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Noida News: आशियाना मिलने तक टोल टैक्स न बढ़ाने की मांग
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेआईएल रियल एस्टेट अलाॅटीज वेलफेयर सोसाइटी ने यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल बढ़ाने के लिए सुरक्षा रियलिटी के प्रस्ताव का विरोध किया है। आवंटियों ने कहा कि फ्लैटबायर्स को उनका आशियाना न मिलने तक यह बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही टोल से होने वाली आय से अधूरे प्रोजेक्टों को भी पूरा किया जाना चाहिए।
सोसाइटी के अध्यक्ष आशीष मोहन गुप्ता ने यमुना प्राधिकरण और अपर मुख्य सचिव उद्योग आलोक कुमार से पोस्ट में कहा है कि आठ मार्च 2017 को ज्वाइंट लेंडर्स फोरम की बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि 16325 करोड़ रुपये विशटाउन टाउनशिप से रेवेन्यू मिला। फ्लैटबायर्स से मिले इस रेवेन्यू में से ही 3862 करोड़ रुपये यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण में उपयोग हुए। इससे साफ है कि फ्लैटबायर्स का फंड यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण में उपयोग हुआ है। अब तक फ्लैटों का निर्माण अधूरा है। इसके बाद भी कंपनी एक्सप्रेसवे पर पूर्व के अनुबंध के मुताबिक टोल बढ़ाना चाहती है। टोल दर बढ़ाने से पहले प्राधिकरण को इन फ्लैटबायर्स की मुश्किलों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर ही पुनीत गर्ग ने कहा कि निर्माण की प्रगति बहुत धीमी है। टोल दरें बढ़ाने से पहले कंपनी को लिखित में देना चाहिए कि इस पैसे का उपयोग फ्लैटबायर्स के घर बनाने में खर्च होगा। भूपेंद्र का कहना है कि अनुबंध में शामिल फ्लैटबायर्स के हितों को भी पूरा किया जाए।
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ग्रेटर नोएडा। जेआईएल रियल एस्टेट अलाॅटीज वेलफेयर सोसाइटी ने यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल बढ़ाने के लिए सुरक्षा रियलिटी के प्रस्ताव का विरोध किया है। आवंटियों ने कहा कि फ्लैटबायर्स को उनका आशियाना न मिलने तक यह बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही टोल से होने वाली आय से अधूरे प्रोजेक्टों को भी पूरा किया जाना चाहिए।
सोसाइटी के अध्यक्ष आशीष मोहन गुप्ता ने यमुना प्राधिकरण और अपर मुख्य सचिव उद्योग आलोक कुमार से पोस्ट में कहा है कि आठ मार्च 2017 को ज्वाइंट लेंडर्स फोरम की बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि 16325 करोड़ रुपये विशटाउन टाउनशिप से रेवेन्यू मिला। फ्लैटबायर्स से मिले इस रेवेन्यू में से ही 3862 करोड़ रुपये यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण में उपयोग हुए। इससे साफ है कि फ्लैटबायर्स का फंड यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण में उपयोग हुआ है। अब तक फ्लैटों का निर्माण अधूरा है। इसके बाद भी कंपनी एक्सप्रेसवे पर पूर्व के अनुबंध के मुताबिक टोल बढ़ाना चाहती है। टोल दर बढ़ाने से पहले प्राधिकरण को इन फ्लैटबायर्स की मुश्किलों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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सोशल मीडिया पर ही पुनीत गर्ग ने कहा कि निर्माण की प्रगति बहुत धीमी है। टोल दरें बढ़ाने से पहले कंपनी को लिखित में देना चाहिए कि इस पैसे का उपयोग फ्लैटबायर्स के घर बनाने में खर्च होगा। भूपेंद्र का कहना है कि अनुबंध में शामिल फ्लैटबायर्स के हितों को भी पूरा किया जाए।
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