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Noida News: कॉलेज की ओर से धोखे में रखने का आरोप,छात्रों का हंगामा
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित जीएल बजाज कॉलेज के छात्रों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एमबीए के छात्र कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि एमबीए में दाखिले की उम्मीद लेकर चार महीने पहले फीस जमा करने वाले छात्रों को अब मथुरा की राह दिखाई जा रही है। आरोप है कि मथुरा में दाखिले के लिए उनकी सहमति तक नहीं ली गई और कॉलेज की ओर से खुद ही वहां की एप्लीकेशन भर दी गई।
चार महीने बाद इसकी जानकारी मिलने पर छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि उन्हें मथुरा में पढ़ाई या परीक्षा के लिए जाना था तो उन्होंने ग्रेटर नोएडा में दाखिला लेने के लिए आवेदन क्यों किया। छह महीने से उनसे लगातार दस्तावेज और अन्य औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही थीं। करीब 80-80 हजार रुपये फीस भी जमा कराई गई। अब कई छात्रों का कहना है कि उनका नाम किसी भी आवेदन में आवंटित नहीं हुआ है। इसके बावजूद उन्हें मथुरा से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। छात्रों का कहना है कि यदि मथुरा की व्यवस्था की जानकारी पहले दी जाती तो वे समय रहते दूसरे कॉलेज में दाखिले का विकल्प चुन सकते थे। अब सितंबर में एमबीए की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और दूसरे संस्थानों में भी प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। ऐसे में छात्रों को अपना पूरा शैक्षणिक वर्ष खराब होने की आशंका है। वहीं समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष मोहित नागर का कहना है कि बच्चों के साथ हुए स्कैम में एफआईआर दर्ज की जाए।
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ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित जीएल बजाज कॉलेज के छात्रों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एमबीए के छात्र कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि एमबीए में दाखिले की उम्मीद लेकर चार महीने पहले फीस जमा करने वाले छात्रों को अब मथुरा की राह दिखाई जा रही है। आरोप है कि मथुरा में दाखिले के लिए उनकी सहमति तक नहीं ली गई और कॉलेज की ओर से खुद ही वहां की एप्लीकेशन भर दी गई।
चार महीने बाद इसकी जानकारी मिलने पर छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि उन्हें मथुरा में पढ़ाई या परीक्षा के लिए जाना था तो उन्होंने ग्रेटर नोएडा में दाखिला लेने के लिए आवेदन क्यों किया। छह महीने से उनसे लगातार दस्तावेज और अन्य औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही थीं। करीब 80-80 हजार रुपये फीस भी जमा कराई गई। अब कई छात्रों का कहना है कि उनका नाम किसी भी आवेदन में आवंटित नहीं हुआ है। इसके बावजूद उन्हें मथुरा से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। छात्रों का कहना है कि यदि मथुरा की व्यवस्था की जानकारी पहले दी जाती तो वे समय रहते दूसरे कॉलेज में दाखिले का विकल्प चुन सकते थे। अब सितंबर में एमबीए की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और दूसरे संस्थानों में भी प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। ऐसे में छात्रों को अपना पूरा शैक्षणिक वर्ष खराब होने की आशंका है। वहीं समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष मोहित नागर का कहना है कि बच्चों के साथ हुए स्कैम में एफआईआर दर्ज की जाए।
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