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Noida News: दंत उपचार के लिए आधुनिक तकनीकों पर चर्चा
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नोएडा। चाइल्ड पीजीआई में बच्चों के दंत उपचार के दौरान सुरक्षित निद्राकरण प्रथाओं पर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य दंत उपचार में सुरक्षित और आधुनिक निद्राकरण तकनीकों पर विचार साझा करना और चिकित्सकों को नए दिशानिर्देशों से अवगत कराना था।
संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने कहा कि बच्चों के उपचार में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और निद्राकरण तकनीकें तभी लाभदायक हैं जब इन्हें प्रशिक्षित विशेषज्ञ तय प्रोटोकॉल के अनुसार अपनाएं। बाल दंत चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. अक्षत माथुर ने बताया कि छोटे बच्चों में दंत उपचार चुनौतीपूर्ण होता है, और निद्राकरण उपचार को सुरक्षित व तनावमुक्त बनाता है।
सीएमएस डॉ. मुकुल कुमार जैन ने तकनीकों के वैज्ञानिक, नैतिक और व्यावहारिक पहलुओं की समझ बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। सम्मेलन में डॉ. मृदुला गुप्ता, डॉ. मौसमी गुप्ता और डॉ. कुणाल गुप्ता ने विचार रखे। लगभग 80 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ब्यूरो
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संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने कहा कि बच्चों के उपचार में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और निद्राकरण तकनीकें तभी लाभदायक हैं जब इन्हें प्रशिक्षित विशेषज्ञ तय प्रोटोकॉल के अनुसार अपनाएं। बाल दंत चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. अक्षत माथुर ने बताया कि छोटे बच्चों में दंत उपचार चुनौतीपूर्ण होता है, और निद्राकरण उपचार को सुरक्षित व तनावमुक्त बनाता है।
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सीएमएस डॉ. मुकुल कुमार जैन ने तकनीकों के वैज्ञानिक, नैतिक और व्यावहारिक पहलुओं की समझ बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। सम्मेलन में डॉ. मृदुला गुप्ता, डॉ. मौसमी गुप्ता और डॉ. कुणाल गुप्ता ने विचार रखे। लगभग 80 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ब्यूरो
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