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Noida News: डेंगू का डंक- जुर्माना नहीं भरा तो दर्ज होगा मुकदमा
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संशोधित
डेंगू का डंक- जुर्माना नहीं भरा तो दर्ज होगा मुकदमा
- संचारी रोग नियंत्रण के लिए मलेरिया विभाग का सख्त कदम, लार्वा मिलने पर अब तक छह पर कार्रवाई, 90 नोटिस जारी
- जुर्माना लगाने वाला प्रदेश का पहला जिला बना गौतमबुद्ध नगर, लॉकडाउन में लगाई गई धारा के तहत होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डेंगू से निपटने के लिए मलेरिया विभाग ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। लार्वा मिलने पर 90 से ज्यादा परिसरों में नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही छह परिसरों पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर आईपीसी की धारा-188 के तहत मुकदमा दर्ज कराने का प्रावधान भी कर दिया गया है। कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में इसी धारा के तहत कार्रवाई की गई थी।
डेंगू से निपटने के लिए इस बार जिले में वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल एक्ट के तहत जुर्माने का नियम लागू किया गया है। गौतमबुद्ध नगर जुर्माना लगाने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। जिसके अंतर्गत सरकारी व निजी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और आवासीय सोसाइटियों का निरीक्षण कर मच्छरों का लार्वा मिलने पर 100 रुपये से 5000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा रहा है। तीन अगस्त को निराला एस्टेट स्थित ग्रॉसरी मार्ट पर 5000 रुपये जुर्माना लगाया गया था, जबकि 18 अगस्त को ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रीन-2 सोसाइटी पर भी इतना ही जुर्माना लगा था। इसके अलावा 100-100 रुपये चार परिसरों पर अब तक जुर्माना लगाया गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि अगस्त माह से डेंगू का संचरण काल शुरू होता था, लेकिन इस बार जून-जुलाई में ही बीमारी ने पांव पसारने शुरू कर दिए। इसकी वजह ज्यादा बारिश और बाढ़ जैसे हालात को माना जा रहा है। हालांकि, गौतमबुद्ध नगर में अन्य जनपदों से हालात बेहतर हैं।
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इस बार ग्रेनो वेस्ट में ज्यादा मामले
डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों में मिल रहे हैं। पिछले 20 दिनों में यहां 80 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। निराला एस्टेट में ही 15 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं।
नए भवन पर कब्जे से पहले स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी जरूरी
अब नए भवन पर कब्जे से पहले स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी जरूरी कर दी गई है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भवन मालिकों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। मलेरिया विभाग की टीम नए भवन की जांच करेगी। इस दौरान देखा जाएगा कि भवनों में बने पानी के टैंक, जल बहाव की व्यवस्था, खिड़की व दरवाजों पर जालियां, स्विमिंग पूल आदि मानक अनुरूप हैं या नहीं।
क्या है नियम
- परिसर में मच्छरों का प्रजनन (लार्वा), अनावश्यक जलभराव मिलने पर नोटिस जारी किया जाएगा। पुनरावृत्ति होने पर जुर्माना। छोटे मकानों पर 100 रुपये, बड़े मकान पर 500 रुपये, छोटे कार्यालय व संस्थान पर 1000 रुपये और बड़े कार्यालय व संस्थान पर 5000 रुपये जुर्माने का प्रावधान।
तीन साल में डेंगू मरीजों की संख्या
साल
डेंगू
2021
667
2022
434
2023 (अब तक)
136
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डेंगू का डंक- जुर्माना नहीं भरा तो दर्ज होगा मुकदमा
- संचारी रोग नियंत्रण के लिए मलेरिया विभाग का सख्त कदम, लार्वा मिलने पर अब तक छह पर कार्रवाई, 90 नोटिस जारी
- जुर्माना लगाने वाला प्रदेश का पहला जिला बना गौतमबुद्ध नगर, लॉकडाउन में लगाई गई धारा के तहत होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डेंगू से निपटने के लिए मलेरिया विभाग ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। लार्वा मिलने पर 90 से ज्यादा परिसरों में नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही छह परिसरों पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर आईपीसी की धारा-188 के तहत मुकदमा दर्ज कराने का प्रावधान भी कर दिया गया है। कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में इसी धारा के तहत कार्रवाई की गई थी।
डेंगू से निपटने के लिए इस बार जिले में वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल एक्ट के तहत जुर्माने का नियम लागू किया गया है। गौतमबुद्ध नगर जुर्माना लगाने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। जिसके अंतर्गत सरकारी व निजी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और आवासीय सोसाइटियों का निरीक्षण कर मच्छरों का लार्वा मिलने पर 100 रुपये से 5000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा रहा है। तीन अगस्त को निराला एस्टेट स्थित ग्रॉसरी मार्ट पर 5000 रुपये जुर्माना लगाया गया था, जबकि 18 अगस्त को ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रीन-2 सोसाइटी पर भी इतना ही जुर्माना लगा था। इसके अलावा 100-100 रुपये चार परिसरों पर अब तक जुर्माना लगाया गया है।
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जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि अगस्त माह से डेंगू का संचरण काल शुरू होता था, लेकिन इस बार जून-जुलाई में ही बीमारी ने पांव पसारने शुरू कर दिए। इसकी वजह ज्यादा बारिश और बाढ़ जैसे हालात को माना जा रहा है। हालांकि, गौतमबुद्ध नगर में अन्य जनपदों से हालात बेहतर हैं।
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इस बार ग्रेनो वेस्ट में ज्यादा मामले
डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों में मिल रहे हैं। पिछले 20 दिनों में यहां 80 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। निराला एस्टेट में ही 15 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं।
नए भवन पर कब्जे से पहले स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी जरूरी
अब नए भवन पर कब्जे से पहले स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी जरूरी कर दी गई है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भवन मालिकों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। मलेरिया विभाग की टीम नए भवन की जांच करेगी। इस दौरान देखा जाएगा कि भवनों में बने पानी के टैंक, जल बहाव की व्यवस्था, खिड़की व दरवाजों पर जालियां, स्विमिंग पूल आदि मानक अनुरूप हैं या नहीं।
क्या है नियम
- परिसर में मच्छरों का प्रजनन (लार्वा), अनावश्यक जलभराव मिलने पर नोटिस जारी किया जाएगा। पुनरावृत्ति होने पर जुर्माना। छोटे मकानों पर 100 रुपये, बड़े मकान पर 500 रुपये, छोटे कार्यालय व संस्थान पर 1000 रुपये और बड़े कार्यालय व संस्थान पर 5000 रुपये जुर्माने का प्रावधान।
तीन साल में डेंगू मरीजों की संख्या
साल
डेंगू
2021
667
2022
434
2023 (अब तक)
136