा दी जाएगी। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को सीधी, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।
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100 बसों का होगा संचालन
12 मीटर लंबी व एसी होंगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। करीब दो दशक बाद दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने फिर से अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू कर दी है। हाल ही में यूपी के बड़ौत के लिए छह ई-बसों की शुरुआत की गई है। निगम अब इस योजना को और आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत छह राज्यों के 17 शहरों के लिए 100 ई-बसों का संचालन किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि जून में डीटीसी बोर्ड की बैठक में योजना को हरी झंडी दिखाई गई थी। दिल्ली सरकार उत्तराखंड, यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के 17 शहरों के लिए ई-बसों का संचालन करेगी। विभाग ने बसों की खरीद और सेवा शुरू करने के लिए अन्य राज्यों के साथ समन्वय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई सेवा शुरू होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, अयोध्या, लखनऊ, मुरादाबाद, अलवर, बीकानेर, जयपुर, अमृतसर, पटियाला, चंडीगढ़, पानीपत और जम्मू तक सीधी बस यात्रा संभव हो सकेगी। यह कदम न सिर्फ यात्रियों के लिए सफर को आसान बनाएगा बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मददगार होगा। इस सेवा के लिए खरीदी जा रही बसें 12 मीटर लंबी व एसी होंगी। ये बसें शहर में चलने वाली सामान्य बसों से बेहतर होंगी। इनमें आरामदायक सीटें, ऐप-आधारित टिकटिंग सुविधा, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस और पैनिक बटन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
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यात्रियों की पुरानी पसंद थी डीटीसी
डीटीसी की अंतरराज्यीय बस सेवा पहले भी बेहद लोकप्रिय रही है। 2004 तक निगम की बसें दिल्ली से अन्य राज्यों में नियमित रूप से चलती थीं। यात्रियों की पहली पसंद होने के बावजूद, डीजल से सीएनजी में परिवर्तन और दूसरे राज्यों में सीएनजी की सुविधा न होने से यह सेवा धीरे-धीरे बंद हो गई। 2010 में पूरी तरह सीएनजी अपनाने के बाद अंतरराज्यीय सेवा भी समाप्त कर दी गई। सरकार को उम्मीद है कि नई ई-बस सेवा शुरू होने के बाद लोग निजी कारों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे।
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अन्य शहरों के लिए जल्द मिलेगी हरी झंडी
अधिकारियों का कहना है कि बसों की खरीद और अन्य राज्यों के साथ तालमेल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई बसों की डिलीवरी होते ही सेवा को हरी झंडी दिखा दी जाएगी। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को सीधी, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।