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रोहिंग्या की गिरफ्तारी से जिला पुलिस और खुफिया विभाग अनभिज्ञ
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ग्रेटर नोएडा। लखनऊ एटीएस ने शहर के परी चौक से एक रोहिंग्या फारुक उर्फ हसन की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। वहीं, जिला पुलिस और खुफिया विभाग इस मामले से अनजान है। पूछे जाने पर भी अधिकारी कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। बता दें कि दो साल पहले भी सूरजपुर क्षेत्र से दो बांग्लादेशी आतंकियों को एटीएस और पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार था। मामले में डीसीपी का कहना है कि रोहिंग्या के गौतमबुद्ध नगर से नहीं बल्कि दूसरे शहर से पकड़े जाने जानकारी मिली है।
लखनऊ एटीएस ने बताया कि म्यांमार निवासी फारुक उर्फ हसन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर रोहिंग्या समुदाय के लोगों को मीट फैक्ट्री में नौकरी दिलाने की जानकारी दी है। ऐसे में इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी यहां भी किसी फैक्ट्री या कंपनी में फर्जी दस्तावेज के आधार पर रोहिंग्या समुदाय के लोगों को नौकरी दिलाने में कामयाब हो गए हों या फिर प्रयास कर रहे हों।
बता दें कि 24 जुलाई 2018 को भी एटीएस और पश्चिम बंगाल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र से जमात उल मुजाहिद्दीन के दो बांग्लादेशी आतंकियों को गिरफ्तार किया था। यामहा तिराहे के पास से पकड़े गए आतंकियों की पहचान रूबैल अहमद और मुशर्रफ हुसैन के रुप में हुई थी। आरोपी 15 अगस्त पर बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
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ग्रेटर नोएडा जोन डीसीपी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि एटीएस ने हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। मीडिया के माध्यम से रोहिंग्या के दूसरे शहरों से पकड़े जाने की जानकारी मिली है।
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लखनऊ एटीएस ने बताया कि म्यांमार निवासी फारुक उर्फ हसन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर रोहिंग्या समुदाय के लोगों को मीट फैक्ट्री में नौकरी दिलाने की जानकारी दी है। ऐसे में इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी यहां भी किसी फैक्ट्री या कंपनी में फर्जी दस्तावेज के आधार पर रोहिंग्या समुदाय के लोगों को नौकरी दिलाने में कामयाब हो गए हों या फिर प्रयास कर रहे हों।
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बता दें कि 24 जुलाई 2018 को भी एटीएस और पश्चिम बंगाल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र से जमात उल मुजाहिद्दीन के दो बांग्लादेशी आतंकियों को गिरफ्तार किया था। यामहा तिराहे के पास से पकड़े गए आतंकियों की पहचान रूबैल अहमद और मुशर्रफ हुसैन के रुप में हुई थी। आरोपी 15 अगस्त पर बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
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ग्रेटर नोएडा जोन डीसीपी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि एटीएस ने हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। मीडिया के माध्यम से रोहिंग्या के दूसरे शहरों से पकड़े जाने की जानकारी मिली है।