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डॉ. योगानंद शास्त्री कांग्रेस छोड़कर एनसीपी में शामिल
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नई दिल्ली। शीला दीक्षित सरकार में दो बार मंत्री और एक बार विधानसभा अध्यक्ष रहे डॉ. योगानंद शास्त्री ने बुधवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए हैं। एनसीपी प्रमुख एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने उनको पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराने के साथ-साथ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. शास्त्री पिछले विधानसभा चुनाव के समय से कांग्रेेस से नाराज चल रहे थे।
बुधवार को एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्हें पार्टी में शामिल किया। मौके पर उन्होंने डॉ. शास्त्री को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष जिम्मेदारी बनाए जाने की घोषणा की। डॉ. योगानंद शास्त्री वर्ष 1998 में शीला दीक्षित सरकार में विकास मंत्री मंत्री थे। जबकि वर्ष 2003 में शीला सरकार में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। वहीं उनको वर्ष 2008 में शीला सरकार में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। डा. शास्त्री वर्ष 1998 व 2003 में मालवीय नगर क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। जबकि वर्ष 2008 में वह महरौली से विधायक बने थे। वर्ष 2020 में कांग्रेस ने उनकी बेटी को आरकेपुरम क्षेत्र से टिकट दे दिया। तब उन्होंने तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा पर कई आरोप लगाए थे।
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बुधवार को एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्हें पार्टी में शामिल किया। मौके पर उन्होंने डॉ. शास्त्री को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष जिम्मेदारी बनाए जाने की घोषणा की। डॉ. योगानंद शास्त्री वर्ष 1998 में शीला दीक्षित सरकार में विकास मंत्री मंत्री थे। जबकि वर्ष 2003 में शीला सरकार में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। वहीं उनको वर्ष 2008 में शीला सरकार में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। डा. शास्त्री वर्ष 1998 व 2003 में मालवीय नगर क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। जबकि वर्ष 2008 में वह महरौली से विधायक बने थे। वर्ष 2020 में कांग्रेस ने उनकी बेटी को आरकेपुरम क्षेत्र से टिकट दे दिया। तब उन्होंने तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा पर कई आरोप लगाए थे।
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