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Noida News: फर्जीवाड़ा कर नौकरी कर रहा था डिलिवरी बॉय और हिस्ट्रीशीटर
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फर्जीवाड़ा कर नौकरी कर रहा था डिलीवरी बॉय और हिस्ट्रीशीटर
- आरोपियों ने अपराध छुपाने के लिए बनवाए थे फर्जी पहचान पत्र
- ब्लिंकिट कंपनी को नोटिस, 24 घंटे में जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में युवती से दुष्कर्म का आरोपी डिलीवरी बॉय सुमित ने भाई अमित के नाम पर फर्जी पहचान पत्र बना लिया। हालांकि उसमें आरोपी ने अपना फोटो लगाया था। इसी पहचान पत्र से आरोपी ने नौकरी हासिल की। वहीं, आरोपी के हिस्ट्रीशीटर भाई भी ब्लिंकिट कंपनी में कुछ दिन पहले तक डिलीवरी बॉय की नौकरी कर रहा था। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा-91 के अंतर्गत ब्लिंकिट कंपनी से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कंपनी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
बिसरख कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी सुमित ने अपनी पहचान छुपाकर और फर्जी पहचान पत्र बनाकर नौकरी हासिल की थी। लेकिन सवाल यह उठता है कि आरोपियों को फर्जी दस्तावेज पर बिना सत्यापन कराए और हिस्ट्रीशीटर मनोज को नौकरी कैसे दे दी गई। इस बात की भी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता कि आरोपियों ने सत्यापन के मामले में भी कोई फर्जीवाड़ा किया हो। इस मामले की तह तक जाने के लिए ग्रासरी स्टोर चलाने वाली ब्लिंकिट कंपनी को भी नोटिस दिया गया है।
अन्य कंपनियों के डिलीवरी बॉय की भी होगी जांच
ईकोविलेज सोसाइटी में युवती से दुष्कर्म और मामले की जांच में डिलीवरी बॉय की जांच नहीं होने पर गंभीर सवाल उठे हैं। इसके चलते पुलिस अब अन्य कंपनियों के डिलीवरी बॉय की भी जांच करेगी। वहीं, सेक्टर सोसाइटी में डिलीवरी बॉय के लिए गाइडलाइन तय करेगी। अहम है कि इससे पहले भी डिलीवरी बॉय चोरी आदि की घटना करते सीसीटीवी में कैद हुए हैं।
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- आरोपियों ने अपराध छुपाने के लिए बनवाए थे फर्जी पहचान पत्र
- ब्लिंकिट कंपनी को नोटिस, 24 घंटे में जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में युवती से दुष्कर्म का आरोपी डिलीवरी बॉय सुमित ने भाई अमित के नाम पर फर्जी पहचान पत्र बना लिया। हालांकि उसमें आरोपी ने अपना फोटो लगाया था। इसी पहचान पत्र से आरोपी ने नौकरी हासिल की। वहीं, आरोपी के हिस्ट्रीशीटर भाई भी ब्लिंकिट कंपनी में कुछ दिन पहले तक डिलीवरी बॉय की नौकरी कर रहा था। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा-91 के अंतर्गत ब्लिंकिट कंपनी से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कंपनी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
बिसरख कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी सुमित ने अपनी पहचान छुपाकर और फर्जी पहचान पत्र बनाकर नौकरी हासिल की थी। लेकिन सवाल यह उठता है कि आरोपियों को फर्जी दस्तावेज पर बिना सत्यापन कराए और हिस्ट्रीशीटर मनोज को नौकरी कैसे दे दी गई। इस बात की भी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता कि आरोपियों ने सत्यापन के मामले में भी कोई फर्जीवाड़ा किया हो। इस मामले की तह तक जाने के लिए ग्रासरी स्टोर चलाने वाली ब्लिंकिट कंपनी को भी नोटिस दिया गया है।
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अन्य कंपनियों के डिलीवरी बॉय की भी होगी जांच
ईकोविलेज सोसाइटी में युवती से दुष्कर्म और मामले की जांच में डिलीवरी बॉय की जांच नहीं होने पर गंभीर सवाल उठे हैं। इसके चलते पुलिस अब अन्य कंपनियों के डिलीवरी बॉय की भी जांच करेगी। वहीं, सेक्टर सोसाइटी में डिलीवरी बॉय के लिए गाइडलाइन तय करेगी। अहम है कि इससे पहले भी डिलीवरी बॉय चोरी आदि की घटना करते सीसीटीवी में कैद हुए हैं।
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