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कोरोना पर भारी पड़ेगी 2-डीजी दवा: खोज करने वाली डीआरडीओ की टीम में हिसार का लाल भी शामिल
Sun, 09 May 2021 03:00 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 09 May 2021 03:00 PM IST
सार
हिसार के सेक्टर- 13 में रहने वाले विनित चांदना ने अमर उजाला को बताया कि शनिवार को ही छोटे भाई डॉ. सुधीर चांदना से मोबाइल पर बात हुई। 2-डीजी दवा की खोज पूरी होने पर डॉ. सुधीर बेहद खुश थे। उन्होंने कहा कि भाई साहब आखिर हम कामयाब हो गए... हमने कोरोना को हराने के लिए दवा बना ली है।
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डॉ. सुधीर चांदना।
- फोटो : एएनआई/अमर उजाला
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विस्तार
कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं में हिसार का नाम भी जुड़ गया है। हिसार में जन्मे डीआरडीओ के चीफ साइंटिस्ट सुधीर चांदना और उनकी टीम ने देश को बड़ा उपहार दिया है। 2-डियोक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) दवा की खोज करने वाली टीम में शामिल डॉ. सुधीर चांदना ने एचएयू से एमएससी पास की थी।
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हिसार के सेक्टर- 13 में रहने वाले विनित चांदना ने अमर उजाला को बताया कि शनिवार को ही छोटे भाई डॉ. सुधीर चांदना से मोबाइल पर बात हुई। 2-डीजी दवा की खोज पूरी होने पर डॉ. सुधीर बेहद खुश थे। उन्होंने कहा कि भाई साहब आखिर हम कामयाब हो गए... हमने कोरोना को हराने के लिए दवा बना ली है। अप्रैल 2020 से डॉ. सुधीर टीम के साथ कोरोना की दवा पर काम कर रहे थे। इस दौरान उनको कई बार असफलता भी मिली लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखे।
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शुरुआत से ही रिसर्च क्षेत्र में जाने की थी चाहत
विनित चांदना ने बताया कि उनका छोटा भाई डॉ. सुधीर चांदना शुरुआत से ही रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहता था। इस कारण उसने डीआरडीओ को कॅरिअर के तौर पर चुना। उसमें काम करने की एक धुन है। जिस काम में लग जाए उसको पूरा करके ही दम लेता है। एसबीआई से वीआरएस ले चुके विनित ने बताया कि उनके पिता जेडी चांदना जज थे। इस कारण उनका अलग-अलग शहरों में तबादला होता रहता था।
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सुधीर की स्कूली व कॉलेज की पढ़ाई अलग-अलग शहरों में हुई। कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरी की। एमएससी इन जेनेटिक्स वर्ष 1989-90 में हिसार के एचएयू से की थी। एमएससी करने के बाद उन्होंने डीआरडीओ ज्वाइन कर लिया। डॉ. सुधीर चांदना यंग साइंटिस्ट का अवॉर्ड भी जीत चुके हैं। नौकरी करते हुए ही उन्होंने पीएचडी पूरी की। इस उपलब्धि पर जल्द ही विनित चांदना दिल्ली जाकर बधाई देंगे।
शनिवार सुबह हुई बात
विनित चांदना ने बताया कि वे दोनों दोस्त की तरह रहते हैं। सुधीर दिल्ली में ही रहते हैं। बीच-बीच में उनका हिसार आना होता है। शनिवार की सुबह ही उन्होंने फोन कर बताया था कि उनकी मेहनत सफल हो गई है। उनकी दवा को मंजूरी मिलने जा रही है। शाम को घोषणा के बाद बातचीत नहीं हो सकी है। उनका मैसेज आया है कि वापस कॉल करेंगे।