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Noida News: पुलिस पर अधिवक्ता और उनके परिवार से पिटाई का आरोप, चार पुलिसकर्मी निलंबित
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पुलिस पर अधिवक्ता और उनके परिवार की पिटाई और अभद्रता के आरोप, चार पुलिसकर्मी निलंबित
- पीड़ित अधिवक्ता के भाई को पकड़ने गई थी पुलिस, वकील पर आरोपी को भगाने का है आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस पर अधिवक्ता और उनके परिवार से अभद्रता और पिटाई के आरोप लगे हैं। अधिवक्ता की पिटाई से नाराज अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पिटाई के आरोप निराधार है। इस मामले में डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने विभागीय जांच के आदेश के साथ चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।
अधिवक्ता अमित राणा ने बताया कि सूरजपुर स्थित न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता फरीद अहमद अपने परिवार के साथ ककराला गांव में रहते हैं। शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे चार पुलिसकर्मी अधिवक्ता के घर पहुंचे। यहां अधिवक्ता और उनके परिवार से अभद्रता की गई। अधिवक्ता की पिटाई के बाद कोतवाली में लाकर बंद कर दिया गया। सूचना मिलने पर रविवार सुबह जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी व सचिव शोभाराम चंदीला अन्य साथी अधिवक्ताओं के साथ बिसरख कोतवाली पहुंचे और अवैध हिरासत में रखे गए अधिवक्ता को छुड़ाया। पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा किया। इस मौके पर मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त पवन कुमार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं बार अध्यक्ष मनोज भाटी ने बताया कि पुलिस से पीड़ित अधिवक्ता के मेडिकल जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। अगर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया जाता है तो बार में मुद्दा उठाकर सर्वसम्मति से निर्णय लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
अधिवक्ता के भाई से मारपीट के आरोप को नकारा : पुलिस का कहना है कि ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली एक युवती से युवक एकतरफा प्रेम विवाह करना चाहता था। मगर युवती ने शादी के लिए मना कर दिया था। प्रकरण में थाना ईकोटेक-3 में प्राथमिकी दर्ज है। युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी। इस बात से नाराज युवक ने अपने दोस्त सोनू और अन्य युवक के साथ मिलकर युवती के मंगेतर को कार में बैठाकर अपहरण करने के बाद बेरहमी से पिटाई कर दिल्ली बार्डर पर फेंक दिया था। मामले में पीड़ित की शिकायत पर बिसरख कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज थी। इस मामले में अधिवक्ता फरीद अहमद का भाई सोनू भी आरोपी है। बीते रात को पुलिस सोनू को पकड़ने के लिए ककराला गई थी। आरोप है कि यहां अधिवक्ता ने घर का दरवाजा बंद कर सोनू को दूसरे दरवाजे के रास्ते भगवा दिया। पुलिस को अधिवक्ता होने का रौब दिखाकर अभद्रता की। इसके बाद फरीद अहमद को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया। वहीं अधिवक्ता फरीद अहमद का कहना है कि उनके भाई का नाम सोनू जरूर है कि मगर वह और उनके भाई एकतरफा प्रेमी के बारे में नहीं जानते हैं। उनका भाई नंगला सलेमपुर मेरठ में रहता है। पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है। वह भी उन्हें नहीं जानते है।
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मामले में दो सब इंस्पेक्टर और दो हेड कांस्टेबल को निलंबित किया गया है। साथ ही एसीपी-1 सेंट्रल नोएडा उमेश यादव को जांच सौंपी है। जांच के बाद आगे की बाद कार्रवाई की जाएगी। -आरके गौतम, एडीसीपी सेंट्रल नोएडा
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- पीड़ित अधिवक्ता के भाई को पकड़ने गई थी पुलिस, वकील पर आरोपी को भगाने का है आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस पर अधिवक्ता और उनके परिवार से अभद्रता और पिटाई के आरोप लगे हैं। अधिवक्ता की पिटाई से नाराज अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पिटाई के आरोप निराधार है। इस मामले में डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने विभागीय जांच के आदेश के साथ चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।
अधिवक्ता अमित राणा ने बताया कि सूरजपुर स्थित न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता फरीद अहमद अपने परिवार के साथ ककराला गांव में रहते हैं। शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे चार पुलिसकर्मी अधिवक्ता के घर पहुंचे। यहां अधिवक्ता और उनके परिवार से अभद्रता की गई। अधिवक्ता की पिटाई के बाद कोतवाली में लाकर बंद कर दिया गया। सूचना मिलने पर रविवार सुबह जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी व सचिव शोभाराम चंदीला अन्य साथी अधिवक्ताओं के साथ बिसरख कोतवाली पहुंचे और अवैध हिरासत में रखे गए अधिवक्ता को छुड़ाया। पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा किया। इस मौके पर मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त पवन कुमार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं बार अध्यक्ष मनोज भाटी ने बताया कि पुलिस से पीड़ित अधिवक्ता के मेडिकल जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। अगर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया जाता है तो बार में मुद्दा उठाकर सर्वसम्मति से निर्णय लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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अधिवक्ता के भाई से मारपीट के आरोप को नकारा : पुलिस का कहना है कि ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली एक युवती से युवक एकतरफा प्रेम विवाह करना चाहता था। मगर युवती ने शादी के लिए मना कर दिया था। प्रकरण में थाना ईकोटेक-3 में प्राथमिकी दर्ज है। युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी। इस बात से नाराज युवक ने अपने दोस्त सोनू और अन्य युवक के साथ मिलकर युवती के मंगेतर को कार में बैठाकर अपहरण करने के बाद बेरहमी से पिटाई कर दिल्ली बार्डर पर फेंक दिया था। मामले में पीड़ित की शिकायत पर बिसरख कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज थी। इस मामले में अधिवक्ता फरीद अहमद का भाई सोनू भी आरोपी है। बीते रात को पुलिस सोनू को पकड़ने के लिए ककराला गई थी। आरोप है कि यहां अधिवक्ता ने घर का दरवाजा बंद कर सोनू को दूसरे दरवाजे के रास्ते भगवा दिया। पुलिस को अधिवक्ता होने का रौब दिखाकर अभद्रता की। इसके बाद फरीद अहमद को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया। वहीं अधिवक्ता फरीद अहमद का कहना है कि उनके भाई का नाम सोनू जरूर है कि मगर वह और उनके भाई एकतरफा प्रेमी के बारे में नहीं जानते हैं। उनका भाई नंगला सलेमपुर मेरठ में रहता है। पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है। वह भी उन्हें नहीं जानते है।
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मामले में दो सब इंस्पेक्टर और दो हेड कांस्टेबल को निलंबित किया गया है। साथ ही एसीपी-1 सेंट्रल नोएडा उमेश यादव को जांच सौंपी है। जांच के बाद आगे की बाद कार्रवाई की जाएगी। -आरके गौतम, एडीसीपी सेंट्रल नोएडा