फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Discussion on the relevance of Buddhist philosophy in the age of AI

Noida News: एआई के दौर में बौद्ध दर्शन की प्रासंगिकता पर हुई चर्चा

Thu, 01 Oct 2026 08:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 08:00 PM IST
विज्ञापन
Discussion on the relevance of Buddhist philosophy in the age of AI
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में ‘बौद्ध धर्म और समकालीन विश्व में वैज्ञानिक दृष्टिकोण : प्रासंगिकता, नैतिकता एवं मानव कल्याण’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया। स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज एंड सिविलाइजेशन की ओर से भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (आईसीपीआर) के सहयोग से आयोजित सम्मेलन में भारत और विदेशों के करीब 50 विद्वानों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों में बौद्ध दर्शन, विज्ञान, चेतना, नैतिकता और मानव कल्याण से जुड़े शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए इसके इस्तेमाल में नैतिक दिशा-निर्देश, सुरक्षा और उचित नियमन की जरूरत बताई। आईसीपीआर के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्रा ने बौद्ध दर्शन में तर्कशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर विचार व्यक्त किए। जर्मनी के हीडलबर्ग विश्वविद्यालय से जुड़े डॉ. रॉल्फ ने तिब्बती चिकित्सा और उसकी समकालीन प्रासंगिकता पर व्याख्यान दिया। प्रो. आरसी प्रधान ने भारतीय चिंतन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। सम्मेलन के दौरान तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed