{"_id":"6914ab92aa15351994017f0e","slug":"delhi-will-become-the-digital-capital-services-will-reach-every-home-noida-news-c-340-1-del1011-112226-2025-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: दिल्ली बनेगी डिजिटल राजधानी, घर-घर पहुंचेंगी सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: दिल्ली बनेगी डिजिटल राजधानी, घर-घर पहुंचेंगी सेवाएं
विज्ञापन
आईटी मंत्री डॉ. पंकज ने कहा- बनाएंगे पारदर्शी और जवाबदेह ई-गवर्नेंस सिस्टम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार राजधानी को पूरे देश में डिजिटल गवर्नेंस का आदर्श मॉडल बनाएगी। दिल्ली सचिवालय में ई-गवर्नेंस को लेकर हुई समीक्षा बैठक में सरकार ने तय किया कि वह एक ऐसा एकीकृत डिजिटल ढांचा तैयार करेगी जो सभी विभागों, योजनाओं और नागरिक सेवाओं को जोड़ते हुए जनसेवा को घर- घर तक पहुंचाए।
बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार की डिजिटल प्राथमिकताओं में यूनिफाइड डेटा हब (यूडीएच), कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) इंटीग्रेशन, डिजिटल एसेट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (डैमिस) और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) जैसी चार प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे सरकारी कामकाज पूरी तरह पारदर्शी, सरल और पेपरलेस बन जाएगा।
यूडीएच के तहत सभी विभागों के डेटा को जोड़ा जाएगा ताकि लाभार्थियों की सटीक पहचान हो सके और योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। इससे डुप्लिकेट प्रविष्टियों को समाप्त कर सब्सिडी वितरण में सटीकता और पारदर्शिता आएगी। इस परियोजना के लिए दिल्ली सरकार अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र और राजस्थान के सफल मॉडलों का अध्ययन कर रही है।
विज्ञापन
जल्द ही 75 सरकारी सेवाएं एक जगह
सीएससी इंटीग्रेशन परियोजना के तहत नागरिक अब अपने नजदीकी केंद्रों से करीब 75 सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए होगी जिनके पास निजी डिजिटल साधन नहीं हैं। फिलहाल, एमओयू प्रक्रिया अंतिम चरण में है जिसे जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।
सभी सरकारी संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड
डैमिस परियोजना के तहत दिल्ली सरकार के सभी विभागों और एजेंसियों की संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और विभागों के बीच समन्वय में सुधार होगा। यह प्रणाली पहले से ही http://gsdl.org.in/dasset पर चल रही है और एमसीडी, परिवहन, राजस्व, पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग इससे जुड़े हैं।
निविदा प्रक्रिया होगी पेपरलेस
ईएमडी इंटीग्रेशन के माध्यम से निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है। इससे ठेकेदारों को डिमांड ड्राफ्ट जमा करने की जरूरत खत्म होगी और भुगतान व सत्यापन रियल टाइम में संभव हो सकेगा। डॉ. पंकज ने कहा कि दिल्ली सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित डिजिटल शासन चलाएगी। ये परियोजनाएं दिल्ली को डिजिटल नवाचार और जनसेवा का राष्ट्रीय केंद्र बनाएगी जहां हर नागरिक को सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार राजधानी को पूरे देश में डिजिटल गवर्नेंस का आदर्श मॉडल बनाएगी। दिल्ली सचिवालय में ई-गवर्नेंस को लेकर हुई समीक्षा बैठक में सरकार ने तय किया कि वह एक ऐसा एकीकृत डिजिटल ढांचा तैयार करेगी जो सभी विभागों, योजनाओं और नागरिक सेवाओं को जोड़ते हुए जनसेवा को घर- घर तक पहुंचाए।
बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार की डिजिटल प्राथमिकताओं में यूनिफाइड डेटा हब (यूडीएच), कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) इंटीग्रेशन, डिजिटल एसेट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (डैमिस) और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) जैसी चार प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे सरकारी कामकाज पूरी तरह पारदर्शी, सरल और पेपरलेस बन जाएगा।
विज्ञापन
यूडीएच के तहत सभी विभागों के डेटा को जोड़ा जाएगा ताकि लाभार्थियों की सटीक पहचान हो सके और योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। इससे डुप्लिकेट प्रविष्टियों को समाप्त कर सब्सिडी वितरण में सटीकता और पारदर्शिता आएगी। इस परियोजना के लिए दिल्ली सरकार अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र और राजस्थान के सफल मॉडलों का अध्ययन कर रही है।
विज्ञापन
जल्द ही 75 सरकारी सेवाएं एक जगह
सीएससी इंटीग्रेशन परियोजना के तहत नागरिक अब अपने नजदीकी केंद्रों से करीब 75 सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए होगी जिनके पास निजी डिजिटल साधन नहीं हैं। फिलहाल, एमओयू प्रक्रिया अंतिम चरण में है जिसे जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।
सभी सरकारी संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड
डैमिस परियोजना के तहत दिल्ली सरकार के सभी विभागों और एजेंसियों की संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और विभागों के बीच समन्वय में सुधार होगा। यह प्रणाली पहले से ही http://gsdl.org.in/dasset पर चल रही है और एमसीडी, परिवहन, राजस्व, पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग इससे जुड़े हैं।
निविदा प्रक्रिया होगी पेपरलेस
ईएमडी इंटीग्रेशन के माध्यम से निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है। इससे ठेकेदारों को डिमांड ड्राफ्ट जमा करने की जरूरत खत्म होगी और भुगतान व सत्यापन रियल टाइम में संभव हो सकेगा। डॉ. पंकज ने कहा कि दिल्ली सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित डिजिटल शासन चलाएगी। ये परियोजनाएं दिल्ली को डिजिटल नवाचार और जनसेवा का राष्ट्रीय केंद्र बनाएगी जहां हर नागरिक को सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी।