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पांच साल बाद फिर डेंगू का प्रकोप, 25 मरीज मिले

Wed, 22 Sep 2021 10:59 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 10:59 PM IST
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Dengue outbreak again after five years, 25 patients found
Dengue outbreak again after five years, 25 patients found
नूंह। इस बार भारी जलजमाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। जिले में इस बार 5 साल बाद अब तक 25 डेंगू के मरीज मिले हैं। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हो गई है। इन 25 में से 13 किरंजमेव नूंह, 6 खानपुर घाटी, 3 डूंगरान शहजादपुर और एक-एक मामले फिरोजपुर झिरका, सूखपुरी व इमामनगर से सामने आए हैं। वहीं, अब तक मलेरिया चार मरीज मिले हैं। राहत की बात यह है कि अब तक जिले में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। बुखार से फिरोजपुर झिरका और आकेड़ा में दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की 27 टीमों को गांवों में स्प्रे के लिए लगा दिया गया है। एक टीम में 6 लोग हैं, जोकि गांवों में जाकर स्प्रे का छिड़काव कर रहे हैं। साथ ही लोगों को मच्छरों से बचाव के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं।
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इस बारे में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विक्रम ने बताया कि जिले में बीते कुछ दिनों से डेंगू के 25 नए केस मिले हैं। ये मामले जिले में 2015 के बाद पहली बार सामने आए हैं। इसके अलावा मलेरिया के भी 4 केस मिले हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह मच्छरों के बचने के लिए जरूरी उपाय करें। गांवों में जा रही स्वास्थ्य विभाग की टीम का भी सहयोग करें। साथ ही रुके हुए पानी के स्थानों को मिट्टी से भर दें। उसमें मिट्टी का तेल या डीजल आदि डाल दें, जिससे मच्छर नष्ट हो जाएं। इसके अलावा नारियल के खोल, प्लास्टिक कप, बोतल आदि में जल एकत्रित न होने दें। जहां तक संभव हो पूरे आस्तीन के कपड़े पहने। तेज बुखार होने पर चिकित्सक से संपर्क करें और मलेरिया का शक होने पर नजदीकि सरकारी अस्पताल में जाकर जांच कराएं।
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बुखार होने पर तरल पदार्थों का सेवन करें
विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसलिए खुद को मच्छर से बचाकर रखिए। संक्रमित मच्छरों के काटने से सबसे ज्यादा खतरा होता है। मलेरिया रोग साफ पानी में ठहरे हुए मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। इसलिए इस रोग से बचाव के लिए अपने घरों और आसपास जलभराव नहीं होने दें। बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। सामान्य पानी की पट्टी सिर, हाथ-पांव एवं पेट पर रखें। बुखार के समय पानी एवं अन्य तरल पदार्थों जैसे नारियल पानी, शिकंजी, ताजे फलों का रस इत्यादि का अधिक सेवन करें। मच्छरदानी के अंदर सोएं। पैरासीटामोल के अलावा अन्य कोई दवा न लें
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75 स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर कर रहे जांच
डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 75 कर्मियों को मैदान में उतारा है, जोकि घर घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं। जिन जगहों पर डेंगू के केस आए हैं, वहां पर सबसे पहले प्राथमिकता दी जा रही है। किसी भी तरह के बुखार से ग्रस्त व्यक्ति की तुरंत जांच की जा रही है। विभाग का मकसद बढ़ते डेंगू के प्रभाव को कम करना है। इसी बात को ध्यान में रखकर दिन-रात टीमें गांवों में जुटी हुई हैं।

10 लोगों की टीम मच्छरों की जांच में जुटी हुई
डेंगू और मलेरिया के बढ़ते केसों को देखते हुए किरंजमेव नूंह, खानपुर घाटी, डूंगरान शहजादपुर, फिरोजपुर झिरका, सूखपुरी और इमामनगर गांवों में 10-10 लोगों की एक टीम कार्य कर रही है। टीम द्वारा गांवों में मच्छरों के लार्वा की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा लोगों से अपील की जा रही है कि अपने-अपने घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने दें।
जिले में मलेरिया के केसों पर एक नजर
वर्ष केस
2017 3643
2018 1968
2019 942
2020 24
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