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Noida News: 70 प्रतिशत आबादी में घुसा नाले का गंदा पानी, ग्रामीण कर रहे पलायन
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70 प्रतिशत आबादी में घुसा नाले का गंदा पानी, ग्रामीण कर रहे पलायन
- गाजियाबाद से मंगाकर लगाए गए पंप भी बेअसर, बारिश बंद होने के बाद भी बढ़ रहा जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
जेवर। बारिश बंद होने के बाद भी रन्हेरा का हाल बेहाल है। बृहस्पतिवार को जलस्तर कम होने के बजाय और बढ़ता रहा। लोग जलभराव वाले स्थानों से अपने घरेलू समान के साथ सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
तहसील के एयरपोर्ट प्रभावित गांव रन्हेरा में पिछले 12 दिनों से पथवाये नाले के बंद होने और नए बनाए गए नाले से जल निकासी नहीं होने से हालात खराब हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की 70 प्रतिशत आबादी में नाले का पानी घुस चुका है। उनके घरों में तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया है। घरों में लकड़ी का समान पानी में डूबने से खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक शौचालय टैंकों के निकासी वाले पाइपों से टैंकों के अंदर पानी जमा होने से परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया, प्रशासन ने जल निकासी के लिए गाजियाबाद से 65 हॉर्स पावर के पंप जल निकासी के लिए लगाए थे, लेकिन 24 घंटे बाद भी किसी तरह की राहत नहीं मिली है। वहीं, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में जलस्तर लगातार बढ़ने से तहसील जाने वाला दस्तमपुर मार्ग पहले से ही बंद हो चुका है। दूसरा रास्ता झाजर होकर जाता है। वहां भी दो जगह पानी पहुंच गया है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो उधर से भी रास्ता बंद होने में देर नहीं लगेगी।
पांच मवेशियों के मरने का दावा, दो की पुष्टि
ग्रामीणों ने गांव में पांच मवेशियों के मरने का दावा किया है। उनमें गोवंश भी शामिल हैं। जबकि पशु चिकित्सा अधिकारी ने दो पशुओं की मौत की पुष्टि की है। रन्हेरा गांव में पशुओं की संख्या करीब एक हजार से अधिक है। डेढ़ सौ से अधिक पशु पानी में रहने के कारण वायरल की चपेट में हैं। पशुपालन विभाग ने गांवों में पशुओं के उपचार के लिए तीन टीमों का गठन किया है। प्रत्येक टीम में एक पशु चिकित्सक, फार्मासिस्ट समेत कर्मचारी मौजूद हैं। पशुओं के लिए पशुपालकों को नि:शुुल्क दवाएं वितरित की जा रही है। खुरपका-मुंहपका के साथ लंपी स्कीन डिजीज बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण भी किया जा रहा है। प्रशासन की टीम प्रत्येक पशु के हिसाब से प्रतिदिन चार से पांच किलो भूसा पशुपालकों को मुहैया करा रहा है।
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जलभराव के कारण दो पशुओं के मरने की सूचना है। पशुओं में बीमारी फैलने से रोकथाम व पशुओं के उपचार के लिए पशुओं की मानिटरिंग की जा रही है। पशुपालकों को निशुल्क दवाइयां भी मुहैया कराई जा रही हैं।
वीके अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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- गाजियाबाद से मंगाकर लगाए गए पंप भी बेअसर, बारिश बंद होने के बाद भी बढ़ रहा जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
जेवर। बारिश बंद होने के बाद भी रन्हेरा का हाल बेहाल है। बृहस्पतिवार को जलस्तर कम होने के बजाय और बढ़ता रहा। लोग जलभराव वाले स्थानों से अपने घरेलू समान के साथ सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
तहसील के एयरपोर्ट प्रभावित गांव रन्हेरा में पिछले 12 दिनों से पथवाये नाले के बंद होने और नए बनाए गए नाले से जल निकासी नहीं होने से हालात खराब हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की 70 प्रतिशत आबादी में नाले का पानी घुस चुका है। उनके घरों में तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया है। घरों में लकड़ी का समान पानी में डूबने से खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक शौचालय टैंकों के निकासी वाले पाइपों से टैंकों के अंदर पानी जमा होने से परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया, प्रशासन ने जल निकासी के लिए गाजियाबाद से 65 हॉर्स पावर के पंप जल निकासी के लिए लगाए थे, लेकिन 24 घंटे बाद भी किसी तरह की राहत नहीं मिली है। वहीं, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में जलस्तर लगातार बढ़ने से तहसील जाने वाला दस्तमपुर मार्ग पहले से ही बंद हो चुका है। दूसरा रास्ता झाजर होकर जाता है। वहां भी दो जगह पानी पहुंच गया है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो उधर से भी रास्ता बंद होने में देर नहीं लगेगी।
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पांच मवेशियों के मरने का दावा, दो की पुष्टि
ग्रामीणों ने गांव में पांच मवेशियों के मरने का दावा किया है। उनमें गोवंश भी शामिल हैं। जबकि पशु चिकित्सा अधिकारी ने दो पशुओं की मौत की पुष्टि की है। रन्हेरा गांव में पशुओं की संख्या करीब एक हजार से अधिक है। डेढ़ सौ से अधिक पशु पानी में रहने के कारण वायरल की चपेट में हैं। पशुपालन विभाग ने गांवों में पशुओं के उपचार के लिए तीन टीमों का गठन किया है। प्रत्येक टीम में एक पशु चिकित्सक, फार्मासिस्ट समेत कर्मचारी मौजूद हैं। पशुओं के लिए पशुपालकों को नि:शुुल्क दवाएं वितरित की जा रही है। खुरपका-मुंहपका के साथ लंपी स्कीन डिजीज बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण भी किया जा रहा है। प्रशासन की टीम प्रत्येक पशु के हिसाब से प्रतिदिन चार से पांच किलो भूसा पशुपालकों को मुहैया करा रहा है।
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जलभराव के कारण दो पशुओं के मरने की सूचना है। पशुओं में बीमारी फैलने से रोकथाम व पशुओं के उपचार के लिए पशुओं की मानिटरिंग की जा रही है। पशुपालकों को निशुल्क दवाइयां भी मुहैया कराई जा रही हैं।
वीके अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी