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मांगे पूरी न होने तक प्रदर्शन
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नूंह। ठेका कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाली, छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को बहाल करने, खाली पड़े पदों को भरने और जन विरोधी निजीकरण व उदारीकरण की नीतियों के खिलाफ कर्मचारी 12 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन को सफल बनाने की योजना बनाने के लिए सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी के सचिव योगराज दीक्षित की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिला कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा भी पहुंचे और बैठक को संबोधित किया। बैठक में 23 नवंबर को पुरानी पेंशन बहाली और कच्चे कर्मियों को पक्का करने की मांग को लेकर एनपीएस व ठेका कर्मचारियों का पीडब्ल्यूडी बीएंड रेस्ट हाउस में सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया गया। बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार सभी विभागीय यूनियनों एवं एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी की बैठकें आयोजित की जाएगी और 12 दिसंबर को डीसी आफिस पर होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों में जन संपर्क अभियान चलाया जाएगा। जन संपर्क अभियान में कर्मचारियों को हैंड बिलों का वितरण किया जाएगा और सरकार के कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी व जन विरोधी नीतियों की पोल खोलने का काम किया जाएगा। उन्होंने फैसले के बावजूद मेवात माडल स्कूल का शिक्षा विभाग में समायोजन के काम को पूरा न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने जिला कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पुरानी पेंशन व छंटनी ग्रस्त एवं बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर गंभीर नहीं है। एक तरफ सरकार कोविड की तीसरी लहर के लिए 6 हजार वालेंटियर तैयार करने की बयान दे रही है और दूसरी तरफ हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज से पांच साल से अधिक सालों 114 स्टाफ नर्सों सहित हजारों स्वास्थ्य ठेका कर्मियों को नौकरी से निकाल चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मियों के करीब 3500 करोड़ डीए के एरियर को हजम कर गई है। सरकार ने अभी तक एचआरए के स्लैब में बदलाव नहीं किया है और ना ही जनवरी, 2020 से जून, 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को बढ़ हुए महंगाई भत्ते के अनुसार लीव इनकैशमेंट व ग्रेचुटी को रिवाइज किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्कलोड व आबादी के मुताबिक करीब 8 लाख पद खाली पड़े हैं। सरकार इनको भरकर बेरोजगारों को रोजगार व जनता को बेहतर जन सुविधाएं प्रदान करने की बजाय कर्मचारियों की छंटनी करने में जुटी हुई है। जिसके खिलाफ 12 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर हल्ला बोल प्रदर्शन किए जाएंगे। इस मौके पर एएचपीसी वर्कर यूनियन के राज्य सचिव समून खान, सर्कल सचिव राजेश शर्मा व यूनिट सचिव लियाकत अली, मेवात माडल स्कूल्ज इंप्लाईज वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतीश खटाना व महासचिव निसार अहमद, उप प्रधान विजेंद्र सिंह सीटू के जिला प्रधान अनिल कुमार, मेडिकल कॉलेज नल्हड़ से जितेंद्र गुलिया व रुकुमुद्दीन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से इसरुदीन व लख्खी राम, एमपीएचई एसोसिएशन से मुकेश कुमार, बिजली निगम से चंद्रपाल, फिरोजपुर झिरका के प्रधान बनवारी लाल व नूंह खंड के प्रधान अब्बास आदि मौजूद रहे।
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बैठक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा भी पहुंचे और बैठक को संबोधित किया। बैठक में 23 नवंबर को पुरानी पेंशन बहाली और कच्चे कर्मियों को पक्का करने की मांग को लेकर एनपीएस व ठेका कर्मचारियों का पीडब्ल्यूडी बीएंड रेस्ट हाउस में सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया गया। बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार सभी विभागीय यूनियनों एवं एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी की बैठकें आयोजित की जाएगी और 12 दिसंबर को डीसी आफिस पर होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों में जन संपर्क अभियान चलाया जाएगा। जन संपर्क अभियान में कर्मचारियों को हैंड बिलों का वितरण किया जाएगा और सरकार के कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी व जन विरोधी नीतियों की पोल खोलने का काम किया जाएगा। उन्होंने फैसले के बावजूद मेवात माडल स्कूल का शिक्षा विभाग में समायोजन के काम को पूरा न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने जिला कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पुरानी पेंशन व छंटनी ग्रस्त एवं बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर गंभीर नहीं है। एक तरफ सरकार कोविड की तीसरी लहर के लिए 6 हजार वालेंटियर तैयार करने की बयान दे रही है और दूसरी तरफ हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज से पांच साल से अधिक सालों 114 स्टाफ नर्सों सहित हजारों स्वास्थ्य ठेका कर्मियों को नौकरी से निकाल चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मियों के करीब 3500 करोड़ डीए के एरियर को हजम कर गई है। सरकार ने अभी तक एचआरए के स्लैब में बदलाव नहीं किया है और ना ही जनवरी, 2020 से जून, 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को बढ़ हुए महंगाई भत्ते के अनुसार लीव इनकैशमेंट व ग्रेचुटी को रिवाइज किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्कलोड व आबादी के मुताबिक करीब 8 लाख पद खाली पड़े हैं। सरकार इनको भरकर बेरोजगारों को रोजगार व जनता को बेहतर जन सुविधाएं प्रदान करने की बजाय कर्मचारियों की छंटनी करने में जुटी हुई है। जिसके खिलाफ 12 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर हल्ला बोल प्रदर्शन किए जाएंगे। इस मौके पर एएचपीसी वर्कर यूनियन के राज्य सचिव समून खान, सर्कल सचिव राजेश शर्मा व यूनिट सचिव लियाकत अली, मेवात माडल स्कूल्ज इंप्लाईज वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतीश खटाना व महासचिव निसार अहमद, उप प्रधान विजेंद्र सिंह सीटू के जिला प्रधान अनिल कुमार, मेडिकल कॉलेज नल्हड़ से जितेंद्र गुलिया व रुकुमुद्दीन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से इसरुदीन व लख्खी राम, एमपीएचई एसोसिएशन से मुकेश कुमार, बिजली निगम से चंद्रपाल, फिरोजपुर झिरका के प्रधान बनवारी लाल व नूंह खंड के प्रधान अब्बास आदि मौजूद रहे।
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