नूंह। जिले में बीते कई दिनों से हो रही बरसात से जलभराव की समस्या बढ़ती जा रही है। सरकार और जिला प्रशासन विकास के भले ही बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन हल्की सी बरसात होने पर सभी दावों की पोल खुल जाती है। नूंह में बृहस्पतिवार को हुई बारिश से शहर के वार्डों, सर्विस रोड, नालों के अलावा मुख्य मार्गों पर जलभराव से लोगों को जूझना पड़ रहा है। वहीं, बदहाल मार्गों की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों की मांग है कि इन मार्गों की जल्द से जल्द मरम्मत करवाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
शहरवासी अधिवक्ता एडवोकेट मोहम्मद हारून, ताहिर हुसैन रूपाड़िया, नसीम सिरौली आदि लोगों ने बताया कि नूंह को जिला बने 16 साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब भी शहर की हालात गांवों से भी बदतर है। शहर की सभी मुख्य सड़कें बदहाल हैं। हाल ही में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर में डाली गई सीवरलाइन से और ज्यादा दिक्कत बढ़ गई है। जन स्वास्थ्य विभाग में कुछ कर्मचारी अपनी राजनीति पहुंच के कारण शहर को और अधिक दुर्दशा की ओर धकेल रहे हैं। इसी कारण शहर के बदहाल मुख्य मार्गों की सुध नहीं ली जा रही है। बृहस्पतिवार को शहर में बरसात से जलभराव के कारण पुराना थाना रोड, सर्विस रोड, शाहपुर नंगली रोड, वार्ड 13 सहित अन्य कई वार्डों में जलभराव और बदहाल मार्गों के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि शहर के विकास को लेकर जिला प्रशासन और सरकार को अलग से कमेटी बनाकर कार्य करने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन के पास कोई रणनीति नहीं होने के कारण शहर में चारों और समस्याओं का अंबार है। कागजों में भले ही विकास पर करोड़ों खर्च किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास दूर-दूर तक नजर नहीं आता है। शहर की दुर्दशा को सुधारने के लिए पुराने कार्यों की जांच कराई जाए। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत से शहर के विकास की लापरवाही सामने आ जाएगी। वहीं, इस बारे में उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा कि इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।