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जिला जेल का वार्डन निलंबित, डिप्टी जेलर को नोटिस
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ग्रेटर नोएडा। लुकसर स्थित जिला जेल परिसर में बंदी के मोबाइल उपयोग का वीडियो करीब दो साल पहले वायरल हुआ था। वीडियो में बंदी बैरक में शतरंज खेलते भी नजर आ रहे थे। मुख्यालय स्तर पर की गई जांच में वीडियो के लुकसर जेल में बनाए जाने की पुष्टि हुई है। मामले में सोमवार को वार्डन राजवीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही उस दिन ड्यूटी पर तैनात डिप्टी जेलर प्रदीप सिंह को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जेल अधीक्षक भीम सेन मुकुंद ने बताया कि दो साल पहले तीन वीडियो वायरल हुआ था। मुख्यालय स्तर के जांच में एक वीडियो के लुकसर जेल में बने होने की बात सामने आई है। इस वीडियो में बंदी शतरंज खेलते हुए व मोबाइल पर बात करते हुए दिखाई दे रहे थे। जेल परिसर में बंदियों के मोबाइल रखने पर पाबंदी है। जांच में वार्डन की संलिप्त होने की बात सामने आई है। जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। जबकि डिप्टी जेलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
करीब 1 मिनट के पहले वीडियो में एक बंदी भोजन सामग्री वितरित करते हुए एक व्यक्ति और उसके आसपास खड़े कुछ लोग दिखाई पड़ रहे हैं। वीडियो में प्रदर्शित तथ्य जेल के नहीं है। इसमें ना तो कोई जेल का सिपाही है ना कोई बंदी नंबरदार है। प्रारंभिक जांच में यह दृश्य गौतमबुद्ध नगर जेल से संबंधित नहीं पाया गया है। वहीं 1:23 मिनट के द्वितीय वीडियो में कत्थई रंग की शर्ट पहने हुए एक व्यक्ति मोबाइल पर बात करता दिख रहा है।
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इस वीडियो की जांच में कई तथ्यों को संज्ञान में लिया गया जिसमें नोएडा जेल की सभी बैरकें डबल स्टोरी हैं। जबकि कथित वीडियो में कोई डबल स्टोरी की बिल्डिंग कहीं नहीं दिख रही है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है गौतमबुद्ध नगर जेल नई जेल है, वीडियो में दिखाई दे रहा भवन काफी पुराना लगता है। इसमें यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह दृश्य उत्तर प्रदेश के किसी जेल का है अथवा किसी अन्य प्रांत की कारागार का है, इसकी पुष्टि नहीं पाई है।
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जेल अधीक्षक भीम सेन मुकुंद ने बताया कि दो साल पहले तीन वीडियो वायरल हुआ था। मुख्यालय स्तर के जांच में एक वीडियो के लुकसर जेल में बने होने की बात सामने आई है। इस वीडियो में बंदी शतरंज खेलते हुए व मोबाइल पर बात करते हुए दिखाई दे रहे थे। जेल परिसर में बंदियों के मोबाइल रखने पर पाबंदी है। जांच में वार्डन की संलिप्त होने की बात सामने आई है। जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। जबकि डिप्टी जेलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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करीब 1 मिनट के पहले वीडियो में एक बंदी भोजन सामग्री वितरित करते हुए एक व्यक्ति और उसके आसपास खड़े कुछ लोग दिखाई पड़ रहे हैं। वीडियो में प्रदर्शित तथ्य जेल के नहीं है। इसमें ना तो कोई जेल का सिपाही है ना कोई बंदी नंबरदार है। प्रारंभिक जांच में यह दृश्य गौतमबुद्ध नगर जेल से संबंधित नहीं पाया गया है। वहीं 1:23 मिनट के द्वितीय वीडियो में कत्थई रंग की शर्ट पहने हुए एक व्यक्ति मोबाइल पर बात करता दिख रहा है।
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इस वीडियो की जांच में कई तथ्यों को संज्ञान में लिया गया जिसमें नोएडा जेल की सभी बैरकें डबल स्टोरी हैं। जबकि कथित वीडियो में कोई डबल स्टोरी की बिल्डिंग कहीं नहीं दिख रही है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है गौतमबुद्ध नगर जेल नई जेल है, वीडियो में दिखाई दे रहा भवन काफी पुराना लगता है। इसमें यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह दृश्य उत्तर प्रदेश के किसी जेल का है अथवा किसी अन्य प्रांत की कारागार का है, इसकी पुष्टि नहीं पाई है।