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Noida News: तीन स्कूलों में हालात परखने पहुंचे सीजेपी के सौरव दास, हर जगह पाई नो एंट्री
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फोटो-- -
- स्कूल ठीक करो अभियान के तहत पहुंची थी सीजेपी की टीम, देवला में मौजूद मिली पुलिस
- सौरव दास ने उठाया सवाल- बच्चों के स्कूल की स्थिति देखने से क्यों रोका जा रहा
- बीएसए बोले, बच्चों की पढ़ाई होती प्रभावित, इसलिए प्रवेश पर लगाई रोक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति जानने निकले क्रॉक्रोच जनता पार्टी-सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास को जिले के तीन स्कूलों के भीतर प्रवेश नहीं मिल सका। वह मंगलवार को देवला, मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर के स्कूलों में सुविधाओं का ऑडिट करने के लिए पहुंचे थे। कहीं भी स्कूल में टीम के सदस्यों का प्रवेश नहीं मिला। देवला में तो स्कूल के बाहर पुलिस तैनात थी। ऐसे में टीम को गेट से ही वापस लौटना पड़ा।
सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में टीम के सदस्यों ने स्कूल के शिक्षकों से पूछा कि प्रवेश क्यों नहीं मिल रहा है। तो शिक्षकों ने बताया कि बीएसए का आदेश है कि किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाए। बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। इसके बाद दास ने स्कूलों की व्यवस्था और निरीक्षण में कथित रोक को लेकर सवाल खड़े किए है। सौरव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्कूल को शिक्षा का मंदिर भी कहा जाता हैं, लेकिन यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा के सारे मंदिरों पर ताले लगा दिए गए हैं।
सौरव दास ने कहा कि उनका उद्देश्य यह देखना था कि सरकारी स्कूलों में बच्चे किन परिस्थितियों में पढ़ रहे हैं और उन्हें शौचालय, कक्षाएं, साफ-सफाई समेत बुनियादी सुविधाएं कैसी मिल रही हैं। वहीं निवासियों ने सौरभ दास से मौके पर कहा कि उनके स्कूलों में सुविधाएं काफी बेहतर है। किराएदार क्या बताएंगे। इसी दौरान स्थानीय निवासियों से सीजेपी के पदाधिकारियों से धक्कामुक्की भी हो गई।
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देवला के विकास पर खड़े किए सवाल : सौरभ दास ने गांव में फैली गंदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बच्चों से बातचीत करते हुए पूछा कि वे ऐसी गंदगी के बीच से स्कूल कैसे आते-जाते हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की गांव में मौजूदगी को लेकर भी शिकायतें कीं।
मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर में बेहतर हैं सुविधाएं : अमर उजाला की टीम ने भी निवासियों से मौके पर जाकर बातचीत की। इसके साथ ही स्कूलों की स्थिति का भी जायजा लिया। दोनों स्कूलों में छात्रों को निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं देवला में रास्ते खराब होने के कारण बच्चों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्कूल में प्रवेश पर सामान्य रूप से कोई रोक नहीं है। लेकिन, 20 से 25 लोगों की भीड़ को स्कूल में कैसे जाने दिया जा सकता है। जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। इसी वजह से जो लोग स्कूलों में पहुंचे, उनको प्रवेश नहीं दिया गया। - राहुल पंवार,बीएसए
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- स्कूल ठीक करो अभियान के तहत पहुंची थी सीजेपी की टीम, देवला में मौजूद मिली पुलिस
- सौरव दास ने उठाया सवाल- बच्चों के स्कूल की स्थिति देखने से क्यों रोका जा रहा
- बीएसए बोले, बच्चों की पढ़ाई होती प्रभावित, इसलिए प्रवेश पर लगाई रोक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति जानने निकले क्रॉक्रोच जनता पार्टी-सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास को जिले के तीन स्कूलों के भीतर प्रवेश नहीं मिल सका। वह मंगलवार को देवला, मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर के स्कूलों में सुविधाओं का ऑडिट करने के लिए पहुंचे थे। कहीं भी स्कूल में टीम के सदस्यों का प्रवेश नहीं मिला। देवला में तो स्कूल के बाहर पुलिस तैनात थी। ऐसे में टीम को गेट से ही वापस लौटना पड़ा।
सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में टीम के सदस्यों ने स्कूल के शिक्षकों से पूछा कि प्रवेश क्यों नहीं मिल रहा है। तो शिक्षकों ने बताया कि बीएसए का आदेश है कि किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाए। बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। इसके बाद दास ने स्कूलों की व्यवस्था और निरीक्षण में कथित रोक को लेकर सवाल खड़े किए है। सौरव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्कूल को शिक्षा का मंदिर भी कहा जाता हैं, लेकिन यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा के सारे मंदिरों पर ताले लगा दिए गए हैं।
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सौरव दास ने कहा कि उनका उद्देश्य यह देखना था कि सरकारी स्कूलों में बच्चे किन परिस्थितियों में पढ़ रहे हैं और उन्हें शौचालय, कक्षाएं, साफ-सफाई समेत बुनियादी सुविधाएं कैसी मिल रही हैं। वहीं निवासियों ने सौरभ दास से मौके पर कहा कि उनके स्कूलों में सुविधाएं काफी बेहतर है। किराएदार क्या बताएंगे। इसी दौरान स्थानीय निवासियों से सीजेपी के पदाधिकारियों से धक्कामुक्की भी हो गई।
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देवला के विकास पर खड़े किए सवाल : सौरभ दास ने गांव में फैली गंदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बच्चों से बातचीत करते हुए पूछा कि वे ऐसी गंदगी के बीच से स्कूल कैसे आते-जाते हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की गांव में मौजूदगी को लेकर भी शिकायतें कीं।
मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर में बेहतर हैं सुविधाएं : अमर उजाला की टीम ने भी निवासियों से मौके पर जाकर बातचीत की। इसके साथ ही स्कूलों की स्थिति का भी जायजा लिया। दोनों स्कूलों में छात्रों को निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं देवला में रास्ते खराब होने के कारण बच्चों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्कूल में प्रवेश पर सामान्य रूप से कोई रोक नहीं है। लेकिन, 20 से 25 लोगों की भीड़ को स्कूल में कैसे जाने दिया जा सकता है। जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। इसी वजह से जो लोग स्कूलों में पहुंचे, उनको प्रवेश नहीं दिया गया। - राहुल पंवार,बीएसए