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Noida News: डिब्बेवाला एसोसिएशन के सीईओ डॉ. पवन अग्रवाल ने दिए बिजनेस के मंत्र - जो भी करें शिद्दत से, निरंतर करें और 100 फीसदी दें
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इंडक्शन कार्यक्रम में डिब्बेवाला एसोसिएशन के सीईओ डॉ. पवन अग्रवाल। स्रोत ः आईईटी
लखनऊ। मुंबई में पिछले 135 साल से लोगों का विश्वास बने डिब्बेवाला एसोसिएशन के सीईओ डॉ. पवन अग्रवाल कहते हैं कि आज के बिजनेस करने का तरीका बदला है। किंतु अगर आप कोई भी काम शिद्दत से करें, निरंतर करें और अपना 100 फीसदी दें तो कोई भी ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती है।
इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में नवप्रवेशितों के इंडक्शन कार्यक्रम में आए डॉ. पवन ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हम जो भी करें, उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। भगवान मानकर उपभोक्ताओं की सेवा करनी होगी। हमें उपभोक्ता से पीढ़ी दर पीढ़ी संबंध बनाने होंगे। यही हमारी पूंजी है और इसी के साथ हम आज भी अपने व्यवसाय में सफल हैं।
उन्होंने कहा कि 135 साल में एक भी डिब्बा गलत डिलीवर नहीं किया। हमें काम के प्रति अपनापन और लोगों से भावनात्मक जुड़ाव रखना होगा। हम कभी कोई डिब्बा खोलकर नहीं देखते हैं। उसमें पैसा है, सोना है, चांदी है, लेकिन वह चोरी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारा स्लोगन है ''इन टाइम, ऑन टाइम, ऑल द टाइम, नॉट समटाइम।'' डॉ. अग्रवाल ने कहा कि युवा अपने पुराने दिन याद रखें।
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अभिभावकों को भी दी सलाह
डॉ. पवन ने कहा कि एक समय था कि लोग अपने पिता से डरते थे आज पिता अपने बच्चों से डरते हैं। हमें इसमें बदलाव लाना होगा। बच्चा अगर गलत कर रहा है कि अभिभावक को अपने बच्चों को टोकना होगा, बार-बार टोकना होगा।
135 साल से बिना गलती के पहुंच रहे दो लाख टिफिन
नवप्रवेशितों से संवाद में डॉ. पवन ने कहा कि डिब्बेवाला 135 साल से निरंतर शून्य गलती के साथ, 5 हजार डिब्बाकर्मियों की मदद से प्रतिदिन 2 लाख टिफिन सही जगह पर पहुंचा रहे हैं। एसोसिएशन अपने 5000 कर्मचारियों का इस प्रकार ध्यान रखती है कि आज तक कभी हड़ताल नहीं हुई। हर छात्र को राष्ट्र निर्माण में सहयोग देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि डिब्बेवाला के कर्मचारी न केवल टिफिन इकट्ठे करते हैं बल्कि उसे सही क्रम में गंतव्य तक अलग-अलग स्टेशनों तक पहुंचाते हैं। कर्मचारी एक विशेष माला पहनाते है, जो उन्हें मादक पदार्थों के सेवन से बचाए रखने में प्रेरित करती है। डॉ. पवन ने बताया कि 10वीं में असफल होने पर उनके पिता ने कहा था कि रोने का नहीं, लड़ने का समय है। कार्यक्रम में आईईटी निदेशक प्रो. विनीत कंसल, प्रो. एसएन मिश्रा, डॉ. आरसीएस चौहान, डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अभिषेक नगर आदि उपस्थित थे।
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इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में नवप्रवेशितों के इंडक्शन कार्यक्रम में आए डॉ. पवन ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हम जो भी करें, उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। भगवान मानकर उपभोक्ताओं की सेवा करनी होगी। हमें उपभोक्ता से पीढ़ी दर पीढ़ी संबंध बनाने होंगे। यही हमारी पूंजी है और इसी के साथ हम आज भी अपने व्यवसाय में सफल हैं।
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उन्होंने कहा कि 135 साल में एक भी डिब्बा गलत डिलीवर नहीं किया। हमें काम के प्रति अपनापन और लोगों से भावनात्मक जुड़ाव रखना होगा। हम कभी कोई डिब्बा खोलकर नहीं देखते हैं। उसमें पैसा है, सोना है, चांदी है, लेकिन वह चोरी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारा स्लोगन है ''इन टाइम, ऑन टाइम, ऑल द टाइम, नॉट समटाइम।'' डॉ. अग्रवाल ने कहा कि युवा अपने पुराने दिन याद रखें।
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अभिभावकों को भी दी सलाह
डॉ. पवन ने कहा कि एक समय था कि लोग अपने पिता से डरते थे आज पिता अपने बच्चों से डरते हैं। हमें इसमें बदलाव लाना होगा। बच्चा अगर गलत कर रहा है कि अभिभावक को अपने बच्चों को टोकना होगा, बार-बार टोकना होगा।
135 साल से बिना गलती के पहुंच रहे दो लाख टिफिन
नवप्रवेशितों से संवाद में डॉ. पवन ने कहा कि डिब्बेवाला 135 साल से निरंतर शून्य गलती के साथ, 5 हजार डिब्बाकर्मियों की मदद से प्रतिदिन 2 लाख टिफिन सही जगह पर पहुंचा रहे हैं। एसोसिएशन अपने 5000 कर्मचारियों का इस प्रकार ध्यान रखती है कि आज तक कभी हड़ताल नहीं हुई। हर छात्र को राष्ट्र निर्माण में सहयोग देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि डिब्बेवाला के कर्मचारी न केवल टिफिन इकट्ठे करते हैं बल्कि उसे सही क्रम में गंतव्य तक अलग-अलग स्टेशनों तक पहुंचाते हैं। कर्मचारी एक विशेष माला पहनाते है, जो उन्हें मादक पदार्थों के सेवन से बचाए रखने में प्रेरित करती है। डॉ. पवन ने बताया कि 10वीं में असफल होने पर उनके पिता ने कहा था कि रोने का नहीं, लड़ने का समय है। कार्यक्रम में आईईटी निदेशक प्रो. विनीत कंसल, प्रो. एसएन मिश्रा, डॉ. आरसीएस चौहान, डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अभिषेक नगर आदि उपस्थित थे।

इंडक्शन कार्यक्रम में डिब्बेवाला एसोसिएशन के सीईओ डॉ. पवन अग्रवाल। स्रोत ः आईईटी

इंडक्शन कार्यक्रम में डिब्बेवाला एसोसिएशन के सीईओ डॉ. पवन अग्रवाल। स्रोत ः आईईटी