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Noida News: कागजों में सिमटी सवेरा, एकांकी बुजुर्गों के जीवन में छाया अंधेरा
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कागजों में सिमटी सवेरा, एकांकी बुजुर्गों के जीवन में छाया अंधेरा
- सवेरा योजना में घर-घर पहुंचकर हाल पूछती थी पुलिस, अब जिले में नहीं ले रहा कोई सुध
- सेवानिवृत डाक्टर ने सीनियर सिटीजन क्लब बनाने की उठाई थी मांग, वीडियो हुआ वायरल
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में बुजुर्गों की देखभाल के लिए शुरू की गई सवेरा योजना जिले में कागजों में सिमट गई है। इससे जिले में रहने वाले बुजुर्गों के जीवन में अंधेरा छा गया है। योजना लागू नहीं होने से अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपना दुख सुख किसी को बता नहीं पा रहे। साथ ही किसी अनहोनी की सूरत में उन्हें मदद भी नहीं मिल पा रही है। रविवार रात बीटा-1 में जिस सेवानिवृत डाॅक्टर अमिया सिन्हा का शव उनके घर मिला, उन्होंने भी सीनियर सिटीजन होम्स या क्लब बनाने की मांग की थी। उनकी मौत के बाद डॉक्टर का वीडियो वायरल हो गया है।
शुरुआत में सवेरा योजना का काफी प्रचार किया गया था। हर जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस बुजुर्गों की मदद के लिए इसकी जानकारी देती थी। योजना से जुड़ने के लिए बुजुर्गों को केवल यूपी 112 पर कॉल करनी होती थी। इसके बाद पुलिस खुद नियमित रूप से बुजुर्गों का हाल जानती थी। इसके अलावा थाना पुलिस व बीट के सिपाहियों को बुजुर्गों की जानकारी जुटाकर उनकी देखभाल करने के निर्देश दिए गए थे। कई बार पुलिस ने घरेलू सामान से लेकर दवा आदि बुजुर्गों के घर तक पहुंचाई थी। यहां तक कि कोरोना काल में भी पुलिस ने बुजुर्गों की काफी देखभाल की थी। लेकिन धीरे-धीरे ये योजना कागजों में सिमट गई और जिले की एकांकी बुजुर्ग लगभग बेसहारा हो गए।
बीटा-1 में सेवानिवृत महिला डाक्टर का कई दिन तक शव घर में पड़े होने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार अनदेखी के कारण बुजुर्गों के सुध नहीं लेने के मामले सामने आए हैं। कई बार बुजर्गों के खुदकुशी और संदिग्ध मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं। बीटा-1 निवासी हरेंद्र भाटी ने बताया कि डाक्टर जागरूक महिला थीं। वे अक्सर सेक्टर में समस्याओं के निस्तारण की मांग करतीं रहतीं थीं।
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पहले आए मामले
22 जनवरी 2023 - ग्र्रेनो वेस्ट की फ्यूजन होम्स सोसाइटी में कर्ज में डूबे बुजुर्ग ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी।
24 नवंबर 2022 - चेरी काउंटी सोसाइटी में 22वीं मंजिल से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत।
दो जुलाई 2022 - सेक्टर-78 में बुजुर्ग महिला ने 10 वीं मंजिल से कूदकर जान दी।
एक जुलाई 2022 - ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रींस-2 सोसाइटी में बुजुर्ग ने की खुदकुशी।
25 अक्तूबर 2021- दादरी में बीमार बुजुर्ग की मौत के बाद चूहों ने नोचा शव।
कोट :
सवेरा योजना का फिर से सुचारू किया जाएगा। क्षेत्र में रहने वाले बुजर्गों का हाल जानने के लिए थाना पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे। अगर बुजुर्गों की कोई समस्या सामने आती है तो उसका भी निस्तारण किया जाएगा। सेक्टर सोसाइटी में होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों में भी बुजुर्गों की देखभाल व उनके साथ साप्ताहिक या मासिक बैठक करने के लिए कहा जाएगा। - साद मियां खान, डीसीपी ग्रेटर नोएडा
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- सवेरा योजना में घर-घर पहुंचकर हाल पूछती थी पुलिस, अब जिले में नहीं ले रहा कोई सुध
- सेवानिवृत डाक्टर ने सीनियर सिटीजन क्लब बनाने की उठाई थी मांग, वीडियो हुआ वायरल
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में बुजुर्गों की देखभाल के लिए शुरू की गई सवेरा योजना जिले में कागजों में सिमट गई है। इससे जिले में रहने वाले बुजुर्गों के जीवन में अंधेरा छा गया है। योजना लागू नहीं होने से अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपना दुख सुख किसी को बता नहीं पा रहे। साथ ही किसी अनहोनी की सूरत में उन्हें मदद भी नहीं मिल पा रही है। रविवार रात बीटा-1 में जिस सेवानिवृत डाॅक्टर अमिया सिन्हा का शव उनके घर मिला, उन्होंने भी सीनियर सिटीजन होम्स या क्लब बनाने की मांग की थी। उनकी मौत के बाद डॉक्टर का वीडियो वायरल हो गया है।
शुरुआत में सवेरा योजना का काफी प्रचार किया गया था। हर जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस बुजुर्गों की मदद के लिए इसकी जानकारी देती थी। योजना से जुड़ने के लिए बुजुर्गों को केवल यूपी 112 पर कॉल करनी होती थी। इसके बाद पुलिस खुद नियमित रूप से बुजुर्गों का हाल जानती थी। इसके अलावा थाना पुलिस व बीट के सिपाहियों को बुजुर्गों की जानकारी जुटाकर उनकी देखभाल करने के निर्देश दिए गए थे। कई बार पुलिस ने घरेलू सामान से लेकर दवा आदि बुजुर्गों के घर तक पहुंचाई थी। यहां तक कि कोरोना काल में भी पुलिस ने बुजुर्गों की काफी देखभाल की थी। लेकिन धीरे-धीरे ये योजना कागजों में सिमट गई और जिले की एकांकी बुजुर्ग लगभग बेसहारा हो गए।
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बीटा-1 में सेवानिवृत महिला डाक्टर का कई दिन तक शव घर में पड़े होने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार अनदेखी के कारण बुजुर्गों के सुध नहीं लेने के मामले सामने आए हैं। कई बार बुजर्गों के खुदकुशी और संदिग्ध मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं। बीटा-1 निवासी हरेंद्र भाटी ने बताया कि डाक्टर जागरूक महिला थीं। वे अक्सर सेक्टर में समस्याओं के निस्तारण की मांग करतीं रहतीं थीं।
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पहले आए मामले
22 जनवरी 2023 - ग्र्रेनो वेस्ट की फ्यूजन होम्स सोसाइटी में कर्ज में डूबे बुजुर्ग ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी।
24 नवंबर 2022 - चेरी काउंटी सोसाइटी में 22वीं मंजिल से गिरकर बुजुर्ग महिला की मौत।
दो जुलाई 2022 - सेक्टर-78 में बुजुर्ग महिला ने 10 वीं मंजिल से कूदकर जान दी।
एक जुलाई 2022 - ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रींस-2 सोसाइटी में बुजुर्ग ने की खुदकुशी।
25 अक्तूबर 2021- दादरी में बीमार बुजुर्ग की मौत के बाद चूहों ने नोचा शव।
कोट :
सवेरा योजना का फिर से सुचारू किया जाएगा। क्षेत्र में रहने वाले बुजर्गों का हाल जानने के लिए थाना पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे। अगर बुजुर्गों की कोई समस्या सामने आती है तो उसका भी निस्तारण किया जाएगा। सेक्टर सोसाइटी में होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों में भी बुजुर्गों की देखभाल व उनके साथ साप्ताहिक या मासिक बैठक करने के लिए कहा जाएगा। - साद मियां खान, डीसीपी ग्रेटर नोएडा