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ड्राई फ्र्ूटस फॉलोअप
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ड्राई फ्रूट्स मामला : फरार आरोपियों के खिलाफ जारी होगा लुक आउट नोटिस
नोएडा। देशभर के लोगों से ड्राई फ्रूट्स के नाम पर दो सौ करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले फरार आरोपियों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी में है। पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपी विदेश भाग सकते हैं। वहीं, मामले में एक एसआईटी भी गठित की जाएगी। देश भर के पीड़ित एसआईटी के ई-मेल व मोबाइल नंबर पर संपर्क कर शिकायत कर सकेंगे। एक से दो दिन में एसआईटी गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। वहीं, मोहित की संपत्ति की जांच करने के लिए पुलिस क ी एक टीम बुधवार को मेरठ पहुंची ।नोएडा के सेक्टर-62 में दुबई ड्राई फ्रूट्स के नाम पर चलाई गई फर्जी कंपनी ने देशभर के एक हजार से अधिक लोगों के साथ 200 करोड़ रुपये की ठगी की है। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने फर्जीवाड़े का खुलासा कर मास्टर माइंड मोहित गोयल और ओमप्रकाश जांगीड़ को गिरफ्तार किया था। पता चला था कि स्टार्ट अप इंडिया फर्म चलाने वाले लोगों से ड्राई फ्रूट्स, दाल , तेल आदि लेकर ठगी की गई। मामले में सुमित यादव, प्रदीप निर्वाण, मुसर्फिल लश्कर, विजय कुमार जैसे एक दर्जन से अधिक लोग फरार हैं। आरोपी चारों फर्जी कंपनियों में शेयरधारक रह चुके हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि आरोपी विदेश भाग सकते हैं। ऐसे में इनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारी गृह मंत्रालय व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संपर्क में हैं।
पुलिस टीम मेरठ पहुंची
फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड मोहित गोयल की संपत्ति की जांच के लिए पुलिस की एक टीम बुधवार को मेरठ पहुंची । इस दौरान मेरठ और आसपास के इलाकों में उसकी चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। जांच में पता चला कि मोहित ने गौतमबुद्ध नगर के दो थानों में अपने ही कर्मचारी सोने लाल और एक अन्य के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े से अपना संबंध छिपाने के लिए उसने अपने ही कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया। ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके।
कमिश्नर से मिले 50 पीड़ित
वहीं, बुधवार को बिहार, पश्चिम बंगाल, नासिक आदि स्थानों के करीब 25 पीड़ितों ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया। इन पीड़ितों के करीब बीस करोड़ रुपये फंसे हैं। वहीं, पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह से बुधवार को मुलाकात कर करीब 50 पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की जा रही है। एसीपी रैंक के अधिकारी इसका नेतृत्व करेंगे। पीड़ितों को पुलिस न्याय दिलाएगी।
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नोएडा। देशभर के लोगों से ड्राई फ्रूट्स के नाम पर दो सौ करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले फरार आरोपियों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी में है। पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपी विदेश भाग सकते हैं। वहीं, मामले में एक एसआईटी भी गठित की जाएगी। देश भर के पीड़ित एसआईटी के ई-मेल व मोबाइल नंबर पर संपर्क कर शिकायत कर सकेंगे। एक से दो दिन में एसआईटी गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। वहीं, मोहित की संपत्ति की जांच करने के लिए पुलिस क ी एक टीम बुधवार को मेरठ पहुंची ।नोएडा के सेक्टर-62 में दुबई ड्राई फ्रूट्स के नाम पर चलाई गई फर्जी कंपनी ने देशभर के एक हजार से अधिक लोगों के साथ 200 करोड़ रुपये की ठगी की है। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने फर्जीवाड़े का खुलासा कर मास्टर माइंड मोहित गोयल और ओमप्रकाश जांगीड़ को गिरफ्तार किया था। पता चला था कि स्टार्ट अप इंडिया फर्म चलाने वाले लोगों से ड्राई फ्रूट्स, दाल , तेल आदि लेकर ठगी की गई। मामले में सुमित यादव, प्रदीप निर्वाण, मुसर्फिल लश्कर, विजय कुमार जैसे एक दर्जन से अधिक लोग फरार हैं। आरोपी चारों फर्जी कंपनियों में शेयरधारक रह चुके हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि आरोपी विदेश भाग सकते हैं। ऐसे में इनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारी गृह मंत्रालय व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संपर्क में हैं।
पुलिस टीम मेरठ पहुंची
फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड मोहित गोयल की संपत्ति की जांच के लिए पुलिस की एक टीम बुधवार को मेरठ पहुंची । इस दौरान मेरठ और आसपास के इलाकों में उसकी चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। जांच में पता चला कि मोहित ने गौतमबुद्ध नगर के दो थानों में अपने ही कर्मचारी सोने लाल और एक अन्य के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े से अपना संबंध छिपाने के लिए उसने अपने ही कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया। ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके।
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कमिश्नर से मिले 50 पीड़ित
वहीं, बुधवार को बिहार, पश्चिम बंगाल, नासिक आदि स्थानों के करीब 25 पीड़ितों ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया। इन पीड़ितों के करीब बीस करोड़ रुपये फंसे हैं। वहीं, पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह से बुधवार को मुलाकात कर करीब 50 पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की जा रही है। एसीपी रैंक के अधिकारी इसका नेतृत्व करेंगे। पीड़ितों को पुलिस न्याय दिलाएगी।
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