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Noida News: किसान ने कहा- हमारी जमीन पर प्राधिकरण ने काटे प्लॉट
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-रोहिल्लापुर गांव के खसरा नंबर-4 की जमीन पर छिड़ा विवाद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-132 रोहिल्लापुर गांव की खसरा नंबर-4 की जमीन पर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की तरफ से यह जमीन अपने अधिग्रहण क्षेत्र की बताकर इस पर अन्य गांव से जमीन देने वाले 12 किसानों को आबादी प्लॉट नियोजित कर आवंटित किए हैं। जमीन पर निर्माण चलता देख शनिवार को प्लॉट पाने वाले किसानों ने प्राधिकरण में शिकायत की थी।
रविवार को रोहिल्लापुर के निवासी अजीत सिंह ने कहा कि जिस जमीन पर प्राधिकरण ने किसानों को 5 प्रतिशत आबादी के प्लॉट निकाल कर दिए हैं वो उनकी पुश्तैनी जमीन है। इस जमीन का मुआवजा भी नहीं उठाया गया है। दावा किया कि यह जमीन नोएडा प्राधिकरण द्वारा पूर्व में निर्धारित ग्राम परिधि के भीतर स्थित पुरानी ग्रामीण आबादी है। यह भी कहा कि इस जमीन से संबधित प्रकरण जिला न्यायालय व उच्चतम न्यायालय में है। ऐसे में इस जमीन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
किसान के इस पक्ष के बाद यह देखना होगा कि प्राधिकरण स्तर से जमीन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। प्राधिकरण दस्तावेजों में इस जमीन को अपना मान रहा है। यहां पर मौजूद टीन शेड व अन्य हिस्से को अतिक्रमण बताया गया है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-132 रोहिल्लापुर गांव की खसरा नंबर-4 की जमीन पर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की तरफ से यह जमीन अपने अधिग्रहण क्षेत्र की बताकर इस पर अन्य गांव से जमीन देने वाले 12 किसानों को आबादी प्लॉट नियोजित कर आवंटित किए हैं। जमीन पर निर्माण चलता देख शनिवार को प्लॉट पाने वाले किसानों ने प्राधिकरण में शिकायत की थी।
रविवार को रोहिल्लापुर के निवासी अजीत सिंह ने कहा कि जिस जमीन पर प्राधिकरण ने किसानों को 5 प्रतिशत आबादी के प्लॉट निकाल कर दिए हैं वो उनकी पुश्तैनी जमीन है। इस जमीन का मुआवजा भी नहीं उठाया गया है। दावा किया कि यह जमीन नोएडा प्राधिकरण द्वारा पूर्व में निर्धारित ग्राम परिधि के भीतर स्थित पुरानी ग्रामीण आबादी है। यह भी कहा कि इस जमीन से संबधित प्रकरण जिला न्यायालय व उच्चतम न्यायालय में है। ऐसे में इस जमीन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
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किसान के इस पक्ष के बाद यह देखना होगा कि प्राधिकरण स्तर से जमीन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। प्राधिकरण दस्तावेजों में इस जमीन को अपना मान रहा है। यहां पर मौजूद टीन शेड व अन्य हिस्से को अतिक्रमण बताया गया है।
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