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नोएडा प्राधिकरण को दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारे के 80 गांवों को विकसित करने का प्रस्ताव
Sat, 02 Jan 2021 12:17 PM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2021 12:17 PM IST
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Noida Authority
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के 80 गांवों को नोएडा प्राधिकरण विकसित कर सकता है। नोएडा को इसका प्रस्ताव मिला है, इस पर प्राधिकरण की सीईओ से बातचीत चल रही है। अगर निर्णय हो जाता है तो यह सभी 80 गांव नोएडा के अधीन हो जाएंगे। फिर नोएडा प्राधिकरण इसे विकसित कर सकेगा। इसका क्षेत्र ग्रेटर नोएडा से बुलंदशहर तक है।
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दरअसल, दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा से बुलंदशहर तक 80 गांव हैं। इन गांवों को विकसित करने के लिए पहले ग्रेटर नोएडा को कहा गया था। फिर इसे यूपी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) को विकसित करना था, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
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इसके बाद नोएडा से इस बारे में पूछा गया है, अब नोएडा ने सहमति दे दी है। हालांकि, अभी यह शुरुआती चरण है। इस पर अंतिम निर्णय बाकी है। यही नहीं यूपी शासन से भी इसकी अनुमति लेनी होगी। पूरा मामला मुख्यमंत्री तक भी जाएगा। तब मामले में कोई निर्णय हो पाएगा।
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बढ़ सकता है नोएडा का दायरा
अगर इन 80 गांवों को नोएडा के नाम से अधिसूचित किया जाता है तो इसका दायरा बढ़ जाएगा। हालांकि, वर्तमान समय में नोएडा प्राधिकरण का जो क्षेत्र है उससे ये गांव मिले हुए नहीं हैं। बीच में ग्रेटर नोएडा का भाग है। बावजूद उक्त सभी क्षेत्र नोएडा के अंतर्गत आ जाएंगे।
भविष्य में मिल सकेगा काम
वर्तमान समय में नोएडा के पास जमीन की भारी कमी है। नोएडा करीब-करीब विकसित हो चुका है। अभी नोएडा की ओर से जमीनों को खरीदने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन यह आने वाले कुछ समय में खत्म हो जाएगी। यहां जमीन नहीं बचेगी। उस दौरान ये 80 गांव नोएडा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। यहां नोएडा के पास काफी काम होगा। साथ ही राजस्व का भी एक साधन मिल जाएगा।
अलग मॉडल पर होगा विकास
इन 80 गांवों का विकास अलग मॉडल पर होगा। यानी शहर के मॉडल पर इसका विकास नहीं होगा। यहां अलग-अलग जोन विकसित किए जा सकेंगे। कुछ विशेष काम भी शुरू हो पाएंगे। आवासीय सुविधाओं के लिए इसे विकसित करने की योजना काफी कम है।
यह काम हो सकेंगे
- इंडस्ट्रियल यूनिट, एसईजेड
- इंडस्ट्रियल एस्टेट्स
- एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग जोन
- आईटी, आईटीएस और बायोटेक जोन
- स्किल डेवलपमेंट सेंटर, नॉलेज हब
- लॉजिस्टिक हब
- इंटिग्रेटेड टाउनशिप
दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर के ग्रेटर नोएडा से बुलंदशहर तक के 80 गांवों को विकसित करने का प्रस्ताव मिला है। इस पर बातचीत चल रही है। अगर निर्णय हो जाता है तो नोएडा इसे विकसित कर सकता है। फिर यह 80 गांव नोएडा के अधीन हो जाएंगे। इसके बाद नोएडा का दायरा बढ़ जाएगा।-रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण