{"_id":"6a74a78932d1146ad50496dd","slug":"dfgsfdg-grnoida-news-c-23-1-lko1064-102434-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: साक्ष्य देने में नाकाम रहे वाहन मालिक, नहीं मिलेगी क्षतिपूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: साक्ष्य देने में नाकाम रहे वाहन मालिक, नहीं मिलेगी क्षतिपूर्ति
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता आयोग
साक्ष्य देने में नाकाम रहे वाहन मालिक, नहीं मिलेगी क्षतिपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
वाहन में कथित खराबी और दुर्घटना के बाद क्षतिपूर्ति की मांग से संबंधित वाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि वादी अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने में नाकाम रहा। ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द निवासी मनोज कुमार राय ने बताया कि उन्होंने 17 अक्तूबर 2015 को दिल्ली स्थित कनसाई मोटर्स इंडिया लिमिटेड (डीलर) से टाटा जेस्ट कार खरीदी थी। उनका आरोप था कि वाहन में शुरुआत से ही कई तकनीकी खामियां थीं और उन्हें पुरानी गाड़ी को नई बताकर बेच दिया गया। इस संबंध में कंपनी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
वादी के अनुसार, 27 दिसंबर 2016 को कुशीनगर में रात करीब आठ बजे कार का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे दुर्घटना हो गई। हादसे में कार सवार दो लोग घायल हो गए और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद वाहन को आरके एल मोटर्स स्थित अधिकृत कार्यशाला में मरम्मत के लिए भेजा गया। उनका आरोप था कि कंपनी ने उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान वाहन निर्माता कंपनी ने कहा कि वाहन की खरीद दिल्ली में हुई थी और दुर्घटना के बाद उसकी मरम्मत गोरखपुर में कराई गई। कंपनी का गौतमबुद्धनगर जिले में कोई कार्यालय नहीं है, इसलिए इस मामले की सुनवाई का अधिकार इस आयोग को प्राप्त नहीं है। बीमा कंपनी ने आयोग को बताया कि दुर्घटना के बाद वाहन की मरम्मत के लिए कार्यशाला को 3,78,170 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने माना कि वाहन की खरीद दिल्ली में हुई, जबकि दुर्घटना के बाद मरम्मत गोरखपुर में कराई गई। ऐसे में वाद का कारण दिल्ली और गोरखपुर में उत्पन्न हुआ, इसलिए गौतमबुद्धनगर जिला उपभोक्ता आयोग को इस मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
साक्ष्य देने में नाकाम रहे वाहन मालिक, नहीं मिलेगी क्षतिपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
वाहन में कथित खराबी और दुर्घटना के बाद क्षतिपूर्ति की मांग से संबंधित वाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि वादी अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने में नाकाम रहा। ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द निवासी मनोज कुमार राय ने बताया कि उन्होंने 17 अक्तूबर 2015 को दिल्ली स्थित कनसाई मोटर्स इंडिया लिमिटेड (डीलर) से टाटा जेस्ट कार खरीदी थी। उनका आरोप था कि वाहन में शुरुआत से ही कई तकनीकी खामियां थीं और उन्हें पुरानी गाड़ी को नई बताकर बेच दिया गया। इस संबंध में कंपनी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
वादी के अनुसार, 27 दिसंबर 2016 को कुशीनगर में रात करीब आठ बजे कार का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे दुर्घटना हो गई। हादसे में कार सवार दो लोग घायल हो गए और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद वाहन को आरके एल मोटर्स स्थित अधिकृत कार्यशाला में मरम्मत के लिए भेजा गया। उनका आरोप था कि कंपनी ने उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान वाहन निर्माता कंपनी ने कहा कि वाहन की खरीद दिल्ली में हुई थी और दुर्घटना के बाद उसकी मरम्मत गोरखपुर में कराई गई। कंपनी का गौतमबुद्धनगर जिले में कोई कार्यालय नहीं है, इसलिए इस मामले की सुनवाई का अधिकार इस आयोग को प्राप्त नहीं है। बीमा कंपनी ने आयोग को बताया कि दुर्घटना के बाद वाहन की मरम्मत के लिए कार्यशाला को 3,78,170 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने माना कि वाहन की खरीद दिल्ली में हुई, जबकि दुर्घटना के बाद मरम्मत गोरखपुर में कराई गई। ऐसे में वाद का कारण दिल्ली और गोरखपुर में उत्पन्न हुआ, इसलिए गौतमबुद्धनगर जिला उपभोक्ता आयोग को इस मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है।
विज्ञापन