फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi development landscape set to transform Master Plan 2047 emphasizes redevelopment

दिल्ली के विकास की बदलेगी तस्वीर: मास्टर प्लान-2047 में पुनर्विकास पर जोर, परिवहन और भूमि पूलिंग को मिलेगी धार

Sun, 30 Aug 2026 07:42 AM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला, विनोद डबास, नई दिल्ली
अमर उजाला, विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Sun, 30 Aug 2026 07:42 AM IST
सार

मास्टर प्लान-2047 में दिल्ली के विकास की दिशा बदली गई है। नए क्षेत्रों के विस्तार के साथ पुराने और कम उपयोग वाले इलाकों के पुनर्विकास, सार्वजनिक परिवहन आधारित विकास, अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास, औद्योगिक जमीन के पुनः उपयोग और भूमि पूलिंग को प्रमुखता दी गई है।

विज्ञापन
Delhi development landscape set to transform Master Plan 2047 emphasizes redevelopment
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI

विस्तार

वर्ष 2007 में लागू मास्टर प्लान-2021 का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के तेजी से बढ़ते शहरीकरण को नियोजित करना था। इसके तहत आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों, परिवहन, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भूमि उपयोग तय किया गया।
विज्ञापन

समय के साथ राजधानी की जरूरतें बदलीं और प्लान में कई संशोधन किए गए। अब मास्टर प्लान-2047 में पिछले करीब दो दशक के अनुभव के आधार पर विकास की दिशा बदली गई है। नए प्लान में नए क्षेत्रों के विस्तार के साथ पहले से बसे और कम उपयोग वाले इलाकों के पुनर्विकास पर अधिक जोर है।

मास्टर प्लान-2021 का प्रमुख उद्देश्य अनियोजित विस्तार को रोकना और अलग-अलग क्षेत्रों के लिए भूमि उपयोग तय करना था। करीब दो दशक में दिल्ली के पुराने इलाकों में आबादी और निर्माण घना हुआ है। कई इमारतें पुरानी हो चुकी हैं और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ा है। मास्टर प्लान-2047 में पहले से बसे क्षेत्रों में जमीन का बेहतर इस्तेमाल कर नए मकान, सड़कें, सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं विकसित करने पर जोर है। मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन गलियारों के आसपास आवास, रोजगार, बाजार और सुविधाओं को विकसित करने की नीति को भी प्रमुखता दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मास्टर प्लान-2021 में सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो के आसपास विकास की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया था। बाद में परिवहन आधारित विकास की नीति भी लागू हुई। मास्टर प्लान-2047 में इसे भविष्य के शहरी विकास का प्रमुख आधार बनाया गया है। मेट्रो और अन्य बड़े सार्वजनिक परिवहन मार्गों के आसपास आवास, रोजगार, बाजार और जरूरी सुविधाओं को एक-दूसरे के करीब विकसित करने की नीति अपनाई गई है।
विज्ञापन

अनधिकृत कॉलोनियों में अब सिर्फ नियमितीकरण नहीं
मास्टर प्लान-2021 के दौरान अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण और वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहा। मास्टर प्लान-2047 में इनके पुनर्विकास की दिशा में प्रावधान किया गया है। इसके तहत कम से कम 2,000 वर्गमीटर क्षेत्र को मिलाकर पुनर्विकास योजना बनाने का रास्ता दिया गया है। छोटे भूखंडों को जोड़कर सड़क, भवन और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर ढंग से विकसित करना इसका उद्देश्य है।

मास्टर प्लान-2047 में बदलती जरूरतों के अनुसार कुछ मौजूदा औद्योगिक जमीन के पुनः उपयोग का प्रावधान किया गया है। 2,000 वर्गमीटर या उससे बड़े पात्र औद्योगिक भूखंडों को निर्धारित शर्तों के तहत व्यावसायिक या सार्वजनिक-सामुदायिक उपयोग में बदला जा सकता है। ब्यूरो

भूमि पूलिंग: बड़े क्षेत्र से योजनाबद्ध शहर तक
मास्टर प्लान-2021 के दौरान निजी जमीन को एक साथ लेकर नियोजित विकास के लिए भूमि पूलिंग नीति लाई गई थी। डीडीए के मौजूदा भूमि पूलिंग ढांचे में 95 गांव और 109 क्षेत्र शामिल हैं। एक क्षेत्र का औसत आकार करीब 250 से 350 हेक्टेयर है। मास्टर प्लान-2047 में इसे अधिक लचीला बनाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत कम से कम 20 हेक्टेयर जुड़ी हुई जमीन वाले भू-स्वामियों के समूह को योजना में शामिल होने का रास्ता दिया गया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed