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Noida News: जमीन दिलाने के नाम पर 91 लाख की धोखाधड़ी, बैनामा न कर धमकाने का आरोप
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-इकरारनामा कराने के बाद भी नहीं दी जमीन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र में जमीन बेचने का झांसा देकर 91 लाख रुपये हड़प लिए और अब बैनामा करने से इनकार कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
हरौला सेक्टर-5 निवासी संजीव ने बताया कि वर्ष 2015 में उसकी मुलाकात गाजियाबाद के अटौर गांव निवासी नानक, थान सिंह और रामकली से औमेक्स गोल्फ अंसल लिंक प्रथम में हुई थी। आरोपियों ने खुद को एक बेशकीमती जमीन का मालिक बताते हुए उसे बेचने की पेशकश की। करीब 2.61 करोड़ रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ था। आरोपियों ने पहले 61 लाख रुपये बतौर बयाना चेक और नकद के रूप में ले लिए और इकरारनामा भी कराया। जून 2015 में अतिरिक्त 30 लाख रुपये और ले लिए गए। इस प्रकार आरोपियों ने कुल 91 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। इकरारनामा के बाद जब जमीन पर कब्जा दिलाने और बैनामा कराने की बात आई तो आरोपी टालमटोल करने लगे। आरोपी नानक की मृत्यु के बाद भी उसके परिजन थान सिंह और रामकली ने न तो बैनामा किया और न ही पैसे लौटाए। उल्टा आरोपियों ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। 10 जून 2025 को आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और धमकियां दीं।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र में जमीन बेचने का झांसा देकर 91 लाख रुपये हड़प लिए और अब बैनामा करने से इनकार कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
हरौला सेक्टर-5 निवासी संजीव ने बताया कि वर्ष 2015 में उसकी मुलाकात गाजियाबाद के अटौर गांव निवासी नानक, थान सिंह और रामकली से औमेक्स गोल्फ अंसल लिंक प्रथम में हुई थी। आरोपियों ने खुद को एक बेशकीमती जमीन का मालिक बताते हुए उसे बेचने की पेशकश की। करीब 2.61 करोड़ रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ था। आरोपियों ने पहले 61 लाख रुपये बतौर बयाना चेक और नकद के रूप में ले लिए और इकरारनामा भी कराया। जून 2015 में अतिरिक्त 30 लाख रुपये और ले लिए गए। इस प्रकार आरोपियों ने कुल 91 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। इकरारनामा के बाद जब जमीन पर कब्जा दिलाने और बैनामा कराने की बात आई तो आरोपी टालमटोल करने लगे। आरोपी नानक की मृत्यु के बाद भी उसके परिजन थान सिंह और रामकली ने न तो बैनामा किया और न ही पैसे लौटाए। उल्टा आरोपियों ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। 10 जून 2025 को आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और धमकियां दीं।
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