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Noida News: आश्वासनों की बारिश में फल-फूल रही अव्यवस्था
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व्यापारी राहुल कुमार
अमर उजाला संवाद
पांच करोड़ का राजस्व देने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं नवीन कृषि उत्पादन मंडी के व्यापारी
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। नवीन कृषि उत्पादन मंडी में व्यापारी हर साल सरकार को करीब पांच करोड़ रुपये का राजस्व देते हैं, लेकिन इसके बावजूद मंडी में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी सचिव और उप जिलाधिकारी से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। व्यापारियों ने कहा कि आश्वासनों की बारिश में अव्यवस्था फल-फूल रही है। समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
1996 में स्थापित मंडी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गिना जाता है। इस मंडी में बुलंदशहर, हापुड़, सिकंदराबाद, धौलाना, दनकौर समेत आसपास के क्षेत्रों से किसान गेहूं, धान, फल और सब्जियां बेचने आते हैं। व्यापारियों ने कहा कि मंडी में फल एवं सब्जी की लगभग 30 लाइसेंसी दुकानें हैं, जबकि सौ से अधिक लोग थोक व्यापार कर रहे हैं। आरोप है कि इनमें कई लोग बिना लाइसेंस के कारोबार कर रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले किसानों को मंडी में प्रवेश और निकासी में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी मंडियों में शामिल होने के बावजूद किसानों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मंडी गेट पर अक्सर जाम रहता है। इसका समाधान करना चाहिए। - गजेंद्र गुप्ता, आढ़ती
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लाइसेंसधारक व्यापारियों की तुलना में लगभग दो गुने लोग बिना लाइसेंस के फल एवं सब्जी का थोक कारोबार कर रहे हैं। कार्रवाई न होने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। - जितेंद्र भाटी, आढ़ती
आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज के आधार पर थोक व्यापारियों की जांच कराई जाए। बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों लोगों के खिलाफ जरूरी कदम उठाने चाहिए। - उमेश रामा, आढ़ती
दादरी मंडी में शौचालय, पल्लेदारों के ठहरने की व्यवस्था और किसानों के लिए किसान भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही मंडी परिसर में गंदगी पसरी है। - मूलचंद, आढ़ती
व्यापारी मंडी शुल्क के साथ नगर पालिका का हाउस टैक्स भी जमा करते हैं। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। कई बार शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। - राहुल कुमार, आढ़ती
मंडी की बिजली लाइनें पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा रहता है और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। - रामनिवास, आढ़ती
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पांच करोड़ का राजस्व देने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं नवीन कृषि उत्पादन मंडी के व्यापारी
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। नवीन कृषि उत्पादन मंडी में व्यापारी हर साल सरकार को करीब पांच करोड़ रुपये का राजस्व देते हैं, लेकिन इसके बावजूद मंडी में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी सचिव और उप जिलाधिकारी से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। व्यापारियों ने कहा कि आश्वासनों की बारिश में अव्यवस्था फल-फूल रही है। समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
1996 में स्थापित मंडी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गिना जाता है। इस मंडी में बुलंदशहर, हापुड़, सिकंदराबाद, धौलाना, दनकौर समेत आसपास के क्षेत्रों से किसान गेहूं, धान, फल और सब्जियां बेचने आते हैं। व्यापारियों ने कहा कि मंडी में फल एवं सब्जी की लगभग 30 लाइसेंसी दुकानें हैं, जबकि सौ से अधिक लोग थोक व्यापार कर रहे हैं। आरोप है कि इनमें कई लोग बिना लाइसेंस के कारोबार कर रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले किसानों को मंडी में प्रवेश और निकासी में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी मंडियों में शामिल होने के बावजूद किसानों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मंडी गेट पर अक्सर जाम रहता है। इसका समाधान करना चाहिए। - गजेंद्र गुप्ता, आढ़ती
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लाइसेंसधारक व्यापारियों की तुलना में लगभग दो गुने लोग बिना लाइसेंस के फल एवं सब्जी का थोक कारोबार कर रहे हैं। कार्रवाई न होने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। - जितेंद्र भाटी, आढ़ती
आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज के आधार पर थोक व्यापारियों की जांच कराई जाए। बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों लोगों के खिलाफ जरूरी कदम उठाने चाहिए। - उमेश रामा, आढ़ती
दादरी मंडी में शौचालय, पल्लेदारों के ठहरने की व्यवस्था और किसानों के लिए किसान भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही मंडी परिसर में गंदगी पसरी है। - मूलचंद, आढ़ती
व्यापारी मंडी शुल्क के साथ नगर पालिका का हाउस टैक्स भी जमा करते हैं। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। कई बार शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। - राहुल कुमार, आढ़ती
मंडी की बिजली लाइनें पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा रहता है और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। - रामनिवास, आढ़ती

व्यापारी राहुल कुमार

व्यापारी राहुल कुमार

व्यापारी राहुल कुमार

व्यापारी राहुल कुमार

व्यापारी राहुल कुमार

व्यापारी राहुल कुमार