{"_id":"66d5c4b19aacda076c07ebab","slug":"delhi-university-students-union-election-bugle-sounded-noida-news-c-340-1-del1004-59817-2024-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का बिगुल बजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का बिगुल बजा
विज्ञापन
-डीयू प्रशासन ने की आधिकारिक घोषणा, 27 सितंबर को होगा मतदान
-17 सितंबर है नामांकन करने की अंतिम तिथि, 28 को होगी मतगणना
-चुनाव तिथियों की अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता लागू हुई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2024 का बिगुल बज गया है। इस साल चुनाव 27 सितंबर को होंगे। सोमवार को चुनाव को लेकर आधिकारिक घोषणा कर दी है। डीयू कुलसचिव की ओर से सोमवार को चुनाव तिथियों संबंधी अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही अब आचार संहिता भी लागू हो गई है। मतदान के अगले दिन ही पुलिस लाइन में मतगणना होगी। इससे पहले नामांकन करने की अंतिम तिथि 17 सितंबर तय की गई है।
चुनावों के लिए बीते सप्ताह ही संस्कृत विभाग के प्रो. सत्यपाल सिंह को मुख्य चुनाव अधिकारी, रसायन शास्त्र विभाग के प्रो. राज किशोर शर्मा को मुख्य पीठासीन अधिकारी व केंद्रीय पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राजेश सिंह को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया जा चुका है। जिसके बाद अब चुनाव तिथियों की घोषणा की गई है। चुनाव में लिंगदोह कमेटी व सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। चुनावी शंखनाद होते ही छात्र संगठनों ने भी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तय करनी शुरू कर दी है।
डूसू चुनाव के लिए नामांकन पत्र 17 सितंबर दोपहर तीन बजे तक जमा कराए जा सकते हैं। इसके बाद उसी दिन नामांकन पत्रों की छंटनी की जाएगी और छंटनी के बाद शेष रहे उम्मीदवारों की लिस्ट शाम छ: बजे तक जारी कर दी जाएगी। नामांकित उम्मीदवार अपना नाम 18 सितंबर दोपहर 12 बजे तक वापिस ले सकते हैं। उम्मीदवारों की अंतिम सूची 18 सितंबर शाम पांच बजे जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार अपना चुनाव प्रचार शुरू कर सकेंगे। मतदान के बाद 27 सितंबर को दो शिफ्ट में होगा। सुबह की पाली वाले कॉलेजों में सुबह 8:30 बजे से दोपहर एक बजे तक मतदान होगा। जबकि सांध्यकालीन कॉलेजों में वोट डालने का समय शाम तीन बजे से रात 7.30 बजे तक का रहेगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
उम्मीदवारों की खोज में जुटे छात्र संगठन
डूसू चुनाव में मुख्य व सीधा मुकाबला छात्र संगठन एनएसयूआई और एबीवीपी में होता है। आइसा समेत अन्य वाम संगठन भी अपनी धमक दिखाते हैं। चुनाव की दस्तक के साथ ही छात्र संगठनों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। इसकी बानगी शैक्षणिक सत्र की शुरूआत वाले दिन देखने को मिली थी। संगठनों ने अपने-अपने तरीके से नए छात्र को लुभाने का प्रयास किया था। किसी ने एंटी रैगिंग अभियान चलाया था, तो किसी ने छात्रों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क लगाए थे। वहीं टिकट की दावेदारी करने वालों ने बड़ी-बड़ी गाडिय़ों से नए छात्रों को लुभाया था। छात्र संगठन पहले ही अपने सदस्यता अभियान शुरू कर चुके हैं। अब वह अपनी-अपनी उम्मीदवार चयन समितियों का गठन करेंगे, जिससे कि काबिल उम्मीदवार को खोजा जा सके।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
डूसू अखाड़े से निकले हैं कई बड़े नेता
डूसू चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश की पहली सीढ़ी माना जाता है। डूसू चुनाव की शुरुआत वर्ष 1954 से हुई। डूसू की छात्र राजनीति ने देश को कई बड़े नेता दिए हैं। यह डूसू में अपनी धाक दिखाने के बाद नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा तक में अपना परचम लहरा चुकेहैं। डूसू के इस अखाड़े से सुभाष चोपड़ा, अजय माकन, अरुण जेटली, पूर्णिमा सेठी, विजय गोयल, विजय जौली, अलका लांबा, अमृता धवन, आरती मेहरा, सुधांशु मित्तल जैसे नेता निकले हैं
विज्ञापन
-17 सितंबर है नामांकन करने की अंतिम तिथि, 28 को होगी मतगणना
-चुनाव तिथियों की अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता लागू हुई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2024 का बिगुल बज गया है। इस साल चुनाव 27 सितंबर को होंगे। सोमवार को चुनाव को लेकर आधिकारिक घोषणा कर दी है। डीयू कुलसचिव की ओर से सोमवार को चुनाव तिथियों संबंधी अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही अब आचार संहिता भी लागू हो गई है। मतदान के अगले दिन ही पुलिस लाइन में मतगणना होगी। इससे पहले नामांकन करने की अंतिम तिथि 17 सितंबर तय की गई है।
चुनावों के लिए बीते सप्ताह ही संस्कृत विभाग के प्रो. सत्यपाल सिंह को मुख्य चुनाव अधिकारी, रसायन शास्त्र विभाग के प्रो. राज किशोर शर्मा को मुख्य पीठासीन अधिकारी व केंद्रीय पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राजेश सिंह को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया जा चुका है। जिसके बाद अब चुनाव तिथियों की घोषणा की गई है। चुनाव में लिंगदोह कमेटी व सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। चुनावी शंखनाद होते ही छात्र संगठनों ने भी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तय करनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
डूसू चुनाव के लिए नामांकन पत्र 17 सितंबर दोपहर तीन बजे तक जमा कराए जा सकते हैं। इसके बाद उसी दिन नामांकन पत्रों की छंटनी की जाएगी और छंटनी के बाद शेष रहे उम्मीदवारों की लिस्ट शाम छ: बजे तक जारी कर दी जाएगी। नामांकित उम्मीदवार अपना नाम 18 सितंबर दोपहर 12 बजे तक वापिस ले सकते हैं। उम्मीदवारों की अंतिम सूची 18 सितंबर शाम पांच बजे जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार अपना चुनाव प्रचार शुरू कर सकेंगे। मतदान के बाद 27 सितंबर को दो शिफ्ट में होगा। सुबह की पाली वाले कॉलेजों में सुबह 8:30 बजे से दोपहर एक बजे तक मतदान होगा। जबकि सांध्यकालीन कॉलेजों में वोट डालने का समय शाम तीन बजे से रात 7.30 बजे तक का रहेगा।
विज्ञापन
उम्मीदवारों की खोज में जुटे छात्र संगठन
डूसू चुनाव में मुख्य व सीधा मुकाबला छात्र संगठन एनएसयूआई और एबीवीपी में होता है। आइसा समेत अन्य वाम संगठन भी अपनी धमक दिखाते हैं। चुनाव की दस्तक के साथ ही छात्र संगठनों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। इसकी बानगी शैक्षणिक सत्र की शुरूआत वाले दिन देखने को मिली थी। संगठनों ने अपने-अपने तरीके से नए छात्र को लुभाने का प्रयास किया था। किसी ने एंटी रैगिंग अभियान चलाया था, तो किसी ने छात्रों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क लगाए थे। वहीं टिकट की दावेदारी करने वालों ने बड़ी-बड़ी गाडिय़ों से नए छात्रों को लुभाया था। छात्र संगठन पहले ही अपने सदस्यता अभियान शुरू कर चुके हैं। अब वह अपनी-अपनी उम्मीदवार चयन समितियों का गठन करेंगे, जिससे कि काबिल उम्मीदवार को खोजा जा सके।
डूसू अखाड़े से निकले हैं कई बड़े नेता
डूसू चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश की पहली सीढ़ी माना जाता है। डूसू चुनाव की शुरुआत वर्ष 1954 से हुई। डूसू की छात्र राजनीति ने देश को कई बड़े नेता दिए हैं। यह डूसू में अपनी धाक दिखाने के बाद नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा तक में अपना परचम लहरा चुकेहैं। डूसू के इस अखाड़े से सुभाष चोपड़ा, अजय माकन, अरुण जेटली, पूर्णिमा सेठी, विजय गोयल, विजय जौली, अलका लांबा, अमृता धवन, आरती मेहरा, सुधांशु मित्तल जैसे नेता निकले हैं