{"_id":"6a9ae1410d5202f9490f4398","slug":"dsgf-grnoida-news-c-23-1-lko1064-105059-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: हत्या के मामले में किशोर को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: हत्या के मामले में किशोर को मिली जमानत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चिल्ड्रन्स कोर्ट/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अदालत ने हत्या के एक मामले में किशोर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला सेक्टर-113 थाने में दर्ज अपराध से जुड़ा है। घटना 4 मार्च 2026 की है। बचाव पक्ष ने कहा कि जेजे बोर्ड ने बिना उचित विचार के जमानत अर्जी खारिज कर दी और किशोर लंबे समय से बाल गृह में बंद है। जिससे उसका भविष्य प्रभावित हो रहा है। पिता ने किशोर की अभिरक्षा लेने और उसे बेहतर शिक्षा दिलाने का हलफनामा भी दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि प्राथमिकी के अनुसार गोली चलाकर हत्या करने का मुख्य आरोप सह-आरोपी पर है। जबकि किशोर की भूमिका केवल साथ रहने तक सीमित बताई गई है। मामला किशोर उम्र के बच्चों के बीच आपसी आकर्षण से जुड़ा प्रतीत होता है। किशोर की रिहाई से किसी अपराधी संगत में जाने या उसके सामाजिक, नैतिक, शारीरिक अथवा मानसिक विकास पर विपरीत असर पड़ने की कोई ठोस आशंका सामने नहीं आती। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने किशोर को जमानत प्रदान की है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चिल्ड्रन्स कोर्ट/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अदालत ने हत्या के एक मामले में किशोर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला सेक्टर-113 थाने में दर्ज अपराध से जुड़ा है। घटना 4 मार्च 2026 की है। बचाव पक्ष ने कहा कि जेजे बोर्ड ने बिना उचित विचार के जमानत अर्जी खारिज कर दी और किशोर लंबे समय से बाल गृह में बंद है। जिससे उसका भविष्य प्रभावित हो रहा है। पिता ने किशोर की अभिरक्षा लेने और उसे बेहतर शिक्षा दिलाने का हलफनामा भी दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि प्राथमिकी के अनुसार गोली चलाकर हत्या करने का मुख्य आरोप सह-आरोपी पर है। जबकि किशोर की भूमिका केवल साथ रहने तक सीमित बताई गई है। मामला किशोर उम्र के बच्चों के बीच आपसी आकर्षण से जुड़ा प्रतीत होता है। किशोर की रिहाई से किसी अपराधी संगत में जाने या उसके सामाजिक, नैतिक, शारीरिक अथवा मानसिक विकास पर विपरीत असर पड़ने की कोई ठोस आशंका सामने नहीं आती। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने किशोर को जमानत प्रदान की है।
विज्ञापन