{"_id":"6adb690b3d1ca210a5083e6a","slug":"dfgfdsg-grnoida-news-c-1-noi1095-4863766-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर साइबर ठगी, बुजुर्ग के खातों से 16.87 लाख रुपये निकले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर साइबर ठगी, बुजुर्ग के खातों से 16.87 लाख रुपये निकले
विज्ञापन
जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर साइबर ठगी, बुजुर्ग के खातों से 16.87 लाख रुपये निकले
- फेसबुक पर पीएनबी के लोगो वाला विज्ञापन देखकर खोला था लिंक, पेंशन खाता सुरक्षित कराने के दौरान मोबाइल पर आए ट्रांजेक्शन के ओटीपी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पेंशन के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के चक्कर में सूरजपुर निवासी 61 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी के शिकार हो गए। फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के लोगो के साथ जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का विज्ञापन देखकर उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद जालसाजों ने 16.87 लाख रुपये खाते से निकाल लिए। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीडि़त ने पुलिस को बताया कि 16 अक्टूबर को वह फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें पीएनबी के लोगो के साथ जीवन प्रमाण पत्र जमा करने संबंधी विज्ञापन दिखाई दिया। उन्होंने विज्ञापन पर दिए गए लिंक को खोल दिया। उसी दिन शाम करीब साढ़े छह बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने जन्मतिथि और बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगी। इसके बाद उन्हें एक फाइल डाउनलोड करने और 24 घंटे तक इंतजार करने के लिए कहा गया। कुछ समय बाद उन्हें इस प्रक्रिया पर संदेह हुआ। उन्होंने मोबाइल में डाउनलोड की गई फाइलें हटा दीं। इसके बाद अपने बैंक खाते भी जांचे, लेकिन उस समय उन्हें कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई।
अगले दिन, 17 अक्टूबर को उसी नंबर से व्हाट्सएप पर पीएनबी एचआरएमएस के लोगो वाला संदेश आया। इससे जुड़ी गतिविधियों के बीच उन्होंने अपने पेंशन खाते को सुरक्षित करने के लिए बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क किया। पीड़ित के अनुसार, बैंक से संपर्क करने के दौरान उनके मोबाइल पर अलग-अलग रकम के लेनदेन से संबंधित ओटीपी आने लगे। इनमें 20 हजार, 55 हजार, 40 हजार और पांच हजार रुपये के लेनदेन के ओटीपी शामिल थे। इसके बाद एक लाख रुपये और 97 हजार 802 रुपये के लेनदेन से संबंधित संदेश भी मिले। लगातार संदेश आने पर उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी सूचना दी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्होंने अपने पिता के मोबाइल में बैंक खाते की जानकारी देखी। इस दौरान पिता के साथ संयुक्त बैंक खाते से भी चार अलग-अलग रकम के लेनदेन का पता चला। एसीपी साइबर विवेक रंजन राय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फेसबुक पर पीएनबी के लोगो वाला विज्ञापन देखकर खोला था लिंक, पेंशन खाता सुरक्षित कराने के दौरान मोबाइल पर आए ट्रांजेक्शन के ओटीपी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पेंशन के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के चक्कर में सूरजपुर निवासी 61 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी के शिकार हो गए। फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के लोगो के साथ जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का विज्ञापन देखकर उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद जालसाजों ने 16.87 लाख रुपये खाते से निकाल लिए। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीडि़त ने पुलिस को बताया कि 16 अक्टूबर को वह फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें पीएनबी के लोगो के साथ जीवन प्रमाण पत्र जमा करने संबंधी विज्ञापन दिखाई दिया। उन्होंने विज्ञापन पर दिए गए लिंक को खोल दिया। उसी दिन शाम करीब साढ़े छह बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने जन्मतिथि और बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगी। इसके बाद उन्हें एक फाइल डाउनलोड करने और 24 घंटे तक इंतजार करने के लिए कहा गया। कुछ समय बाद उन्हें इस प्रक्रिया पर संदेह हुआ। उन्होंने मोबाइल में डाउनलोड की गई फाइलें हटा दीं। इसके बाद अपने बैंक खाते भी जांचे, लेकिन उस समय उन्हें कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई।
विज्ञापन
अगले दिन, 17 अक्टूबर को उसी नंबर से व्हाट्सएप पर पीएनबी एचआरएमएस के लोगो वाला संदेश आया। इससे जुड़ी गतिविधियों के बीच उन्होंने अपने पेंशन खाते को सुरक्षित करने के लिए बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क किया। पीड़ित के अनुसार, बैंक से संपर्क करने के दौरान उनके मोबाइल पर अलग-अलग रकम के लेनदेन से संबंधित ओटीपी आने लगे। इनमें 20 हजार, 55 हजार, 40 हजार और पांच हजार रुपये के लेनदेन के ओटीपी शामिल थे। इसके बाद एक लाख रुपये और 97 हजार 802 रुपये के लेनदेन से संबंधित संदेश भी मिले। लगातार संदेश आने पर उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी सूचना दी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्होंने अपने पिता के मोबाइल में बैंक खाते की जानकारी देखी। इस दौरान पिता के साथ संयुक्त बैंक खाते से भी चार अलग-अलग रकम के लेनदेन का पता चला। एसीपी साइबर विवेक रंजन राय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन