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Noida News: प्रीपेड मीटर के साथ मेंटेनेंस शुल्क काटने पर आरजी रेजीडेंसी में हुआ हंगामा
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फोटो-- -
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित आरजी रेजीडेंसी में प्रीपेड मीटर से मेंटेनेंस शुल्क राशि काटने पर निवासियों ने जमकर हंगामा किया। निवासियों का दावा है कि उनकी समस्याओं को एओए नहीं सुन रही है, जबकि बिजली बिल के साथ मेंटेनेंस या अन्य कोई चार्ज काटना अवैध है।
रविवार को हंगामा कर रहे निवासियों ने कहा कि एओए की ओर से मीटर के जरिए मेंटेनेंस शुल्क और पानी के शुल्क का बिल भी काटा जा रहा है। निवासियों की ओर से कई बार आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की। इसके बाद विद्युत निगम के एक्सईएन मोहित गोयल ने एओए को नोटिस जारी कर कहा है कि अन्य चार्ज की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। निवासियों का कहना है कि यह नोटिस 8 अप्रैल को जारी हुआ था। तब से अभी तक इसका अनुपालन न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद रविवार शाम को एओए कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के लिए दर्जनों लोग पहुंचे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुना। बताया जा रहा कि करीब तीन महीने से यह वसूली जारी है। इस दौरान स्थिति ऐसी बिगड़ी कि डॉयल 112 को कॉल कर पुलिस को बुलाना पड़ा। वहीं पुलिस ने भी एओए को निर्देशित किया कि दो दिन के भीतर इसका समाधान करें।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित आरजी रेजीडेंसी में प्रीपेड मीटर से मेंटेनेंस शुल्क राशि काटने पर निवासियों ने जमकर हंगामा किया। निवासियों का दावा है कि उनकी समस्याओं को एओए नहीं सुन रही है, जबकि बिजली बिल के साथ मेंटेनेंस या अन्य कोई चार्ज काटना अवैध है।
रविवार को हंगामा कर रहे निवासियों ने कहा कि एओए की ओर से मीटर के जरिए मेंटेनेंस शुल्क और पानी के शुल्क का बिल भी काटा जा रहा है। निवासियों की ओर से कई बार आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की। इसके बाद विद्युत निगम के एक्सईएन मोहित गोयल ने एओए को नोटिस जारी कर कहा है कि अन्य चार्ज की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। निवासियों का कहना है कि यह नोटिस 8 अप्रैल को जारी हुआ था। तब से अभी तक इसका अनुपालन न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद रविवार शाम को एओए कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के लिए दर्जनों लोग पहुंचे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुना। बताया जा रहा कि करीब तीन महीने से यह वसूली जारी है। इस दौरान स्थिति ऐसी बिगड़ी कि डॉयल 112 को कॉल कर पुलिस को बुलाना पड़ा। वहीं पुलिस ने भी एओए को निर्देशित किया कि दो दिन के भीतर इसका समाधान करें।
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