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Noida News: चीनी नागरिक के सहयोगी की जमानत अर्जी खारिज
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(अदालत से)
-21 जुलाई को नोएडा सेक्टर-83 स्थित कंपनी कार्यालय पर एसटीएफ ने दी थी दबिश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट और कंपनी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी कर चीनी नागरिग की मदद करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी कौशलेंद्र की जमानत अदालत ने खारिज कर दी। मामला थाना फेज-2 में दर्ज है। पुलिस के अनुसार विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से भारत में रहने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनियां बनाकर विदेश पैसा भेजने की सूचना मिली थी। इस पर एसटीएफ ने 21 जुलाई को नोएडा सेक्टर-83 स्थित वाईटीएल मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर दबिश दी थी
। यहां चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई, संजीव कुमार और कौशलेंद्र मौजूद मिले थे। पुलिस का दावा है कि लियाओ 2020 से वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से रह रहा था और कई कंपनियों के जरिए फर्जी बिलिंग व धन शोधन का काम कर रहा था। आरोपी कौशलेंद्र पर आरोप है कि वह लियाओ के लिए नकदी लाने-ले जाने, खातों के प्रबंधन और बैंक खाते खुलवाने में शामिल था।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी की व्यक्तिगत बरामदगी में कोई फर्जी दस्तावेज नहीं मिला और वह पहली बार जमानत मांग रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जांच जारी होने के कारण सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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(अदालत से)
-21 जुलाई को नोएडा सेक्टर-83 स्थित कंपनी कार्यालय पर एसटीएफ ने दी थी दबिश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट और कंपनी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी कर चीनी नागरिग की मदद करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी कौशलेंद्र की जमानत अदालत ने खारिज कर दी। मामला थाना फेज-2 में दर्ज है। पुलिस के अनुसार विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से भारत में रहने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनियां बनाकर विदेश पैसा भेजने की सूचना मिली थी। इस पर एसटीएफ ने 21 जुलाई को नोएडा सेक्टर-83 स्थित वाईटीएल मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर दबिश दी थी
। यहां चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई, संजीव कुमार और कौशलेंद्र मौजूद मिले थे। पुलिस का दावा है कि लियाओ 2020 से वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से रह रहा था और कई कंपनियों के जरिए फर्जी बिलिंग व धन शोधन का काम कर रहा था। आरोपी कौशलेंद्र पर आरोप है कि वह लियाओ के लिए नकदी लाने-ले जाने, खातों के प्रबंधन और बैंक खाते खुलवाने में शामिल था।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी की व्यक्तिगत बरामदगी में कोई फर्जी दस्तावेज नहीं मिला और वह पहली बार जमानत मांग रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जांच जारी होने के कारण सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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