फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   drdo 2 dg medicine against corona virus hisar dr sudhir chandna dr anil from ballia dr anant narayan bhatt

हम होंगे कामयाब: कोरोना वायरस को हराने आ गई 2-डीजी, ये तीन डॉक्टर लेकर आए हैं 'रामबाण'

Tue, 11 May 2021 03:27 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 11 May 2021 03:27 PM IST
सार

दुनिया के तमाम देशों की तरह भारत में भी कोरोना कहर बरपा रहा है। जिसे हराने के लिए वैज्ञानिक और डॉक्टर दिन-रात प्रयास कर रहे हैं। इस बीच भारत के लिए खुशी की लहर लेकर 2-डीजी दवा आई है। इस दवा को इजाद करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने कामयाबी की पहली सीढ़ी पा ली है। अब आपको बताते हैं उन तीन डॉक्टरों के बारे में जिन्होंने 2-डीजी दवा को कोरोना के खिलाफ रामबाण दवा होने का दावा किया है...

विज्ञापन
drdo 2 dg medicine against corona virus hisar dr sudhir chandna dr anil from ballia dr anant narayan bhatt
डीआरडीओ के साइंटिस्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं में हिसार का नाम भी जुड़ गया है। हिसार में जन्मे डीआरडीओ के चीफ साइंटिस्ट सुधीर चांदना और उनकी टीम ने देश को बड़ा उपहार दिया है। इसमें उत्तर प्रदेश के बलिया और गोरखपुर के नाम भी उपलब्धि दर्ज हुई है। 2-डियोक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) दवा की खोज करने वाली टीम में शामिल डॉ. सुधीर चांदना ने एचएयू से एमएससी पास की थी।

विज्ञापन


हिसार के सेक्टर- 13 में रहने वाले विनित चांदना ने अमर उजाला को बताया कि शनिवार को ही छोटे भाई डॉ. सुधीर चांदना से मोबाइल पर बात हुई। 2-डीजी दवा की खोज पूरी होने पर डॉ. सुधीर बेहद खुश थे। उन्होंने कहा कि भाई साहब आखिर हम कामयाब हो गए... हमने कोरोना को हराने के लिए दवा बना ली है। अप्रैल 2020 से डॉ. सुधीर टीम के साथ कोरोना की दवा पर काम कर रहे थे। इस दौरान उनको कई बार असफलता भी मिली लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखे...और पढ़ें

विज्ञापन


देश के लिए पहली कोविड मेडिसिन खोजने वाले वैज्ञानिक का दावा, सभी पर होगी असरदार
देश के लिए कोविड की पहली दवाई खोजने वाले डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत नारायण भट्ट का कहना है कि इस टू डी-ऑक्सी डी ग्लूकोज दवा की कीमत सामान्य रहेगी। मेडिसिन के प्रोडक्शन के साथ ही कीमत और कम हो जाएगी। यह समाज के हर तबके लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस दिशा में काम चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन





गोरखपुर निवासी डॉ. अनंत नारायण भट्ट डीआरडीओ के नाभिकीय औषधि एवं संबल विज्ञान संस्थान में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। डॉ. अनंत ने 1994 में किसान इंटरमीडिएट कॉलेज गगहा से इंटर की पढ़ाई पूरी की है। बीएससी बायोलॉजी बस्ती के शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज से किया है। एमएसएसी जैव रसायन डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या तो पीएचडी सीडीआरआई लखनऊ से किया है...और पढ़ें


बलिया के डॉ. अनिल भी हैं कोरोना की दवा बनाने वालों में, बीएचयू को किया गौरवान्वित, फ्रांस-अमेरिका में रहे वैज्ञानिक
कोरोना के इलाज में गेम चेंजर दवा टू डीजी बनाने वालों में शामिल बलिया जिले के लाल डॉ. अनिल कुमार मिश्रा सिकंदरपुर के मिश्र चक निवासी हैं। उनकी उपलब्धि से जिले में हर्ष का माहौल है। इसके पूर्व सिकंदरपुर क्षेत्र के लीलकर गांव निवासी डॉ संजय राय ने कोवैक्सीन के मामले में प्रमुख भूमिका निभाई थी। सिकंदरपुर से दो किमी दूर पर स्थित छोटे से गांव मिश्रचक निवासी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने कक्षा एक से आठवीं तक की पढ़ाई जूनियर हाई स्कूल सिकंदरपुर में की।

इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे गोरखपुर चले गए। 1984 में उन्होंने एमएससी(रसायन विज्ञान) की पढ़ाई गोरखपुर विश्वविद्यालय से की। 1988 में उन्होंने बीएचयू से पीएचडी की। इस बाद वह तीन साल तक पोस्ट डॉक्टोरल फेलो के साथ प्रोफेसर रॉजर गुइलार्ड के साथ बर्गोग्ने विश्वविद्यालय, डीजन, फ्रांस में और प्रोफेसर सीएफ मेयर्स, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और डेविस, यूएसए के साथ रहे। वह 1994- 1997 तक इनसेरम, नैनटेस, फ्रांस में प्रोफेसर चटल के साथ अनुसंधान वैज्ञानिक रहे...और पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed