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Noida News: कामकाजी महिलाओं के लिए डे-केयर बना सहारा

Tue, 01 Sep 2026 07:29 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:29 PM IST
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Daycare has become a lifeline for working women.
कॅरिअर के साथ बच्चों की जिम्मेदारी भी संभाल रहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी

नोएडा। बच्चे के जन्म के बाद कई महिलाओं के सामने कॅरिअर और बच्चे की देखभाल के बीच संतुलन बनाने की स्थिति आती है। परिवार में बच्चे की देखभाल के लिए दादा-दादी या अन्य सदस्य उपलब्ध नहीं होने पर डे-केयर सेंटर कामकाजी माताओं के लिए सहारा बन रहे हैं। महिलाएं बच्चों को डे-केयर में रखकर नौकरी पर जाती हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें हर महीने हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में डे-केयर सेंटर की फीस करीब 7 हजार रुपये से शुरू होकर 15 हजार रुपये तक है। तीन कामकाजी माताओं से बातचीत में सामने आया कि फीस अधिक होने के बावजूद डे-केयर की सुविधा उन्हें नौकरी जारी रखने में मदद कर रही है।
इन बातों का रखें ख्याल
बच्चों को डे केयर में भेजने से पहले सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की गहन जांच करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, संस्थान के पास वैध सरकारी लाइसेंस होना चाहिए और वहां काम करने वाले कर्मचारियों (जैसे टीचर्स, आया और गार्ड) का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए ताकि बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इससे किसी भी घटना से बचा जा सकता है। -सुनीति, महिला सुरक्षा, डीसीपी
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बच्चे के जन्म के बाद चिंता होने लगी थी कि कहीं इसका असर कॅरिअर पर न पड़े। मैटरनिटी लीव के बाद दोबारा काम शुरू करने का फैसला लिया। बच्चा पिछले दो साल से क्रेच में जा रहा है। बच्चे की देखभाल को लेकर निश्चिंत रहने से वह अपने काम पर पूरा ध्यान दे पाती हैं। -खुशबू, सेक्टर-119
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बच्चे के जन्म के बाद मन में कॅरिअर को लेकर चिंता थी। मैटरनिटी लीव के बाद काम दोबारा शुरू किया। बच्चे को क्रेच में रखने से नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ी। बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अपना काम नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि आगे बढ़ते रहना चाहिए। -पूजा ठाकुर, एल्डिको आमंत्रण सोसाइटी


बच्चे सुबह 9 बजे से लेकर शाम साढ़े 6 बजे तक रहते हैं। इसके साथ ही बच्चों को विकास के लिए भी काम किया जाता हैं। क्रेच कई महिलाओं के लिए केवल बच्चे की देखभाल की सुविधा नहीं, बल्कि कॅरिअर जारी रखने का सहारा बन गया है। -सुरुची, डे-केयर संचालक, सेक्टर-117
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