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छह माह में 3.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा डॉग पार्क
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नोएडा के सेक्टर- 137 में डॉग पार्क का काम हुआ शुरु।
नोएडा। सेक्टर-137 में सोमवार से डॉग पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो गया। पार्क सुविधाओं से लैस होगा। यहां कुत्तों को घुमाने, प्रशिक्षण दिलाने और खेलने की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। निर्माण पूरा होने के बाद एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। एजेंसी का चयन उसी समय किया जाएगा। 3.5 एकड़ में बनने वाले पार्क में करीब 3.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे 6 माह में तैयार किया जाएगा।
प्राधिकरण के ओएसडी ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह टीम के साथ सोमवार को निर्माणाधीन पार्क पहुंचे। इस दौरान अधीनस्थ अधिकारियों की बताई समस्याओं को दूर कराया। सिंह ने बताया कि पार्क में छोटे-बडे़ कुत्तों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। इनके लिए वाटर फाउंटेन, शेल्टर, वाटर पौंड, डॉग वेस्ट डिस्पोजल स्टेशन समेत अन्य चीजें बनाई जाएंगी। पार्क में आने वालों के बैठने आदि के लिए भी व्यवस्था रहेगी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग कुत्तों को एक दिन या एक सप्ताह रखवाने की मांग कर रहे हैं। यह एजेंसी पर निर्भर करेगी कि वह डॉग का नाइट स्टे कराएगी या नहीं, लेकिन शर्तों के आधार पर ही एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी। डॉग पार्क में प्रवेश के लिए प्राधिकरण में कुत्ते का पंजीकरण होना जरूरी होगा। इसके लिए प्राधिकरण ने एप भी लॉन्च किया है। रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये एक साल के लिए वैध होगी। यह केवल रजिस्ट्रेशन फीस होगी। पार्क में सुविधाओं का क्या चार्ज होगा यह आला अधिकारी एजेंसी से बैठकर तय करेंगे।
डॉग्स के नाइट स्टे की मांग
नोएडा में बाहर के लोग अधिक रहते हैं। निवासियों को अक्सर अपने मूल स्थान या दूसरे देशों में काम के सिलसिले में जाना पड़ता है। ऐसे में अपने पेट को सुरक्षित रखने के लिए कोई विशेष स्थान नहीं है। नोएडा निवासी राजेंद्र पंडित का कहना है कि प्राधिकरण को ऐसी व्यवस्था भी करनी चाहिए कि यदि कोई परिवार शहर से बाहर जाता है तो डॉग को पार्क में छोड़ा जा सके। भले ही उसके लिए फीस निर्धारित कर दी जाए।
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प्राधिकरण के ओएसडी ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह टीम के साथ सोमवार को निर्माणाधीन पार्क पहुंचे। इस दौरान अधीनस्थ अधिकारियों की बताई समस्याओं को दूर कराया। सिंह ने बताया कि पार्क में छोटे-बडे़ कुत्तों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। इनके लिए वाटर फाउंटेन, शेल्टर, वाटर पौंड, डॉग वेस्ट डिस्पोजल स्टेशन समेत अन्य चीजें बनाई जाएंगी। पार्क में आने वालों के बैठने आदि के लिए भी व्यवस्था रहेगी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग कुत्तों को एक दिन या एक सप्ताह रखवाने की मांग कर रहे हैं। यह एजेंसी पर निर्भर करेगी कि वह डॉग का नाइट स्टे कराएगी या नहीं, लेकिन शर्तों के आधार पर ही एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी। डॉग पार्क में प्रवेश के लिए प्राधिकरण में कुत्ते का पंजीकरण होना जरूरी होगा। इसके लिए प्राधिकरण ने एप भी लॉन्च किया है। रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये एक साल के लिए वैध होगी। यह केवल रजिस्ट्रेशन फीस होगी। पार्क में सुविधाओं का क्या चार्ज होगा यह आला अधिकारी एजेंसी से बैठकर तय करेंगे।
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डॉग्स के नाइट स्टे की मांग
नोएडा में बाहर के लोग अधिक रहते हैं। निवासियों को अक्सर अपने मूल स्थान या दूसरे देशों में काम के सिलसिले में जाना पड़ता है। ऐसे में अपने पेट को सुरक्षित रखने के लिए कोई विशेष स्थान नहीं है। नोएडा निवासी राजेंद्र पंडित का कहना है कि प्राधिकरण को ऐसी व्यवस्था भी करनी चाहिए कि यदि कोई परिवार शहर से बाहर जाता है तो डॉग को पार्क में छोड़ा जा सके। भले ही उसके लिए फीस निर्धारित कर दी जाए।
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