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ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डीपीआर नवंबर तक होगी मंजूर
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नोएडा। सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय में बृहस्पतिवार को नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की बोर्ड बैठक हुई। इसमें करीब 16 प्रस्ताव पेश किए गए। ज्यादातर प्रस्ताव लेखा-जोखा से संबंधित रहे। वहीं, ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का काम दिसंबर से शुरू कराने पर चर्चा की गई। साथ ही, शहर में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर भी बातचीत हुई। इसमें सार्वजनिक परिवहन के बेहतर उपायों पर मंथन किया गया।
बैठक में एक्वा लाइन विस्तार के तहत ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का काम जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए बोर्ड को अवगत कराया गया। इसके अलावा केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सक्षम अधिकारियों से ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूर कराने की अपील की गई। इसमें अधिक से अधिक नवंबर तक डीपीआर पर मुहर लगाने को कहा गया, ताकि दिसंबर में काम शुरू कराया जा सके।
इसके अलावा बैठक में एनएमआरसी का 31 मार्च 2021 तक का लेखा-जोखा मंजूर किया गया। साथ ही, ट्रांसफर, पोस्टिंग सहित पॉलिसी पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान बैठक में एमडी रितु माहेश्वरी, ईडी प्रवीण कुमार मिश्र के अलावा एनएमआरसी का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। वीडियो कांफ्रेंसिंग से एनएमआरसी के चेयरमैन कामरान रिजवी और निदेशक श्याम सुंदर दूबे, नरेंद्र भूषण, जयदीप व विनय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।
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डीपीआर पर मुहर लगने के बाद ही शुरू होगा काम
अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार को भेजी गई ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डीपीआर पर मुहर लगने के बाद ही काम शुरू होगा। जब तक प्रोजेक्ट पर केंद्र की हरी झंडी नहीं मिलती, एनएमआरसी की काम शुरू करने की योजना नहीं है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी है। एनएमआरसी का कहना है कि डीपीआर पर कई बार आपत्तियां मांगी गईं। सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया। लिहाजा, अब इस पर मंजूरी मिले तो काम शुरू हो जाएगा।
सार्वजनिक परिवहन सेवा को बेहतर बनाने की तैयारी
बोर्ड बैठक में सार्वजनिक परिवहन की बेहतर कनेक्टिविटी पर बातचीत हुई। सिटी बस सेवा को बंद करने के बाद शहर के अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी, मेट्रो स्टेशनों को एक दूसरे से जोड़ने के अलावा शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक दूसरे से सार्वजनिक परिवहन की सेवाओं से जोड़ने और बसों का रूट तय करने पर मंथन किया गया। इस मामले में अब एनएमआरसी की ओर से छोटी बसें चलाने को लेकर एक प्रस्ताव बनाया जाएगा। अगले सप्ताह कनेक्टिविटी के लिए प्रस्ताव चेयरमैन को भेजा जाएगा। फिर इस मसले पर कुछ फैसला होगा। इसके अलावा सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों के यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया।
नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक आज, 25 प्रस्ताव रखे जाएंगे
सेक्टर-6 स्थित प्रशासनिक भवन में शुक्रवार को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक होगी। इसमें 25 प्रस्ताव रखे जाएंगे। मुख्य तौर पर कोविड के कारण कंप्लीशन सर्टिफिकेट देने के लिए छह माह के बिना शुल्क समय विस्तार को लागू करने के संबंध में शासनादेश के आदेश को रखा जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक भूखंडों के पुनर्स्थापन को लेकर नीति में कुछ संशोधन प्रस्तावित है।
औद्योगिक एवं संस्थागत विभाग की आवंटन प्रक्रिया में एकरूपता लाने की प्रक्रिया में संशोधन होगा। प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों में ट्रांसफर शुल्क कम हो सकता है। आवासीय भूखंड की योजना में किसानों को 30 दिनों की जगह 90 दिनों में पैसे जमा करने की सुविधा मिलेगी। आवासीय भवन विभाग में एक मुश्त समाधान योजना लाई जाएगी। इसमें बकायेदारों को मौका मिलेगा। इसके अलावा पैसे जमा नहीं करने पर 100 प्रतिशत राशि जब्त करने का भी प्रस्ताव होगा। झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना, टेंडर प्रक्रिया, चिल्ला रेगुलेटर, किसानों की बेटियों को सुविधा, नोएडा स्टेडियम में शुल्क, भेल की ओर से एयर पॉल्यूशन कंट्रोल टावर स्थापित करने समेत कई अन्य एजेंडे बोर्ड के सामने रखे जाएंगे।
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बैठक में एक्वा लाइन विस्तार के तहत ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का काम जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए बोर्ड को अवगत कराया गया। इसके अलावा केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सक्षम अधिकारियों से ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूर कराने की अपील की गई। इसमें अधिक से अधिक नवंबर तक डीपीआर पर मुहर लगाने को कहा गया, ताकि दिसंबर में काम शुरू कराया जा सके।
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इसके अलावा बैठक में एनएमआरसी का 31 मार्च 2021 तक का लेखा-जोखा मंजूर किया गया। साथ ही, ट्रांसफर, पोस्टिंग सहित पॉलिसी पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान बैठक में एमडी रितु माहेश्वरी, ईडी प्रवीण कुमार मिश्र के अलावा एनएमआरसी का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। वीडियो कांफ्रेंसिंग से एनएमआरसी के चेयरमैन कामरान रिजवी और निदेशक श्याम सुंदर दूबे, नरेंद्र भूषण, जयदीप व विनय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।
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डीपीआर पर मुहर लगने के बाद ही शुरू होगा काम
अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार को भेजी गई ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डीपीआर पर मुहर लगने के बाद ही काम शुरू होगा। जब तक प्रोजेक्ट पर केंद्र की हरी झंडी नहीं मिलती, एनएमआरसी की काम शुरू करने की योजना नहीं है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी है। एनएमआरसी का कहना है कि डीपीआर पर कई बार आपत्तियां मांगी गईं। सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया। लिहाजा, अब इस पर मंजूरी मिले तो काम शुरू हो जाएगा।
सार्वजनिक परिवहन सेवा को बेहतर बनाने की तैयारी
बोर्ड बैठक में सार्वजनिक परिवहन की बेहतर कनेक्टिविटी पर बातचीत हुई। सिटी बस सेवा को बंद करने के बाद शहर के अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी, मेट्रो स्टेशनों को एक दूसरे से जोड़ने के अलावा शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक दूसरे से सार्वजनिक परिवहन की सेवाओं से जोड़ने और बसों का रूट तय करने पर मंथन किया गया। इस मामले में अब एनएमआरसी की ओर से छोटी बसें चलाने को लेकर एक प्रस्ताव बनाया जाएगा। अगले सप्ताह कनेक्टिविटी के लिए प्रस्ताव चेयरमैन को भेजा जाएगा। फिर इस मसले पर कुछ फैसला होगा। इसके अलावा सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों के यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया।
नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक आज, 25 प्रस्ताव रखे जाएंगे
सेक्टर-6 स्थित प्रशासनिक भवन में शुक्रवार को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक होगी। इसमें 25 प्रस्ताव रखे जाएंगे। मुख्य तौर पर कोविड के कारण कंप्लीशन सर्टिफिकेट देने के लिए छह माह के बिना शुल्क समय विस्तार को लागू करने के संबंध में शासनादेश के आदेश को रखा जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक भूखंडों के पुनर्स्थापन को लेकर नीति में कुछ संशोधन प्रस्तावित है।
औद्योगिक एवं संस्थागत विभाग की आवंटन प्रक्रिया में एकरूपता लाने की प्रक्रिया में संशोधन होगा। प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों में ट्रांसफर शुल्क कम हो सकता है। आवासीय भूखंड की योजना में किसानों को 30 दिनों की जगह 90 दिनों में पैसे जमा करने की सुविधा मिलेगी। आवासीय भवन विभाग में एक मुश्त समाधान योजना लाई जाएगी। इसमें बकायेदारों को मौका मिलेगा। इसके अलावा पैसे जमा नहीं करने पर 100 प्रतिशत राशि जब्त करने का भी प्रस्ताव होगा। झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना, टेंडर प्रक्रिया, चिल्ला रेगुलेटर, किसानों की बेटियों को सुविधा, नोएडा स्टेडियम में शुल्क, भेल की ओर से एयर पॉल्यूशन कंट्रोल टावर स्थापित करने समेत कई अन्य एजेंडे बोर्ड के सामने रखे जाएंगे।